Arogyavardhini Vati की जानकारी
उत्पाद प्रकार Ayurvedic
संयोजन पारद + अभ्रक भस्म + गन्धक + ताम्र भस्म + लोह भस्म + हरीतकी + विभीतकी + आमलकी + गुग्गुल निर्यास + शिलाजतु + कुटकी + चित्रक + नीमपत्र के रस
डॉक्टर की पर्ची जरुरी नहीं
Arogyavardhini Vati in Hindi

आरोग्यवर्धिनी वटी के फायदे, नुकसान, खुराक, सावधानी | Arogyavardhini Vati in Hindi

परिचय

आरोग्यवर्धिनी वटी क्या है?-What is Arogyavardhini Vati in Hindi

आरोग्यवर्धिनी वटी सेहत को तंदुरुस्त रखने वाली एक बेहतरीन आयुर्वेदिक दवा है।

यह वटी स्वास्थ्य से जुड़ी कई परेशानियों को दूर कर, हमारे संपूर्ण सेहत (आरोग्य) का पूरा ध्यान रखती है।

इसका उपयोग हृदय रोग, पीलिया, सूजन, चर्बी की अधिकता, पुरानी कमजोरी, अपच, कमजोर पाचन, लिवर दुर्बलता, त्वचा की क्षति, खुजली, रक्त की कमी, मूत्र रोगों और अन्य कई विकारों के इलाज में किया जाता है.

साथ ही, यह वटी कुछ संवेदनशील स्थितियों जैसे गर्भावस्था, आंख, हृदय, फेफड़ों या शरीर के किसी भी भीतरी अंग में दर्द का निवारण कर सकती है।

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संयोजन

आरोग्यवर्धिनी वटी की संरचना-Arogyavardhini Vati Composition in Hindi

निम्न घटक आरोग्यवर्धिनी वटी में होते है।

पारद + अभ्रक भस्म + गन्धक + ताम्र भस्म + लोह भस्म + हरीतकी + विभीतकी + आमलकी + गुग्गुल निर्यास + शिलाजीत + कुटकी + चित्रक + नीमपत्र के रस

आरोग्यवर्धिनी वटी कैसे काम करती है?

  • बहुत-सी बीमारियां रक्त में उपस्थित अनेक अशुद्धियों की वजह से पैदा होती है, जिन्हें यह वटी दूर कर एक तंदुरुस्त स्वास्थ्य बनायें रखती है।
  • यह वटी मूत्र नली में आई रुकावट और सूजन को भी दूर करने में सहायक है। इसके अलावा, यह वटी खराब पाचन के कारण पैदा हुई आंतों की क्षति की भी भरपाई करती है।
  • अनियमित रूप से बढ़ रहे शारीरिक वजन की स्थिति में यह वटी अनावश्यक चर्बी का नाश कर वजन घटाने का कार्य करती है।

फायदे

आरोग्यवर्धिनी वटी के उपयोग व फायदे-Arogyavardhini Vati Uses & Benefits in Hindi

आरोग्यवर्धिनी वटी के निम्न उपयोग व फायदे नियमित सेवन करने के है।

  • पाचन शक्ति बढ़ाने में फायदेमंद
  • आवश्यक धातुओं को संतुलित करने में लाभकारी
  • एनीमिया की रोकथाम
  • सूजन से मुक्ति
  • कुष्ठ रोगों के इलाज में मददगार
  • त्वचा की क्षति को दूर करना
  • भूख बढ़ाना
  • उच्च गुणवत्ता से परिपूर्ण
  • मोटापा कम करने में लाभदायक
  • पीलिया का इलाज
  • छाती की जकड़न दूर करने में
  • श्वसन दर में बढ़ोतरी
  • मूत्र की जटिलता दूर करने में
  • विषाक्ता को फटाफट दूर करना
  • मल त्यागने में मददगार
  • लिवर की रक्षा करें (और पढ़िये: लिवर क्या है?)
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी
  • सभी प्रकार के इंफेक्शन

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दुष्प्रभाव

आरोग्यवर्धिनी वटी के दुष्प्रभाव-Arogyavardhini Vati Side Effects in Hindi

  • आरोग्यवर्धिनी वटी से दुष्प्रभाव की संभावना बहुत कम है। क्योंकि यह इतनी अच्छी आयुर्वेदिक दवा है, कि इसे लंबे समय तक लिए जाने पर भी शारीरिक या मानसिक स्थिति पर इसका कोई दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिलता है।
  • इसकी गलत या ज्यादा खुराक से सिर दर्द, भारीपन, थकावट, कमजोरी, चिड़चिड़ापन, अकेला महसूस करना आदि सभी समस्याएं हो सकती है।

खुराक

आरोग्यवर्धिनी वटी की खुराक-Arogyavardhini Vati Dosage in Hindi

आरोग्यवर्धिनी वटी की खुराक से संबंधित हर तरह की जानकारी आयुर्वेदिक डॉक्टर या विशेषज्ञ से लेवें।

आमतौर पर, कुमारी आसव की ज्यादातर मामलों में सुझाव की जाने वाली खुराक कुछ इस प्रकार है-

उत्पाद खुराक

Arogyavardhini Vati
  • लेने का तरीक़ा: मौखिक खुराक
  • कितना लें: 200-250 mg
  • कब लें: सुबह और शाम
  • खाने के पहले या बाद: कभी भी
  • लेने का माध्यम: शहद के साथ
  • उपचार अवधि: 4-6 महीने

सुविधानुसार खुराक को कम या ज्यादा करने से हमेशा बचें।

बच्चों में इसकी जानकारी देने के लिए बाल रोग विशेषज्ञ की मदद लें।

ओवरडोज़ महसूस होते ही जल्द से जल्द खुराक बंद कर चिकित्सा सहायता तलाश करें।

एक खुराक छूट जाये, तो निर्धारित आरोग्यवर्धिनी वटी का सेवन जल्द करें। अगली खुराक आरोग्यवर्धिनी वटी की निकट हो, तो छूटी खुराक ना लें।

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सावधानी

निम्न सावधानियों के बारे में आरोग्यवर्धिनी वटी के सेवन से पहले जानना जरूरी है।

भोजन

भिन्न खाद्य सामग्री के साथ आरोग्यवर्धिनी वटी की प्रतिक्रिया की जानकारी अज्ञात है।

जारी दवाई

आरोग्यवर्धिनी वटी की अन्य दवा के साथ प्रतिक्रिया की जानकारी अज्ञात है। अगर आप किसी भी गंभीर विकार की दवाई लगातार लेते है, तो इस विषय पर डॉक्टर से उचित सलाह जरूर लें। ।

लत लगना

नहीं, आरोग्यवर्धिनी वटी की लत नहीं लगती है।

ऐल्कोहॉल

शराब और आरोग्यवर्धिनी वटी की साथ में प्रतिक्रिया की जानकारी अज्ञात है।

गर्भावस्था

गर्भावस्था एक संवेदनशील अवस्था है, इसलिए आरोग्यवर्धिनी वटी का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

स्तनपान

स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर, आरोग्यवर्धिनी वटी के प्रभाव की जानकारी अज्ञात है।

ड्राइविंग

आरोग्यवर्धिनी वटी के सेवन से ड्राइविंग क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ता है।

अन्य बीमारी

निम्न बीमारी होने पर आरोग्यवर्धिनी वटी का सेवन ना करें, जैसे- भ्रम, एलर्जी, पित्त अधिकता, अतिसंवेदनशीलता आदि।

कीमत

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