Praval Bhasma की जानकारी
उत्पाद प्रकार Ayurvedic
संयोजन प्राकृतिक मूंगा (Coral Calcium)
डॉक्टर की पर्ची जरुरी नहीं
Prawal Bhasma in Hindi

प्रवाल भस्म के फायदे, नुकसान, खुराक, सावधानी | Praval Bhasma in Hindi

परिचय

प्रवाल भस्म क्या है?-What is Praval Bhasma in Hindi

प्रवाल भस्म औषधि को प्राकृतिक मूंगा (Coral Calcium) को अग्नि द्वारा भस्म करके बनाया जाता है।

यह भस्म चूर्ण के रूप में निर्मित होती है, जिसे पानी के साथ मौखिक रूप से ग्रहण किया जाता है।

प्रवाल भस्म एक आयुर्वेदिक भस्म है, जो शारीरिक कुशलता को चरम सीमा पर बनाये रखकर कार्य करती है।

सूखी खांसी, क्षय रोग, दुर्गंधित मल, बुखार, उल्टी, कैल्सियम की कमी, एसिडिटी, भूख में गिरावट, अरुचि, सिर दर्द, आंखों की जलन, खूनी बवासीर, मूत्र संक्रमण, उन्माद, बेचैनी, घबराहट, अपच, छाती में जलन आदि सभी छोटी-बड़ी बीमारियों के इलाज में इस भस्म का इस्तेमाल किया जाता है।

इसके अलावा, यह भस्म भोजन के पाचन हेतु जिम्मेदार एंजाइमों का स्राव नियंत्रित कर पाचन तंत्र को भी मजबूत करने में पूर्णतया लाभकारी है।

यदि कोई व्यक्ति इस भस्म का सेवन करता है, तो इसका परिणाम 100% सुरक्षित और आयुर्वेदिक तौर से मिलता है।

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प्रवाल भस्म कैसे काम करती है?

सूचीबद्ध लक्षणों के आधार पर जिससे निराकरण या छुटकारा पाने की आवश्यकता है, यह भस्म सीधा मुख्य बिंदु पर प्रभाव डालती है और आराम दिलाती है।

  • यह भस्म हाजमा शक्ति को बढ़ाकर पाचन तंत्र को सुदृढ़ करने में सहायता करती है।
  • यह भस्म लीवर की कुशलता में सुधार कर इससे जुड़े लक्षणों से छुटकारा दिलाती है।
  • इस भस्म से जुड़े यौगिक शरीर में प्राकृतिक रूप से विलित होकर अपना असर लम्बे समय तक बनायें रखते है।

फायदे

प्रवाल भस्म के उपयोग व फायदे-Praval Bhasma Uses & Benefits in Hindi

निम्न प्रवाल भस्म के नियमित सही सेवन के उपयोग व फायदे है।

  • हड्डियों के जॉइंट की पकड़ मजबूत करने में फायदेमंद
  • गैस्ट्रिक समस्याओं (एसिडिटी, जलन, पेटदर्द आदि) का अंत
  • अरुचि मिटाने में
  • हाइपरहाइड्रोसिस (अत्यधिक पसीना आना) का उपचार
  • पित्त को शांति प्रदान करना
  • कैल्शियम की भरपाई
  • पीलिया का इलाज
  • मनोरोग दूर करने में लाभकारी
  • आंखों से जुड़ी समस्याओं से निपटने में फायदेमंद
  • दांतों की मजबूती बढ़ना
  • पाचन गतिविधियों का सही से संचालन
  • छाती में भारीपन और जलन को कम करना
  • खिंचाव, सूखी खांसी, मूत्र संक्रमण आदि सभी से आराम दिलाने में फायदेमंद
  • टीबी से बचाव
  • लिवर की दुर्बलता दूर कम करें
  • ज्वरनाशक का कार्य करना
  • सही से पेट साफ होना

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दुष्प्रभाव

प्रवाल भस्म के दुष्प्रभाव-Praval Bhasma Side Effects in Hindi

प्रवाल भस्म का गलत इस्तेमाल करने पर कुछ दुष्प्रभाव देखे जा सकते है-

  • पेट में सूजन
  • चक्कर आना
  • उल्टी
  • गहरी नींद
  • जॉइंट में हल्का दर्द
  • शारीरिक वजन घटना
  • असामान्य मल त्याग करना
  • सिरदर्द

