Triphala Churna in Hindi

त्रिफला चूर्ण के फायदे, नुकसान, खुराक, सावधानी, उपयोग | Triphala Churna in Hindi

Triphala Churna in Hindi: त्रिफला चूर्ण आयुर्वेद से जुड़ी एक स्वास्थ्य औषधि है, जो कई शारीरिक कठिनाइयों को हल करती है। त्रिफला चूर्ण को हर उम्र का व्यक्ति इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह के अनुसार यह दवा बेहद फायदेमंद साबित होती है।

त्रिफला चूर्ण दवा डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, एसिडिटी, कब्ज, पाचन कमजोरी, भूख न लगना, मूत्र संबंधी विकार, कुष्ठ रोग आदि सभी लक्षणों के इलाज हेतु सफलतापूर्वक काम करती है।

प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और विशेष प्रयोग से बनी यह आयुर्वेदिक दवा पेट की समस्त समस्याओं के लिए एक रामबाण विकल्प है। त्रिफला चूर्ण पाउडर रूप में उपलब्ध है, जिसे मौखिक ग्रहण किया जाता है। वर्तमान में त्रिफला चूर्ण के उत्पाद बहुत सी कंपनी बनाती है, जिसमें पतंजलि दिव्य त्रिफला चूर्ण और बैद्यनाथ त्रिफला चूर्ण बहुत प्रचलित है।

चूर्ण रूप पसंद न आने पर त्रिफला का टैबलेट और कैप्सूल रूप भी मार्केट में आसानी से उपलब्ध है।

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त्रिफला चूर्ण कैसे कार्य करता है?

त्रिफला चूर्ण तीन आयुर्वेदिक तत्वों का एक मिश्रण है। इन तत्वों को सटीक मात्रा में पूरी शुद्धता के साथ मिलाने से त्रिफला चूर्ण का निर्माण होता है।

  • आंवला
  • बहेड़ा
  • हरड़

यह दवा रक्त में ग्लूकोज का स्तर कम कर डायबिटीज के खतरे को पैदा होने से रोकती है। इस दवा में एंटी डायबेटिक गुण पाया जाता है, जो टाइप 2 डायबिटीज से भी बचाए रखने का कार्य करती है।

यह दवा भोजन के पाचन के लिए आवश्यक एंजाइमों को सक्रिय कर भोजन को अवशोषित कर के कार्य करती है, जिससे पाचन तंत्र प्रबल होता है और खाना शरीर को लगता है।

यह दवा आँखों के बेहतर जीवन के लिए, आंख के लेंस में ग्लूटाथिओन (एक तरह के एंटीऑक्सीडेंट) के स्तर को बढ़ाकर कार्य करती है।

त्रिफला चूर्ण में एंटीबैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटीपायरेटिक (बुखार नाशक) गुण होते हैं। इन सभी गुणों की उपस्थिति बैक्टीरियल और वायरल संक्रमणों के नाश के लिए काफी है।

आंवला

आंवला में भरपूर विटामिन-सी होता है और यह एक एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। यह पाचन शक्ति को ताकतवर बनाने में लाभदायक होता है।

इसके अतिरिक्त, आँवला कई विशेष कार्य करता है, जैसे

  • शरीर की विषाक्ता को खत्म करना
  • दस्त में फायदेमंद
  • लिवर, हृदय व फेफड़ों का बेहतर रखरखाव
  • त्वचा में चमक लाना आदि।

बहेड़ा

बहेड़ा इस दवा का दूसरा मुख्य घटक है। बहेड़ा को विभीतकी या विभिता के नाम से भी जाना जाता है। यह भी कुछ बड़े शारीरिक फायदों के लिए जाना जाता है, जैसे-

  • दर्दनिवारक गुण की अधिकता
  • डायरिया में फायदेमंद
  • बालों के विकास में सहायक
  • बैक्टीरियल संक्रमणों का इलाज
  • घावों को जल्दी भरने में मददगार
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में उपयोगी

हरड़

इसे आयुर्वेद में हरितकी के नाम से भी जाना जाता है। यह हर्बल तत्व भी शरीर के लिए बेहद गुणकारी है और इससे होने वाले फायदे निम्नलिखित है-

  • पेट के दर्द को दूर करने में सहायक
  • भूख बढ़ाने में सहायक
  • लिवर को स्वस्थ बनाने में
  • आंखों में होने वाली सूजन (Opthalmia) का इलाज
  • मसूड़ों से बहने वाले खून को रोकना
  • बेहतर पाचन क्रिया

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त्रिफला चूर्ण के उपयोग व फायदे – Triphala Churna in Uses & Benefits Hindi

त्रिफला चूर्ण के नियमित सेवन के निम्न उपयोग व फायदे है।

  • रक्त परिसंचरण में सुधार
  • विषाक्ता का इलाज
  • गठिया या जोड़ों के दर्द का इलाज
  • मुँह की दुर्गंध मिटाने में सहायक
  • सूजन रोधी स्वरूप
  • हार्मोन असंतुलन को ठीक करना
  • तनाव और चिन्ता से आजादी
  • त्वचा के बेहतर रखरखाव में उपयोगी
  • बालों के विकास में मददगार
  • घाव शीघ्र भरने में सहायक
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाना
  • डायबिटीज से सुरक्षा प्रदान करना
  • हृदय को स्वस्थ बनाना
  • रक्तचाप पर नियंत्रण
  • वजन घटाने में सहायक
  • आंखों की ताजगी बनायें रखना
  • पाचन तंत्र को मजबूत बनाना
  • मूत्र संबंधी समस्याओं का निवारण
  • मलेरिया में फायदेमंद
  • कुष्ठरोगों से बचाव
  • गोनोरिया में फायदेमंद

