Yogendra Ras की जानकारी
उत्पाद प्रकार Ayurvedic
संयोजन रस सिंदूर + लौह भस्म + स्वर्ण भस्म + मोती भस्म + बंग भस्म + अभ्रक भस्म + कुमारी रस
डॉक्टर की पर्ची जरुरी नहीं
योगेन्द्र रस

योगेन्द्र रस के फायदे, नुकसान, खुराक, सावधानी | Yogendra Ras in Hindi

परिचय

योगेन्द्र रस क्या है? – What is Yogendra Ras in Hindi

योगेन्द्र रस बल, पाचन, स्मृति, वीर्य और ऊर्जा वर्धक औषधीय प्रारूप है।

इसे स्वर्ण भस्म जैसे मूल्यवान अवयवों से निर्मित किया जाता है, इसलिए योगेन्द्र रस को आयुर्वेद में स्वर्ण कल्प दवाओं की श्रेणी में स्थान दिया गया है।

योगेन्द्र रस दिल, दिमाग और यौन स्थितियों की खामियों के लिए एक बेहतरीन आयुर्वेदिक उपाय हो सकता है।

योगेन्द्र रस वात-पित्त शामक प्रवृति का रसायन है, जो उम्र के साथ या अन्य कारणों से बढ़ रहे वात और पित्त आघातों से स्वास्थ्य की रक्षा करता है।

इस औषधि में अपार गुण शामिल होते है, जिसके कारण यह दवा पुराने जोड़ों का दर्द, लकवा, पीठ दर्द, कमर दर्द, उन्माद, बेहोशी की स्थिति, भ्रम, मूत्र की समस्याएं, उच्च रक्तचाप, हिस्टीरिया, टीबी, प्रमेह, वीर्य विकार, यौन दुर्बलताएं, बवासीर, मिर्गी, अनिद्रा, खून की कमी, स्मृतिनाश, अम्लपित्त, अपच और विषाक्ता जैसे कई हालातों के लिए योग्य है।

यह एक OTC उत्पाद है, जिसे खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची नहीं चाहिए।

योगेन्द्र रस निम्न कंपनी व ब्रांड के नाम से प्रचलित है।

  • Baidyanath Yogendra Ras
  • Dabur Yogendra Ras
  • Zandu Yogendra Rasa
  • Dhootapapeshwar Yogendra Ras
  • Patanjali Divya Yogendra Ras

पढ़िये: बिल्वादि चूर्ण के फायदे | Lavan Bhaskar Churna in Hindi 

संयोजन

योगेन्द्र रस की संरचना – Yogendra Ras Composition in Hindi

निम्न घटक योगेन्द्र रस में मौजूद होते है।

रस सिंदूर + लौह भस्म + स्वर्ण भस्म + मोती भस्म + बंग भस्म + अभ्रक भस्म + कुमारी रस

योगेन्द्र रस कैसे काम करती है?

  • रस सिंदूर को जहरीले पारे से बनाया जाता है, जिसमें विषाक्त अवगुण अनुपस्थित होते है। रस सिंदूर फेफड़ों से जुड़े रोगों के लिए अग्रणी है। यह श्वाश में दिक्कत, पुरानी खाँसी, टीबी, संक्रमण, बुखार में फायदेमंद दवा है।
  • लौह भस्म को आयरन की कमी से होने वाले विकारों के लिए चुना जाता है। यह खून बनाने की क्रिया को उत्तेजित कर एनीमिया और पीलिया का उपचार करता है। मासिकधर्म के दौरान, अत्यधिक रक्तस्राव से खून की ज्यादा कमी के मामलों में, लौह भस्म एक अच्छा प्रयास हो सकता है।
  • स्वर्ण भस्म इस रस का सबसे मूल्यवान और उपयोगी घटक है। यह मस्तिष्क में कैटेकोलामाइन नामक हार्मोन को उत्सर्जित कर तनाव को दूर करता है। यह क्रोनिक डिसऑर्डर यानी पुरानी गंभीर बीमारियों को ठीक कर हृदय को तंदुरुस्त रखने में लाभकारी है।
  • मोती भस्म बल, वीर्य और बुद्धि में वृद्धि करता है। वात और पित्त से जुड़ी सभी विषम स्थितियों के लिए, मोती भस्म एक वैध सुविधा है। यह कोलेस्ट्रॉल और ग्लूकोज के स्तर को कम करने वाला एजेंट है।
  • बंग भस्म शिश्न में तनाव पैदा कर नपुंसकता का उपचार करता है। इसके द्वारा प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होने पर, स्वास्थ्य कई रोगों के प्रति सजग हो सकता है। इसमें मूत्र, रक्त और त्वचा दोष को ठीक करने की क्षमता होती है।
  • अभ्रक भस्म के बहुत से स्वास्थ्य लाभ है। यह यकृत की रक्षा करता है और लगभग शरीर के सभी अंगों की मरम्मत करता है। अभ्रक भस्म कुष्ठ, गुप्त और मानसिक रोगों के लिए एक बहुगुणी विकल्प साबित हो सकता है।

