Mahasudarshan Churna की जानकारी
उत्पाद प्रकार Ayurvedic
संयोजन त्रिफला + कंटकारी + मरीचा + पिप्पली + चिरायता + हरिद्रा + दरहरिद्र + बृहती + कर्चूरा + सुण्ठी + गुडुची + कटुका + मोथा + नीम छाल + मूर्वा + धन्वायसा + पर्पट + त्रयमाणा + हृवेरा + मुलेठी + कुटज + भारंगी + पुष्कर + यवनी + इंद्रायवा + वच + त्वक + विडंग + शिग्रु + सौरास्ट्री + पद्मका + श्वेतचन्दना + अतिविष + शालपर्णी + बला + पृश्निपर्णी + चित्रक + टगर + लवंग + कमला + अश्वगंधा + देवदारु + चव्य + पटोल + वंशलोचन + तेजपत्र + विदारीकन्द + जटीफला + किरततिक्ता
डॉक्टर की पर्ची जरुरी नहीं
Mahasudarshan Churna in Hindi

महासुदर्शन चूर्ण के फायदे, नुकसान, खुराक, सावधानी, उपयोग | Mahasudarshan Churna in Hindi

नाम (Name)Mahasudarshan Churna
संरचना (Composition)त्रिफला + कंटकारी + मरीचा + पिप्पली + चिरायता + हरिद्रा + दरहरिद्र + बृहती + कर्चूरा + सुण्ठी + गुडुची + कटुका + मोथा + नीम छाल + मूर्वा + धन्वायसा + पर्पट + त्रयमाणा + हृवेरा + मुलेठी + कुटज + भारंगी + पुष्कर + यवनी + इंद्रायवा + वच + त्वक + विडंग + शिग्रु + सौरास्ट्री + पद्मका + श्वेतचन्दना + अतिविष + शालपर्णी + बला + पृश्निपर्णी + चित्रक + टगर + लवंग + कमला + अश्वगंधा + देवदारु + चव्य + पटोल + वंशलोचन + तेजपत्र + विदारीकन्द + जटीफला + किरततिक्ता
दवा-प्रकार (Type of Drug)आयुर्वेदिक दवा
उपयोग (Uses)मलेरिया, क्रोनिक बुखार, टायफायड, लीवर रोग, मूत्र में रुकावट आदि
दुष्प्रभाव (Side Effects)अनिद्रा, निम्न रक्तचाप, आँखों में जलन, त्वचा पर एलर्जी
ख़ुराक (Dosage)डॉक्टरी सलाह अनुसार
किसी अवस्था पर प्रभावअतिसंवेदनशीलता, अनियमित रक्तचाप
खाद्य पदार्थ से प्रतिक्रियाअज्ञात
अन्य दवाई से प्रतिक्रियाअज्ञात

परिचय

महासुदर्शन चूर्ण क्या है? – What is Mahasudarshan Churna in Hindi

महासुदर्शन चूर्ण द्वारा पाचन, कफ, कुष्ठ, कटु, ज्वर, कृमि, दाह, अरुचि, दृश्य और ज्ञानेन्द्रिय से मेल रखने वाले विकारों पर विजय पाई जा सकती है।

यह चूर्ण खराब हजम शक्ति और अन्न के सड़ने से बने आमविष को नष्ट करता है, जिससे मुख्यतः बुखार की संभावना का ह्यस होता है।

महासुदर्शन चूर्ण मानसिक सोच में विस्तार कर स्वास्थ्य को अंततः मजबूत बनाता है। यह चूर्ण हर तरह के बुखार में ज्वरनाशक का कार्य करता है, जिन बुखारों की विस्तृत सूची आयुर्वेद चिकित्सा में उल्लेखनीय है।

महासुदर्शन चूर्ण रक्तशोधक, एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल, एंटीऑक्सीडेंट और विरेचक प्रवृत्ति का है, जिसमें स्वास्थ्य की कष्टता को सरलता से शून्य करने की क्षमता होती है।

महासुदर्शन चूर्ण विषाक्त पदार्थों की उपस्थिति को कम कर प्रतिरक्षा प्रणाली को शक्तिशाली बनाता है, जो संभावित दोषों के लिए कवच का कार्य करता है।

