Kamdudha Ras

कामदुधा रस के फायदे, नुकसान, खुराक, सावधानी | Kamdudha Ras

Kamdudha Ras क्या है?

कामदुधा रस एक आयुर्वेदिक दवा है, जो अंनत रोगों में फायदेमंद हो सकता है।

यह दवा विशेषकर पित्त वृद्धि से पैदा हुई समस्याओं का निपटारा कर सकता है और पित्त को संतुलित बनायें रख सकती है।

यह पुरुषों से लेकर महिलाओं तक के लिए लाभदायक औषधि है, जो मासिक धर्म की परेशानियों को कम कर महिलाओं को बड़ी बीमारी नहीं लगने देती है।

कामदुधा रस एक ओवर द काउंटर प्रॉडक्ट है, जिसे खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची आवश्यक नहीं होती है।

नामKamsudha Ras
निर्माता (Manufacturer)Patanjali Ayurved Limited
संरचना (Composition)प्रवाल पिष्टी + मोती पिष्टी + मुक्ताशुक्ति भस्म + शंख भस्म + गिलोय
दवा-प्रकार (Type of Drug)आयुर्वेदिक
कीमत (Price)36 रूपये (10 ग्राम)

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कामदुधा रस की संरचना – Kamdudha Ras Composition in Hindi

निम्न घटक Kamdudha Ras में मौजूद होते है।

प्रवाल पिष्टी + मोती पिष्टी + मुक्ताशुक्ति भस्म + शंख भस्म + गिलोय

प्रवाल पिष्टी कैल्शियम और विटामिन सी का एक बेहद अच्छा स्त्रोत है, जो हड्डीयो को मजबूत करने और त्वचा संबंधी समस्याओं को ठीक करने में मददगार हो सकती है। इसके अलावा, यह अत्यधिक मासिक रक्त स्त्राव, पेट की समस्याएं, अल्सर, हेपेटाइटिस, मूत्र संस्थान से जुड़ी बीमारी, अंगों की जलन, शारीरिक व मानसिक कमजोरी जैसी अन्य कई लक्षणों का एक रामबाण इलाज हो सकती है।

मोती पिष्टी बल, वीर्य और बुद्धि का विकास करती है। वात और पित्त के असंतुलन से होने वाली समस्त परेशानियों के लिए, मोती भस्म एक वैद्य उपचार है। यह कोलेस्ट्रॉल और ग्लूकोज स्तर को नियंत्रित कर हृदय के जोखिमो को कम कर सकती है, जिससे हृदय स्वास्थ्य बेहतर हो सकता है।

मुक्तशुक्ति भस्म एसिडिटी के खिलाफ तुरंत प्रभावी होती है। मुक्तशुक्ति भस्म प्रकृति में गर्म होती है इसलिए इसे पित्त विकारों के लिए लाभकारी माना जाता है। आमतौर पर इसका उपयोग एसिडिटी, गैस्ट्रिक अल्सर, सीने की जलन, पेप्टिक अल्सर, भूख में कमी, बुखार, गैस, अपच, कैल्शियम की कमी आदि सभी लक्षणों के उपचार हेतु किया जाता हैं।

शंख भस्म खासकर विटामिन बी12 की कमी से होने वाले विकारों को ठीक कर सकती है क्योंकि ये बी12 का एक अच्छा स्त्रोत है। यह खून में लौह तत्व की पूर्ति कर एनीमिया का इलाज कर सकती है और तो और शारीरिक विकास को बढ़ावा देती है।

गिलोय इम्यून सिस्टम को बूस्ट कर कई खतरनाक बीमारियों से स्वास्थ्य की रक्षा करने में मदद कर सकता है। गिलोय का उपयोग एनीमिया और गैस्ट्रिक समस्याओं के लिए प्रभावी हो सकता है। इसके प्रयोग से मूत्र से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र निवारण किया जा सकता है।

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कामदुधा रस के फायदे – Uses in Hindi

निम्न अवस्था या विकार में Kamdudha Ras को विशेषज्ञ द्वारा रोगी को सलाह किया जाता है। Kamdudha Ras का उपयोग विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह बिना लिए ना करें।

  • पेट से जुड़े समस्त आम लक्षण जैसे कब्ज, सूजन, एसिडिटी, अपच, अतिसार, दस्त इत्यादि
  • हर प्रकार का बुखार जैसे क्रोनिक बुखार, निमोनिया, मलेरिया आदि।
  • छाती में दर्द या जलन
  • पेप्टिक अल्सर
  • त्वचा के विकार
  • ल्यूकोरिया यानी सफेद पानी की समस्या
  • मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएं
  • मानसिक कमजोरी, तनाव, चिंता
  • पेशाब में जलन या संक्रमण
  • खूनी बवासीर
  • प्लीहा वृद्धि
  • हृदय से जुड़े विकार
  • रक्त विकृति
  • उन्माद या सिरदर्द

कामदुधा रस के दुष्प्रभाव – Kamdudha Ras Side Effects in Hindi

कामदुधा रस को सही से इस्तेमाल करने पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है क्योंकि इसमें उपस्थित सभी घटक सुरक्षित और असरदार है।

लेकिन इसकी ज्यादा खुराक से कब्ज और चक्कर आ सकते है, जो इस दवा के दुर्लभ दुष्प्रभाव माने जा सकते है। इस प्रकार के साइड इफ़ेक्ट्स होने पर कामदुधा रस का इस्तेमाल करना बंद कर दें और दोबारा इसे किस अच्छे आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह पर ही शुरू करें।

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कामदुधा रस की खुराक – Dosage in Hindi

कामदुधा रस की खुराक पाउडर तथा गोली के रूप में ली जा सकती है। एक सामान्य व्यक्ति पाउडर रूप में इस दवा की रोजाना 120 से 240mg खुराक दिन में दो बार लें सकता है तथा गोली रूप में इसकी दिन में 2 गोलियां ली जा सकती है।

अधिक उम्र के वयस्क अथार्त 60 वर्ष से ज्यादा आयु के बुजुर्गों में कामदुधा रस की खुराक बढ़ाई जा सकती है।

हर आयु के लोगों में इसकी अधिकतम दैनिक खुराक एक ग्राम तक हो सकती है। ज्यादा छोटे बच्चों में इस दवा की खुराक बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह पर दें।

कामदुधा रस को भोजन के बाद लेने की सलाह दी जाती है क्योंकि भूखे पेट इस दवा से पेट में जलन महसूस हो सकती है।

इस दवा की उपचार अवधि 2 महीने की हो सकती है। इसे ज्यादा लंबे समय तक इस्तेमाल करने के लिए अपने डॉक्टर से बातचीत करें।

सावधानियां – Precautions in Hindi

निम्न सावधानियों के बारे में Kamdudha Ras के उपयोग से पहले जानना जरूरी है।

किसी अवस्था से प्रतिक्रिया

निम्न अवस्था व विकार में Kamdudha Ras से दुष्प्रभाव की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए जरूरत पर, विशेषज्ञ को अवस्था बताकर ही Kamdudha Ras की खुराक लें।

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