पढ़िये: लोहासव के फायदे | Himalaya Gasex Syrup in Hindi 

फायदे

योगेन्द्र रस के उपयोग व फायदे – Yogendra Ras Uses & Benefits in Hindi

योगेन्द्र रस निम्न अवस्था व विकार में सलाह किया जाता है-

  • एनीमिया
  • गठिया
  • क्रोनिक डिसऑर्डर
  • मूत्र से जुड़ी समस्याएं
  • लकवा
  • कमर या पीठ दर्द
  • बेहोशी की स्थिति
  • स्वप्नदोष
  • शीघ्रपतन
  • स्मृतिनाश
  • भ्रम
  • घबराहट
  • अनिद्रा
  • प्रमेह
  • हिस्टीरिया
  • उच्च रक्तचाप
  • इंद्रियों की कमजोरी
  • यक्ष्मा (टीबी)
  • वीर्य दोष
  • अम्लपित्त
  • मिर्गी
  • कमजोर यौन शक्ति
  • पाचन दोष
  • मधुमेह
  • बवासीर

दुष्प्रभाव

योगेन्द्र रस के दुष्प्रभाव – Yogendra Ras Side Effects in Hindi

इसकी अति या दुरुपयोग से कुछ सामान्य दुष्प्रभाव हो सकते है-

  • पेट में जलन
  • हृदय की धड़कन तेज होना
  • मुँह का स्वाद बदलना
  • गैस

पढ़िये: हिमालया हिमकोलिन जेल | Laxmivilas Ras in Hindi

खुराक

योगेन्द्र रस की खुराक – Yogendra Ras Dosage in Hindi

योगेन्द्र रस की खुराक रोगी की वर्तमान अवस्था अनुसार दी जाती है।

आमतौर पर, योगेन्द्र रस की ज्यादातर मामलों में सुझाव की जाने वाली खुराक कुछ इस प्रकार है-

उत्पाद खुराक
use in hindi
Yogendra Ras
  • लेने का तरीक़ा: मौखिक खुराक
  • कितना लें: 1 टैबलेट
  • कब लें: सुबह और शाम
  • खाने से पहले या बाद: खाने के बाद
  • लेने का माध्यम: दूध या शहद के साथ
  • उपचार अवधि: 3 महीने

बच्चों में इस दवा की खुराक के लिए चिकित्सक की सलाह जरूर लें।

वात दोष में, योगेन्द्र रस को एरंड मूल रस और शहद के मिश्रण के साथ लेना बेहद फायदेमंद है।

पित्त विकास में, योगेन्द्र रस को त्रिफला जल और मिश्री के घोल के साथ लेना ज्यादा गुणकारी साबित होता है।

एक खुराक छूट जाये, तो निर्धारित योगेन्द्र रस का सेवन जल्द करें। अगली खुराक योगेन्द्र रस की निकट हो, तो छूटी खुराक ना लें।

सावधानी

निम्न सावधानियों के बारे में योगेन्द्र रस के सेवन से पहले जानना जरूरी है।

भोजन

योगेन्द्र रस की भोजन के साथ प्रतिक्रिया की जानकारी अज्ञात है।

जारी दवाई

अन्य जारी दवाई और घटक के साथ योगेन्द्र रस की प्रतिक्रिया की उपयुक्त जानकारी नहीं है।

लत लगना

नहीं, योगेन्द्र रस की लत नहीं लगती है।

ऐल्कोहॉल

शराब और योगेन्द्र रस की साथ में प्रतिक्रिया की जानकारी अज्ञात है।

गर्भावस्था

गर्भवती महिलाओं को योगेन्द्र रस का सेवन करने से पहले अपने चिकित्सक की राय अवश्य लेनी चाहिए।

स्तनपान

बड़ी स्वास्थ्य जटिलताओं से बचने के लिए, योगेन्द्र रस को गर्भवती महिलाएं डॉक्टर की देखरेख में शुरू करें।

ड्राइविंग

योगेन्द्र रस के सेवन से ड्राइविंग क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ता है।

पढ़िये: ब्रह्म रसायन | Himalaya Tagara Capsule in Hindi 

कीमत

योगेन्द्र रस को आप अमेजन से कुछ प्रतिशत छूट पर ऑनलाइन खरीद सकते है-

सवाल-जवाब

क्या योगेन्द्र रस पेट की उदासीनता के लिए जिम्मेदार हो सकता है?

नहीं, यह दवा पेट के लिए उदासीनता का कारण नहीं बनती है और सुरक्षित साबित होती है।

क्या योगेन्द्र रस मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर सकता है?

इस दवा का गलत असर मासिक धर्म चक्र पर नहीं होता है। इस विषय में, ज्यादा जानकारी के लिए अपने निजी मासिक धर्म चक्र से जुड़े चिकित्सक की सहायता ले सकते है।

क्या योगेन्द्र रस पाचन शक्ति में सुधार कर सकता है?

यह दवा पित्त प्रकोप को कम कर पाचन क्रियाओं को मजबूत बनाने में सहायक है।

क्या योगेन्द्र रस भारत में लीगल दवा है?

हाँ, यह आयुर्वेदिक दवा भारत में पूर्णतया लीगल है।

पढ़िये: पुष्पधन्वा रस Himalaya Cystone Tablet in Hindi 

Leave a Comment

Your email address will not be published.