महासुदर्शन चूर्ण शरीर में लंबे समय से चल रही हरारत, जिसका पता लगाना थोड़ा मुश्किल होता है, ऐसी स्थितियों के लिए भी यह चूर्ण काफी मददगार साबित हो सकता है।

यह निम्न कंपनी व ब्रांड के नाम से प्रचलित है।

  • Baidyanath Mahasudarshan Churna
  • Dabur Mahasudarshan Churna
  • Zandu Mahasudarshan Churna

संयोजन

महासुदर्शन चूर्ण की संरचना – Mahasudarshan Churna Composition in Hindi

निम्न घटक महासुदर्शन चूर्ण में मौजूद होते है।

त्रिफला + कंटकारी + मरीचा + पिप्पली + चिरायता + हरिद्रा + दरहरिद्र + बृहती + कर्चूरा + सुण्ठी + गुडुची + कटुका + मोथा + नीम छाल + मूर्वा + धन्वायसा + पर्पट + त्रयमाणा + हृवेरा + मुलेठी + कुटज + भारंगी + पुष्कर + यवनी + इंद्रायवा + वच + त्वक + विडंग + शिग्रु + सौरास्ट्री + पद्मका + श्वेतचन्दना + अतिविष + शालपर्णी + बला + पृश्निपर्णी + चित्रक + टगर + लवंग + कमला + अश्वगंधा + देवदारु + चव्य + पटोल + वंशलोचन + तेजपत्र + विदारीकन्द + जटीफला + किरततिक्ता

पढ़िये: तालिसादी चूर्ण | Panchsakar Churna in Hindi

महासुदर्शन चूर्ण कैसे काम करती है?

  • त्रिफला इस चूर्ण का मुख्य सक्रिय घटक है। यह वायरल और बैक्टिरियल संक्रमणों के खिलाफ हमेशा से प्रभावी रहा है। इसमें मौजूद टैनिक और गैलिक एसिड मल को मुलायम कर कब्ज से छुटकारा दिला सकते है। त्रिफला में एलेजिक एसिड होता है, जो बीमारी को जकड़ को कम कर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करता है। रक्त की शुद्धि और हर अंगों तक रक्त का पहुँचना बेहद आवश्यक होता है। ऐसे में, त्रिफला रक्त परिसंचरण कार्य को स्पष्ट कर आधी से ज्यादा बीमारियों का नाश करता है।
  • गुडुची (गिलोय) को बुखार, पीलिया, गठिया, एसिडिटी, कब्ज, अपच जैसी आम स्थितियों के लिए प्रयोग किया जाता है। इसमें एंटीपायरेटिक गुण प्रधान होते है, जो डेंगू बुखार में तेज असरदार है। गिलोय ज्यूस में खून की कमी से होने वाले एनीमिया रोगों को ठीक करने वाले अपार गुण शामिल होते है।
  • मोथा को एक तरफ खेती के लिए मुसीबत कहा जाता है, वही दूसरी तरफ इसके अनेकों फायदों से स्वास्थ्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। मोथा की घास चर्म और पाचन रोगों को ठीक करने का कार्य करती है। इसे अत्यधिक कफ से होने वाली उल्टी को रोकने और नशा उतारने के लिए प्रयोग किया जा सकता है।
  • मुलेठी की मधुरता पित्त के नाश का कारण बन सकती है। यह अम्लपित्त और अग्निमांद्य के लिए एक उपयुक्त इलाज हो सकता है। मुलेठी पेशाब की जलन और प्लीहा वृद्धि की समस्या का निपटारा करने में सहायक हो सकती है।
  • विडंग एक उत्कृष्ट कृमिनाशक शक्ति है। यह आंत्र और रक्तवाहिनियों में कृमि को खत्म कर पाण्डु रोग से राहत दिला सकता है।
  • चित्रक वात, पित्त और कफ त्रिदोष को ठीक कर अपना परिचय देता है। यह पेट की सूजन को दूर कर पेट की भंडारण और पाचन क्षमता को बढ़ाता है। चित्रक पेचिश, खुजली, मिर्गी, तांत्रिका विकार, मोटापा, सिरदर्द, बुखार आदि सभी के लिए प्रभावी हो सकता है।
  • लवंग में वातहर गुण होते है, जो पाचक रसों को उत्तेजित कर पाचन प्रक्रिया में विस्तार करता है। लवंग की तासीर गर्म होती है, जो श्वसन तंत्र से जुड़े पुराने विकारों के इलाज में सक्रिय हो सकता है।
  • वंशलोचन माइग्रेन का इलाज कर मस्तिष्क को शांत रखने में कारगर हो सकता है।