खुराक

प्रवाल भस्म की खुराक-Praval Bhasma Dosage in Hindi

प्रवाल भस्म की खुराक आयुर्वेदिक डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ली जानी उचित है। आमतौर पर, ज्यादातर मामलों में इसकी सुझाव की जाने वाली खुराक कुछ इस प्रकार है-

उत्पाद खुराक

Praval Bhasma
  • लेने का तरीक़ा: मौखिक खुराक
  • कितना लें: 125-500mg
  • कब लें: सुबह और शाम
  • खाने के पहले या बाद: कभी भी
  • लेने का माध्यम: दूध या पानी के साथ
  • उपचार अवधि: 1 महिना

बच्चों में इसकी खुराक कम कर के दी जा सकती है। बच्चों में इसकी सुरक्षित खुराक दिन में 70-125mg के बीच दी जानी चाहिए। इस विषय में हर जानकारी डॉक्टर आधारित होनी चाहिए।

खुराक को सुविधानुसार कम/ज्यादा करने से बचें। छोटे शिशुओं में यह भस्म अनुशंसित नहीं है।

दो खुराक एक साथ न लें। ओवरडोज की स्थिति में जल्द से जल्द नजदीकी चिकित्सक से मिलें।

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सावधानी

प्रवाल भस्म को लेकर कुछ मामलों में सावधानी बरतनी आवश्यक है-

भोजन

हर प्रकार के खाद्य सामग्री के साथ प्रवाल भस्म सुरक्षित है।

जारी दवाई

अन्य जारी दवाई और घटक के साथ प्रवाल भस्म की प्रतिक्रिया की उपयुक्त जानकारी नहीं है।

लत लगना

नहीं, प्रवाल भस्म की लत नहीं लगती है क्योंकि इस भस्म से मस्तिष्क बाध्य नहीं होता है।

ऐल्कोहॉल

शराब के साथ प्रवाल भस्म के सेवन से परहेज़ रखें।

गर्भावस्था

गर्भावस्था एक संवेदनशील अवस्था है, इसलिए प्रवाल भस्म का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

स्तनपान

स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर, प्रवाल भस्म के प्रभाव की जानकारी अज्ञात है।

ड्राइविंग

प्रवाल भस्म के सेवन से ड्राइविंग क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ता है।

लिवर

लिवर पर प्रवाल भस्म के प्रभाव की जानकारी अज्ञात है, इसलिए लिवर दुर्बलता के मामलें में डॉक्टर से सलाह लें।

किडनी

किडनी पर प्रवाल भस्म के प्रभाव की जानकारी अज्ञात है।

अन्य बीमारी

अन्य कोई बड़ी बीमारी होने पर प्रवाल भस्म का उपयोग डॉक्टर की सलाह अनुसार करें।

कीमत

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सवाल-जवाब

प्रवाल भस्म का असर कितने समय में दिखना शुरू हो जाता है?

प्रवाल भस्म की मौखिक खुराक शुरू करने के लगभग दो सप्ताहों में इसका असर दिखना शुरू हो जाता है। शुरुआती समय में इसका असर धीरे-धीरे होता है, लेकिन लंबे समय तक रहता है। खुराक बंद करने के लिए विशेषज्ञ से सम्पर्क करें।

क्या प्रवाल भस्म को भूखे पेट लिया जा सकता है?

भूखे पेट लिए जाने पर कुछ मामलों में पेट की उदासीनता पैदा हो सकती है, इसलिए इसे भूखे पेट न लगें।

क्या प्रवाल भस्म वजन बढ़ाने में सहायक है?

प्रवाल भस्म आयुर्वेदिक घटकों से बनी होने के कारण स्वास्थ्य सुधारक का कार्य अवश्य करती है लेकिन वजन बढ़ाने में इस भस्म का कोई योगदान नहीं है। यह भस्म भूख की कमी में सुधारकर पाचन तंत्र मजबूत करती है।

क्या प्रवाल भस्म भारत में लीगल है?

हाँ, यह भारत में पूर्णतया लीगल है।

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