Kumaryasava की जानकारी
उत्पाद प्रकार Ayurvedic
संयोजन एलोवेरा + कुमार + ताम्र भस्म + हरीतकी + चव्य + धाताकी + जतिफल + मधु + जटामांसी + गुड + लवंग + कंकोल + जातिपत्र + चित्रक + पुष्कर्मूल + लोह भस्म
डॉक्टर की पर्ची जरुरी नहीं
Kumaryasava in Hindi

कुमारी आसव के फायदे, नुकसान, खुराक, सावधानी | Kumaryasava in Hindi

परिचय

कुमारी आसव क्या है?-What is Kumaryasava in Hindi

कुमारी आसव एक हर्बल पदार्थों से बनी आयुर्वेदिक दवाई है, जो मानव की कार्यशैली में सुधारकर स्वास्थ्य की गुणवत्ता को बनायें रखती है।

यह एक पॉली लिक्विड तरल है, जिसे मौखिक रूप से ग्रहण किया जाता है।

इसमें पहले से 5-10% स्वयं निर्मित एल्कोहोल होता है, जो हर्बल तत्वों को शरीर के अंदर घुलने में मदद करता है।

कुमारी आसव का उपयोग पेट की खराबी, बुखार, खांसी, बवासीर, कफ, मासिक धर्म से जुड़ी परेशानियों, सांस में दिक्कत, सर्दी, रक्त में कमी, मूत्र पथ के विकार, कब्ज, त्वचा की क्षति आदि सभी लक्षणों के रोकथाम हेतु किया जाता है।

साथ ही, अनचाही परेशानियों जैसे नपुंसकता, कामेच्छा में गिरावट, शक्राणु में असंतुलन आदि के इलाज हेतु भी इस उत्पाद की सिफारिश की जा सकती है।

कुमारी आसव को बहुत सी कंपनी द्वारा बनाया जाता है, लेकिन केरला आयुर्वेदा, डाबर, पतंजलि और बैद्यनाथ शीर्ष है।

कुमारी आसव OTC उत्पाद के रूप में उपलब्ध है, जिसे डॉक्टर की पर्ची के बिना भी उपयोग व खरीद सकते है।

कुमारी आसव को आप ऑनलाइन अमेज़न से खरीद सकते है, जहाँ आपको कुछ प्रतिशत छूट भी मिलेगी। (और पढ़िये: डॉक्टर की पर्ची कैसे पढ़े?)

पढ़िये: आरोग्यवर्धिनी वटी | Kutajarishta in Hindi

संयोजन

कुमारी आसव की संरचना-Kumaryasava Composition in Hindi

निम्न घटक कुमारी आसव में होते है।

एलोवेरा + कुमार + ताम्र भस्म + हरीतकी + चव्य + धातकी + जतिफल + मधु + जटामांसी + गुड + लवंग + कंकोल + जातिपत्र + चित्रक + पुष्कर्मूल + लोह भस्म

कुमारी आसव कैसे काम करती है?

  • कुमारी आसव में एंटीऑक्सीडेंट का गुण शामिल होता है, जो एलोवेरा की उपस्थिति के कारण होता है। यह रक्त से अशुद्धियां मिटाकर रक्तशोधक का कार्य करती है और विषाक्त पदार्थों को भी नष्ट करती है।
  • इस दवा के अन्य घटक पित्त को नियंत्रित कर लीवर और किड़नी का अच्छे से रखरखाव रखते है और खराब पाचन तंत्र में भी सुधार करते है।
  • इस दवा के कुछ घटकों में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण होने के कारण यह बलगम से जुड़ी समस्याओं और संक्रमणों से रोकथाम कर इलाज करती है।
  • यह दवा सेक्स से जुड़ी नसों के ब्लॉकेज खोलकर नपुंसकता के इलाज में भी सहायक है और अन्य यौन संबंधी रोगों का भी निदान करती है। (और पढ़िये: नपुंसकता का आयुर्वेदिक इलाज)

फायदे

कुमारी आसव के उपयोग व फायदे-Kumaryasava Uses & Benefits in Hindi

निम्न उपयोग व फायदे कुमारी आसव के नियमित सही सेवन के है।

  • जरूरी पाचक रसों का नियमित स्राव
  • भूख में सुधार
  • कब्ज और अपच से छुटकारा
  • चर्बी का नाश
  • कामेच्छा में बढ़ोतरी
  • त्वचा की अच्छे से देखभाल
  • सर्दी, खांसी, बुखार जैसी सामान्य समस्याओं का इलाज
  • विटामिन और मिनरल की आपूर्ति
  • छाती की जकड़न दूर करना
  • श्वसन दर में सुधार
  • मूत्रपथ के विकारों का इलाज
  • लिवर के कामों में कुशलता (और पढ़िये: लिवर क्या है?)
  • गड़बड़ाए पाचन को पुनःस्थापित करने में फायदेमंद
  • क्रोनिक ब्रोंकाइटिस अटैक से बचाव
  • मासिक धर्म की समस्याओं को दूर करने में मददगार (और पढ़िये: मासिक धर्म की जानकारी)
  • पीलिया में फायदेमंद
  • गर्भाशय से जुड़ी समस्याओं में लाभकारी
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा
  • अस्थमा का इलाज