फायदे

महासुदर्शन चूर्ण के उपयोग व फायदे – Mahasudarshan Churna Uses & Benefits in Hindi

महासुदर्शन चूर्ण को निम्न अवस्था व विकार में सलाह किया जाता है।

  • मलेरिया
  • क्रोनिक बुखार
  • टायफायड
  • लीवर रोग
  • मूत्र में रुकावट
  • स्वाइन फ्लू
  • भूख न लगना
  • पीलिया
  • बदन दर्द
  • एनीमिया
  • विषाक्ता
  • सर्दी-जुखाम
  • खाँसी
  • संक्रमित पेट
  • श्वसन संक्रमण
  • अपच
  • थकान
  • मतली
  • तिल्ली वृद्धि

दुष्प्रभाव

महासुदर्शन चूर्ण के दुष्प्रभाव – Mahasudarshan Churna Side Effects in Hindi

निम्न साइड एफ़ेक्ट्स महासुदर्शन चूर्ण के कारण हो सकते है। आमतौर पर साइड एफ़ेक्ट्स महासुदर्शन चूर्ण से शरीर की अलग प्रतिक्रिया व गलत खुराक से होते है और सबको एक जैसे साइड एफ़ेक्ट्स नहीं होते है। अत्यंत महासुदर्शन चूर्ण से दुष्प्रभाव में डॉक्टर की सहायता लें।

  • अनिद्रा
  • निम्न रक्तचाप
  • आँखों में जलन
  • त्वचा पर एलर्जी

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खुराक

महासुदर्शन चूर्ण की खुराक – Mahasudarshan Churna Dosage in Hindi

  • महासुदर्शन चूर्ण की निजी खुराक हमेशा डॉक्टर या विशेषज्ञ को अपनी अवस्था बताकर लेनी चाहिए।
  • महासुदर्शन चूर्ण की खुराक एक आम वयस्क के लिए, रोजाना दिन में दो बार 3 ग्राम से 6 ग्राम तक निर्देशित है।
  • महासुदर्शन चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ लेना बेहद लाभकारी है। इस चूर्ण के उत्पाद की एक्सपायरी को एक बार जरूर जांच लें।
  • महासुदर्शन चूर्ण बच्चों, बुजुर्गों और नौजवान, सभी उम्र के लिए एक जायज औषधि है। लेकिन मरीजों की मेडिकल स्थिति के आधार पर, इस दवा की सटीक खुराक का चयन चिकित्सक द्वारा किया जाना उचित है।
  • महासुदर्शन चूर्ण में मौजूद घटकों की जानकारी प्राप्त करने का प्रयत्न करें। इससे एलर्जिक घटकों के सेवन से बचा जा सकता है।
  • महासुदर्शन चूर्ण की खुराक में सुविधानुसार बदलाव करने से बचें। इस चूर्ण की खुराक को रोकने हेतु डॉक्टरी सलाह का अनुसरण करें।
  • एक खुराक छूट जाये, तो निर्धारित महासुदर्शन चूर्ण का सेवन जल्द करें। अगली खुराक महासुदर्शन चूर्ण की निकट हो, तो छूटी खुराक ना लें।

सावधानी

निम्न सावधानियों के बारे में महासुदर्शन चूर्ण के सेवन से पहले जानना जरूरी है।

किसी अवस्था से प्रतिक्रिया

निम्न अवस्था व विकार में महासुदर्शन चूर्ण से दुष्प्रभाव की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए जरूरत पर, डॉक्टर को अवस्था बताकर ही महासुदर्शन चूर्ण की खुराक लें।

  • अतिसंवेदनशीलता
  • अनियमित रक्तचाप

भोजन के साथ प्रतिक्रिया

महासुदर्शन चूर्ण की भोजन के साथ प्रतिक्रिया की जानकारी अज्ञात है।

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सवाल-जवाब

क्या महासुदर्शन चूर्ण लकवाग्रस्त लोगों के लिए सुरक्षित है?

