Punarnavasava की जानकारी
उत्पाद प्रकार Ayurvedic
संयोजन सौंठ + कालीमिर्च + नीम की अंतरछाल + धाय के फूल + आंवला + एरंड की जड़ + अड़ूसा के पत्ते + पीपल + हरड़ + बहेड़ा + दारूहल्दी + गोखरू + छोटी कटेली + बड़ी कटेली +  कुटकी + गजपीपल + पुनर्नवा + गिलोय + सूखी मूली + धमासा + पटोलपत्र + मुनक्का + मिश्री + शहद
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पुनर्नवासव के फायदे, नुकसान, खुराक, सावधानी | Punarnavasava in Hindi

परिचय

पुनर्नवासव क्या है?-What is Punarnavasava in Hindi

पुनर्नवासव एक आसव विधि द्वारा बनाई गई हर्बल और आयुर्वेदिक दवा है, जो Diuretic (मूत्रवर्धक) का कार्य करती है।

पुनर्नवासव, सिरप (Syrup) रूप में उपलब्ध होती है।

यह दवा शरीर को विकार मुक्त बनाकर सामान्य कामकाज को निरंतर बनाये रखती है।

लीवर और किडनी की दुर्बलता, सूजन, कमजोर हृदय, बुखार, एसिडिटी, जल भराव आदि सभी विकारों में सुधार कर पुनर्नवासव सिरप शरीर को एक मजबूत स्वास्थ्य प्रदान करती है।

सूजन के ज्यादा देर तक बनें रहने से किड़नी खराब होने के आसार बढ़ जाते है, इस स्थिति में यह दवा एक सुरक्षित विकल्प बनकर उभरती है।

साथ ही, इस दवा में 5-10% प्राकृतिक एल्कोहोल पहले से उपस्थित होता है, जो स्वास्थ्य सुधारक के रूप में कार्य करता है।

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संयोजन

पुनर्नवासव की संरचना-Punarnavasava Composition in Hindi

निम्न घटक पुनर्नवासव में होते है।

सौंठ + कालीमिर्च + नीम की अंतरछाल + धाय के फूल + आंवला + एरंड की जड़ + अड़ूसा के पत्ते + पीपल + हरड़ + बहेड़ा + दारूहल्दी + गोखरू + छोटी कटेली + बड़ी कटेली +  कुटकी + गजपीपल + पुनर्नवा + गिलोय + सूखी मूली + धमासा + पटोलपत्र + मुनक्का + मिश्री + शहद

पुनर्नवासव कैसे काम करता है?

यह सिरप जल भराव के लिए जिम्मेदार गतिविधियों को नियंत्रित कर मूत्रवर्धक का कार्य करती है, और उत्पन्न विकारों का इलाज करती है।

किड़नी में ज्यादा सूजन को कम करने के लिए, यह दवा अनावश्यक जमा हुए द्रव्य को मूत्र की सहायता से शरीर के बाहर निष्कासित करती हैं और किडनी को खराब होने से बचाती है।

दवा में उपस्थित कुछ घटकों में Analgesic गुण पाया हैं, जो बुखार को कम कर बुखार-नाशक का कार्य करते है।

शहद में शीतलता प्रदान करने का गुण होता हैं जो शारीरिक जलन से राहत प्रदान हेतु मददगार है।

यह दवा पेट की अम्लता और अन्य प्रकार की समस्याओं के समाधान हेतु पाचन तंत्र को मजबूत बनाकर भी कार्य करती है।

फायदे

पुनर्नवासव के उपयोग व फायदे-Punarnavasava Uses & Benefits in Hindi

पुनर्नवासव को निम्न अवस्था व विकार में डॉक्टर द्वारा रोगी को सलाह किया जाता है-

  • उदर रोगों से छुटकारा
  • लीवर की कुशलता बढ़ाने में फायदेमंद
  • बुखार-नाशक
  • आंतरिक सूजन का समाधान
  • गुर्दे की पथरी को मिटाने में सहायक
  • हृदय को प्रबल बनाने में उपयोगी
  • जल भराव से होने वाले रोगों का उपचार
  • एसिडिटी में लाभकारी
  • तिल्ली बढ़ोत्तरी के रोकथाम
  • उचित पित्त प्रवाह में मददगार
  • यकृत की कोशिकाओं को सुरक्षा प्रदान करना
  • सिरोसिस और हेपेटाइटिस का निराकरण
  • पेट में टयूमर (Gulma) का इलाज
  • लीवर की दुर्बलता दूर करने में फायदेमंद