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दुष्प्रभाव

कुमारी आसव के दुष्प्रभाव-Kumaryasava Side Effects in Hindi

कुमारी आसव एक बेहतरीन हर्बल टॉनिक है, जिसे डॉक्टर की देखरेख में लेने से शायद ही कोई दुष्प्रभाव हो।

वैसे तो शत-प्रतिशत इस दवा के कोई साइड इफेक्ट नहीं है, लेकिन इससे छेड़खानी के बाद कुछ विषम परिस्थितियां पैदा हो सकती है।

खाली पेट इसकी अधिक खुराक लेने से पेट में जलन और उदासीनता हो सकती है, इसलिए इसे ज्यादातर भोजन के बाद लेने की सलाह दी जाती है।

यदि बिना मतलब इसका सेवन लगातार किया जा रहा हो, तो मूत्र में जलन की समस्या पैदा हो सकती है।

खुराक

कुमारी आसव की खुराक-Kumaryasava Dosage in Hindi

आमतौर पर, कुमारी आसव की ज्यादातर मामलों में सुझाव की जाने वाली खुराक कुछ इस प्रकार है-

उत्पाद खुराक

Kumaryasava
  • लेने का तरीक़ा: मौखिक खुराक
  • कितना लें: 10-15 ml
  • कब लें: सुबह और शाम
  • खाने के पहले या बाद: बाद
  • लेने का माध्यम: गुनगुने पानी के साथ
  • उपचार अवधि: डॉक्टर की सलाह अनुसार

इसकी खुराक में हर तरह का बदलाव डॉक्टर आधारित होना चाहिए।

बच्चों में भी इसकी खुराक दी जा सकती है, लेकिन खुराक की मात्रा को कम करना आवश्यक है। इस विषय में बाल रोग विशेषज्ञ को प्राथमिकता दी जानी आवश्यक है।

छुटी हुई खुराक को जल्द से जल्द लेने के बारें में सोचना चाहिए। यदि अगली खुराक का समय निकट है, तो छूटी हुई खुराक को छोड़ देना चाहिए।

दो खुराकों को साथ में लेने से बचा जाना चाहिए।

ओवरडोज महसूस होते ही नजदीकी चिकित्सा सहायता तलाश की जानी चाहिए।

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सावधानी

निम्न सावधानियों के बारे में कुमारी आसव के सेवन से पहले जानना जरूरी है।

भोजन

कुमारी आसव की भोजन के साथ प्रतिक्रिया की जानकारी अज्ञात है।

जारी दवाई

कुमारी आसव की अन्य दवाई के साथ प्रतिक्रिया की जानकारी अज्ञात है। इस विषय पर डॉक्टर से चर्चा करें।

लत लगना

नहीं, कुमारी आसव की लत नहीं लगती है।

ऐल्कोहॉल

शराब के साथ कुमारी आसव के सेवन से परहेज़ रखें।

गर्भावस्था

गर्भावस्था एक संवेदनशील अवस्था है, इसलिए गर्भावस्था में इसका सेवन डॉक्टर की देखरेख में किया करें।

स्तनपान

स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर, कुमारी आसव को डॉक्टर की सलाह से इस्तेमाल करें।

ड्राइविंग

कुमारी आसव के सेवन से ड्राइविंग क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ता है।

अन्य बीमारी

निम्न बीमारी होने पर कुमारी आसव का सेवन ना करें, जैसे- मधुमेह, बवासीर, अतिसंवेदनशीलता आदि।

कीमत

सवाल-जवाब

क्या कुमारी आसव मासिक धर्म चक्र को प्रभावित करती है?

नहीं, यह दवा मासिक धर्म चक्र को प्रभावित नहीं करती है, अपितु मासिक धर्म के प्रवाह को काबू करती है और दर्दनाक पीरियड्स को बेहतर बनाती है।

कुमारी आसव का असर कितने समय में महसूस होने लग जाता है?

आमतौर पर इसकी खुराक शुरू करने के 4-6 सप्ताहों के भीतर इसका असर दिखना शुरू हो जाता है। कुछ मरीजों में दवा का असर थोड़ा देर से हो सकता है।

क्या कुमारी आसव को भूखे पेट लिया जा सकता है?

इस दवा का सेवन भूखे पेट करने से गैस्ट्रिक समस्याएं हो सकती है और दवा का सही से अवशोषण नहीं हो पाता है। जिसकी वजह से दवा का असर कम रहता है, इसलिए भोजन के बाद ही इस दवा को लेने के बारें में सोचें।

क्या कुमारी आसव पाचन तंत्र में सुधार करती है?

हाँ, यह दवा भूख में बढ़ोतरी कर पाचन शक्ति सुधारती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है।

क्या कुमारी आसव भारत में लीगल है?

हाँ, यह दवा भारत में पूर्णतया लीगल है।

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