त्रिफला चूर्ण के दुष्प्रभाव – Triphala Churna Side Effects in Hindi

त्रिफला चूर्ण के बारें में पता चल ही गया होगा, कि इस दवा से होने वाले फायदे कितने सारे है।

ज्यादा फायदों के साथ ही, इस दवा के कुछ दुष्प्रभाव (साइड एफ़ेक्ट्स) भी देखने को मिल सकते है, जिनका निवारण समय रहते आसानी से किया जा सकता है। इस दवा से होने वाले नुकसान निम्नलिखित हो सकते है।

  • दस्त
  • अरुचि
  • शुगर के स्तर में अधिक कमी आना
  • चयापचय क्रिया में बाधा पैदा होना
  • डिप्रेशन दवाओं का असर कम होना

त्रिफला चूर्ण की खुराक – Triphala Churna Dosage in Hindi

  • त्रिफला चूर्ण की मात्रा और खुराक का निर्धारण डॉक्टर द्वारा किया जाना उचित है। लक्षणों के प्रकार तथा गंभीरता के आधार पर, आयुर्वेदिक डॉक्टर या विशेषज्ञ इसकी लिखित खुराक दे सकते है।
  • डायबिटीज के लिए, 45 दिन तक रोजाना 5 ग्राम त्रिफला चूर्ण का सेवन किया जा सकता है।
  • त्वचा संबंधी विकारों के लिए, रोजाना भोजन से पहले दिन में दो बार 5-5 ग्राम चूर्ण का सेवन किया जा सकता है।
  • छोटे बच्चों में त्रिफला चूर्ण की मात्रा या खुराक बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह के आधार पर दी जानी चाहिए।
  • त्रिफला चूर्ण की खुराक के लिए रोजाना एक निश्चित समय को आधार बनाएं। बराबर अंतराल में इस दवा का असर ज्यादा प्रभावी होता है।
  • त्रिफला चूर्ण की एक भी खुराक लेना न भूलें। यदि इस दवा की कोई खुराक छूट जाती है, तो अगली खुराक का समय होने से पहले छूटी हुई खुराक को लेना उचित है।

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Triphala Churna FAQ in Hindi

1) क्या त्रिफला चूर्ण गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित है?

उत्तर: इस दवा में मौजूद हरड़ घटक गर्भावस्था में सुरक्षित नहीं होता है। यह गर्भवती महिलाओं के लिए कठिन परिस्थितियां पैदा कर सकता है। इसलिए इस विषय में, गर्भवती महिलाएं आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

2) क्या त्रिफला चूर्ण के साथ शहद का सेवन सुरक्षित है?

उत्तर: हाँ, इस दवा के साथ शहद का सेवन सुरक्षित है। भूखे पेट इस दवा के साथ शहद का सेवन करने से ज्यादा फायदे हो सकते है।

3) क्या त्रिफला चूर्ण हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक है?

उत्तर: इस विषय में पूर्ण जानकारी अज्ञात है, इसलिए अपने आयुर्वेदिक चिकित्सक से सम्पर्क करें।

4) क्या त्रिफला चूर्ण एक नशे की आदत है?

उत्तर: इस दवा में मस्तिष्क को बाध्य करने वाले गुण नहीं है। यह दवा पूर्णतया स्वास्थ्य सहयोगी है और शरीर पर बोझ नहीं बनती है। त्रिफला चूर्ण का उपयोग लंबे समय तक करने के लिए डॉक्टरी सहायता अवश्य लें।

5) क्या त्रिफला चूर्ण वजन बढ़ाने में सहायक है?

उत्तर: इस आयुर्वेदिक दवा का इस्तेमाल चर्बी को घटाकर वजन को कम करने हेतु ज्यादा किया जाता है। वजन बढ़ाने के विषय में इस दवा की उपयोगिता डॉक्टर द्वारा सिद्ध करें।

6) क्या त्रिफला चूर्ण स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित है?

उत्तर: हाँ, यह दवा स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित है। इस दवा की खुराक से जुड़ी मात्रा और सटीक समय के लिए एक अच्छे आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह जरूर लें।

7) क्या त्रिफला चूर्ण के साथ एल्कोहोल का सेवन सुरक्षित है?

उत्तर: इस विषय में अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं है। लेकिन शराब से दूरी बनाए रखना, बेहतर कदम है।

8) क्या त्रिफला चूर्ण शारीरिक ऊर्जा को प्रभावित कर सकती है?

उत्तर: इस दवा के सही इस्तेमाल से शरीर पूरी तरह स्वस्थ महसूस करता है और काम करने की ऊर्जा बढ़ सकती है। लेकिन इस दवा के गलत या ज्यादा इस्तेमाल से अरुचि पैदा हो सकती है।

9) क्या त्रिफला चूर्ण भारत में लीगल है?

उत्तर: हाँ, यह दवा भारत में पूर्णतया सुरक्षित है और आसानी से हर आयुर्वेदिक स्टोर पर उपलब्ध है।

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