लकवा की स्थिति में शरीर के अंग काम नहीं करते है। बुखार या अन्य रोग जो इस चूर्ण द्वारा ठीक हो सकते है, तो यह चूर्ण लकवा पीड़ित लोगों में अच्छा हो सकता है। इस चूर्ण में मौजूद किसी भी घटक से एलर्जी होने पर, इसकी खुराक डॉक्टर की देखरेख में ही लें।

क्या महासुदर्शन चूर्ण यौन दुर्बलताओं को ठीक करने में सहायक हो सकता है?

यह हितकारी चूर्ण संपूर्ण सेहत को निरोगी रहने का वरदान देता है। यह पाचन से लेकर श्वसन, प्रतिरक्षा और यौन प्रणाली तक में सुधार कर सकता है। इस चूर्ण में मौजूद गर्म घटक यौन अंगों में उत्तेजना बनायें रखते हैं। साथ ही, यौन शक्ति और यौन प्रदर्शन को बेहतर बना सकते है।

क्या महासुदर्शन चूर्ण ल्यूकोरिया (सफेद पानी) के इलाज में सहायक हो सकता है?

महिलाओं में ल्यूकोरिया की समस्या आम बात हो गई है। इस परेशानी के इलाज हेतु महासुदर्शन चूर्ण के चयन से पहले डॉक्टरी सलाह अवश्य लें।

क्या महासुदर्शन चूर्ण स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित है?

इस चूर्ण का प्रभाव स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित होता है। सुरक्षा के नजरिये से, यह चूर्ण ऐसी महिलाओं के लिए एक सशक्त उदाहरण है। ज्यादा अच्छे परिणाम के लिए, इस विषय में अपने डॉक्टर से परामर्श लें सकते है।

क्या महासुदर्शन चूर्ण मासिक धर्म चक्र को प्रभावित करता है?

यह चूर्ण मासिक धर्म चक्र की कठिनाइयों को दूर करने में उपयोगी हो सकता है। यह चूर्ण रक्तस्राव को कम कर खून की हानि को रोकता है। लेकिन यह चूर्ण मासिक धर्म चक्र की गतिविधियों जैसे समय चक्र, अंड निर्माण, गर्भावस्था विकास आदि सभी में हस्तक्षेप नहीं करता है, इसलिए यह चूर्ण महिलाओं में पूर्णतया सुरक्षित है।

क्या महासुदर्शन चूर्ण भूखे पेट सुरक्षित है?

भूखे पेट इस्तेमाल की तुलना में, इस चूर्ण को भोजन के बाद लेना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। कभी-कभी भूखे पेट यह चूर्ण पेट में जलन पैदा कर सकता है।

क्या महासुदर्शन चूर्ण गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित है?

ज्ञात जानकारी के अनुसार, गर्भवती महिलाओं में यह चूर्ण सुरक्षित होता है। चिकित्सक द्वारा सुझाये गए नियमों का ढंग से पालन करने पर, गर्भवती महिलाओं में इस चूर्ण से बेहद अच्छा परिणाम मिल सकता है।

क्या महासुदर्शन चूर्ण एक नशेदार दवा है?

यह चूर्ण नशेदार नहीं है, क्योंकि इसमें शामिल किसी भी घटक में नशे का गुण नहीं होता है। दूसरी बात, यह चूर्ण नशेदार दवाओं की श्रेणी में नहीं आता है। लंबे समय तक इस चूर्ण को डॉक्टर की राय से ही लें।

क्या महासुदर्शन चूर्ण की खुराक के बाद ड्राइविंग करना सुरक्षित है?

इस चूर्ण की खुराक लेने के बाद ड्राइविंग को अंजाम दिया जा सकता है। यह चूर्ण मानसिक अस्थिरता का कारण नहीं बनता है, जिससे झपकी, धुंधलापन और चक्कर जैसे कारण गायब हो जाते है।

क्या महासुदर्शन चूर्ण एल्कोहोल के साथ सुरक्षित है?

एल्कोहोल के साथ यह चूर्ण नाजुक हो सकता है। एल्कोहोल की प्रतिक्रिया से इस चूर्ण के प्रभाव विपरीत हो सकते है, इसलिए ज्यादातर स्थितियों में इस चूर्ण को एल्कोहोल के साथ नजरअंदाज करें और भ्रम की स्थिति से बचें।

क्या महासुदर्शन चूर्ण भारत में लीगल है?

हाँ, यह आयुर्वेदिक चूर्ण भारत में पूर्णतया लीगल है।

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