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दुष्प्रभाव

पुनर्नवासव के दुष्प्रभाव-Punarnavasava Side Effects in Hindi

एक बेहतरीन आयुर्वेदिक दवा होने की वजह से इसके फायदों की तुलना में नुकसान ना के बराबर है।

अतिसंवेदनशीलता की स्थिति में इस दवा के सेवन में थोड़ी सावधानी बरती जानी आवश्यक हैं, क्योंकि इससे अल्पकालिक लक्षण पैदा हो सकते है।

इसकी अति या दुरुपयोग से निम्न साइड इफ़ेक्ट्स हो सकते है।

  • सूजन का स्थिर रहना
  • हल्का सिरदर्द
  • उल्टी
  • चक्कर
  • भूख न लगना
  • उनींदापन

खुराक

पुनर्नवासव की खुराक-Punarnavasava Dosage in Hindi

पुनर्नवासव की खुराक शुरू करने के लिए आयुर्वेदिक डॉक्टर का पूरा सहयोग लेना उचित होता है।

आमतौर पर, पुनर्नवासव की ज्यादातर मामलों में सुझाव की जाने वाली खुराक कुछ इस प्रकार है-

प्रोडक्ट खुराक

Punarnavasava
  • लेने का तरीक़ा: मौखिक खुराक
  • कितना लें: 12 से 24 ml
  • कब लें: सुबह और शाम
  • खाने के पहले या बाद: कभी भी
  • लेने का माध्यम: पानी के साथ
  • उपचार अवधि: डॉक्टर की सलाह अनुसार

बच्चों में भी इसकी खुराक सुरक्षित होती हैं, लेकिन हर जटिलताओं से बचने हेतु बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह लाभकारी होती हैं।

दिन में इसकी खुराक पानी के साथ बराबर मात्रा में मिलाकर दो बार किया जाना चाहिए।

ओवरडोज़ का पता लगते ही खुराक बंद कर चिकित्सा सुविधा ली जानी चाहिए।

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सावधानी

पुनर्नवासव से जुड़ी जरुरी सावधानी और चेतावनी कुछ इस प्रकार है।

भोजन

पुनर्नवासव के साथ किसी भोजन पर पाबंधी नहीं होती है।

जारी दवाई

पुरानी जारी दवाई होने पर डॉक्टर से निजी सलाह के बाद ही पुनर्नवासव का सेवन करें।

लत लगना

नहीं, पुनर्नवासव की लत नहीं लगती है।

ऐल्कोहॉल

इस हर्बल और आयुर्वेदिक दवा को एल्कोहोल के साथ सेवन करने से परहेज किया जाना चाहिए।

गर्भावस्था

गर्भावस्था में भी इसका इस्तेमाल बिना संकोच किया जा सकता है, लेकिन हर परेशानियों से बचने हेतु इस बारें में अपने डॉक्टर से जरूर पूछ ले।

स्तनपान

स्तनपान काराने वाली महिलाओं पर पुनर्नवासव का प्रभाव अज्ञात है।

ड्राइविंग

हाँ पुनर्नवासव के सेवन के बाद ड्राइविंग सुरक्षित है।

कीमत

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सवाल-जवाब

क्या पुनर्नवासव मासिक धर्म चक्र को प्रभावित करती है?

मासिक धर्म जैसी प्राकृतिक गतिविधियों को यह दवा प्रभावित नहीं करती है।

पुनर्नवासव का असर कितने समय में दिखना शुरू हो जाता है?

इसकी खुराक को पूरी समझ के साथ शुरू करने के बाद एक या दो प्रारंभिक सप्ताहों में इसका असर महसूस होना शुरू हो जाता हैं।

क्या पुनर्नवासव भारत में लीगल है?

हाँ, यह दवा भारत में पूर्णतया लीगल है।

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