लवंग

लौंग के फायदे, नुकसान, खुराक, सावधानी | Lavang in Hindi

लौंग क्या है?

लवंग यानी लौंग, सदियों से हमारी रसोई में इस्तेमाल होने वाले आम मसालों में से एक है। इस मसाले को आयुर्वेद बतौर दवा के रूप में इस्तेमाल करता है क्योंकि लवंग में बहुत-से लाभकारी गुण पाये जाते है।

लवंग तासीर में गर्म, महक में अत्यधिक सुंगधित और स्वाद में मसालेदार होता है।

लवंग का वैज्ञानिक नाम सिजीयम एरोमैटिकम (Syzygium aromaticum) है, जो मिर्टेसी कुल से संबंधित है।

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लवंग को कई भाषा में अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जैसे- लोंग, लौंग, क्लोव, वारिज, श्रीप्रसून आदि।

लौंग के वृक्ष पर लगभग 9 साल में फूल लगना शुरू हो जाते है, इसकी फूल कलियों को ही लौंग कहा जाता है।

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फायदे

लवंग के उपयोग व फायदे – Lavang Benefits & Uses in Hindi

लवंग के सेवन से निम्नलिखित फायदे हो सकते है।

  • लवंग में एंटीमाइक्रोबियल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रोपर्टी होने के कारण यह रोगाणुओं से लड़कर संक्रमण को ठीक करती है।
  • यह श्वशन मार्ग से बलगम को साफ कर, कफ वाली खाँसी, सूजन व गले में खराश से राहत दिलाती है।
  • लवंग को दर्द वाले दांत के करीब रखने से दांत दर्द में आराम मिलता है।
  • लवंग गर्म प्रकृति की होने के कारण इससे यौन स्वास्थ्य में कमाल का सुधार आता है।
  • लवंग के प्रयोग से जनन अंग की संवेदनशीलता कम होती है और शीघ्रपतन व स्तंभन दोष से छुटकारा मिलता है।
  • लवंग ब्लड शुगर लेवल को कम कर मधुमेह में उपयोगी हो सकती है।
  • सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या में लवंग फायदा करती है। (और पढ़िये: Brain Facts in Hindi)
  • लवंग अपच, गैस, बदहजमी, खट्टी डकार, एसीडिटी और भूख न लगने जैसी कई पेट से जुड़े कई लक्षणों को ठीक करती है।
  • लवंग में एंटी-एमेटिक गुण पाया जाता है, जिस कारण गर्भवती महिलाओं में लौंग के इस्तेमाल से उल्टी की समस्या बंद हो जाती है।
  • लवंग जोड़ो की मांसपेशियों को नरम कर जोड़ो के दर्द और सूजन से छुटकारा दिलाती है।
  • लवंग परिसंचरण तंत्र को बेहतर कर तनाव से छुटकारा दिलाती है और शरीर की थकान दूर करती है।

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दुष्प्रभाव

लवंग के दुष्प्रभाव – Lavang Side Effects in Hindi

लवंग में अत्यधिक गर्मी होती है, जिस कारण गर्मी के दिनों में इसका कम सेवन करना चाहिए।

लवंग के तेल त्वचा को लगाने से त्वचा जलने लग सकती है, इसलिए लवंग तेल को पतला कर के लगायें।

लवंग हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी जड़ी-बूटी है, लेकिन इसकी अति या दुरुपयोग से कुछ सामान्य दुष्प्रभाव हो सकते है-

  • पेट में जलन (और पढ़िये: Stomach facts in Hindi)
  • सांस लेने में कठिनाई
  • बेहोशी

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खुराक

लवंग की खुराक – Lavang Dosage in Hindi

लवंग की खुराक लेने के लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की मदद ली जा सकती है। आमतौर पर, इसकी ज्यादा सुझाव की जाने वाली खुराक कुछ इस प्रकार है-

लवंग चूर्ण दिन में 2 बार, एक चौथाई छोटी चम्मच मात्रा, मिश्री या शहद के साथ, भोजन के बाद लें।

लवंग तेल की 1-2 बूंदे दिन में दो बार इस्तेमाल करें। इन बूंदों को शहद के साथ मिलाकर भोजन के बाद लें।

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सावधानी

लवंग का इस्तेमाल करते समय कुछ सावधानियां ध्यान में रखनी चाहिए, जैसे-

  • क्षतिग्रस्त त्वचा होने पर, उस भाग पर लवंग तेल का आवेदन न करें।
  • लवंग में यूजेनॉल होता है। यदि आपको यूजेनॉल से एलर्जी की शिकायत है तो लवंग का इस्तेमाल करने से बचें।
  • दर्द कम करने या सुन्न करने वाले घटकों के साथ लवंग का इस्तेमाल न करें।

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