Arjunarishta की जानकारी
उत्पाद प्रकार Ayurvedic
संयोजन अर्जुन की छाल + धाय के फूल + द्राक्ष (अंगूर) + महुए के फूल + गुड़ + जल
डॉक्टर की पर्ची जरुरी नहीं
Arjunarishta in Hindi

अर्जुनारिष्ट के फायदे, नुकसान, खुराक, सावधानी | Arjunarishta in Hindi

परिचय

अर्जुनारिष्ट क्या है? – What is Arjunarishta in Hindi

अर्जुनारिष्ट कार्डियोप्रोटेक्टिव गुणों से परिपूर्ण एक आयुर्वेदिक औषधि है।

आमतौर पर, स्वस्थ हृदय का समर्थन करने वाला मानव शरीर लंबी आयु तक बरकरार रहता है।

अर्जुनारिष्ट विशेषकर हृदय स्वास्थ्य के रखरखाव का कार्य कर लम्बी उम्र का वरदान देता है।

अर्जुनारिष्ट का इस्तेमाल हृदय संबंधी मुद्दों को ठीक करने के लिए सदियों से एक उपाय के रूप में किया जा रहा है।

इस दवा पर, हर्बल कार्डियो टॉनिक की मोहर होने के बावजूद यह दवा अन्य रोगों जैसे कमजोरी, थकान, सांस की परेशानी, खाँसी, छाती में जकड़न, अत्यधिक पसीना, बेचैनी, गले की समस्या, अस्थमा, अतिरिक्त बलगम, वीर्य विकार आदि के उपचार में सहायक बन सकती है।

अर्जुनारिष्ट एक उत्कृष्ट एनाल्जेसिक, एंटी इन्फ्लेमेटरी और कफ-पित्त नाशक दवा है।

मधुमेह, एलर्जी और अतिसंवेदनशीलता जैसे मामलों में अर्जुनारिष्ट के सेवन को परहेज किया जाना चाहिए।

अर्जुनारिष्ट को कई बड़ी हर्बल कंपनियों द्वारा बनाया जाता है-

  • Patanjali Divya Arjunarishta
  • Multani Arjunarishta
  • Baidyanath Arjunarishta
  • Sandu Arjunarishta
  • Dhootapapeshwar Arjunarishta

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संयोजन

अर्जुनारिष्ट की संरचना – Arjunarishta Composition in Hindi

निम्न घटक अर्जुनारिष्ट में होते है।

अर्जुन की छाल + धाय के फूल + द्राक्ष (अंगूर) + महुए के फूल + गुड़ + जल

अर्जुनारिष्ट कैसे काम करती है?

  • अर्जुन की छाल हृदय के वाल्व से मुक्त होने वाली प्रति मिनट रक्त की मात्रा, जिसे कार्डियक आउटपुट कहते है, इसमें सुधार करने का कार्य करती है। अर्जुन की छाल हृदय के लिए बेहद फायदेमंद सामग्री है, जो हाई ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रण में लाती है।
  • धाय के फूल दस्त के लक्षणों के इलाज में सहायता करते है। ये त्वचा के छिद्रों को अनावश्यक खुलने से रोकते है और खुले हुए छिद्रों को जल्दी भरते है, क्योंकि इससे त्वचा की आंतरिक परतों का सूर्य की विकिरणों के बुरे प्रभाव से बचाव होता है।
  • द्राक्ष मुक्त कणों की मौजूदगी को कम कर ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने का कार्य करता है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट है, जो चोट या संक्रमणों के कारण होने वाली सूजन को कम करने में सहायक हो सकता है।
  • महुए के फूल ब्रोंकाइटिस जैसी गंभीर स्थिति को ठीक करने में कारगर हो सकते है। ब्रोंकाइटिस में श्वास नलियों में सूजन एक जाती है, जिससे अत्यधिक बलगम बनता है और खांसी वगैरह शुरू हो जाती है। फिर धीरे-धीरे सांस लेने में तकलीफ और घबराहट महसूस होने लगती है। महुए के फूल सूजन को कम कर ब्रोंकाइटिस से शीघ्र आराम दिलाते है। महुए के फूलों का इस्तेमाल बुखार के इलाज हेतु भी किया जाता है।
  • गुड़ रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर को सुनिश्चित करता है। यह रक्त के प्रवाह को बेहतर करने में भी सहायक है।
  • इसके अलावा, यह दवा आंत के कीड़ों के विकास को अवरुद्ध कर कृमिनाशक के रूप में भी कार्यरत है।
  • अर्जुनारिष्ट मांसपेशियों की ऐंठन, दर्द और सूजन को कम कर मसल रिलैक्सेंट के रूप में मांसपेशियों की उत्तेजना को शिथिल करती है।

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फायदे

अर्जुनारिष्ट के उपयोग व फायदे – Arjunarishta Uses & Benefits in Hindi

अर्जुनारिष्ट को निम्न अवस्था व विकार में सलाह किया जाता है।

  • हृदय की तेज धड़कन
  • उच्च रक्तचाप
  • ब्लॉकेज
  • कोलेस्ट्रॉल की समस्या
  • कफ और पित्त की परेशानी
  • मांसपेशियों की ऐंठन
  • छाती में जकड़न
  • अस्थमा
  • अत्यधिक बलगम
  • फेफड़ो की कमजोरी
  • खाँसी
  • थकान और कमजोरी
  • हार्ट अटैक
  • प्रजजन क्षमता में कमी
  • अनिद्रा

दुष्प्रभाव

अर्जुनारिष्ट के दुष्प्रभाव – Arjunarishta Side Effects in Hindi

अर्जुनारिष्ट दवा को हर स्थिति में उचित ढंग से इस्तेमाल किया जाएं, तो यह दवा दुष्प्रभावों से रहित होती है।

यदि इसकी ज्यादा या गलत खुराक से कोई दुष्प्रभाव महसूस होता है, तो डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

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खुराक

अर्जुनारिष्ट की खुराक – Arjunarishta Dosage in Hindi

खुराक डॉक्टर द्वारा अर्जुनारिष्ट की रोगी की अवस्था अनुसार दी जाती है। इसलिए अर्जुनारिष्ट का सेवन डॉक्टर से सलाह लेने के बाद शुरू करें।

आमतौर पर, अर्जुनारिष्ट की ज्यादातर मामलों में सुझाव की जाने वाली खुराक कुछ इस प्रकार है-

उत्पाद खुराक
use in hindi
Arjunarishta
  • लेने का तरीक़ा: मौखिक खुराक
  • कितना लें: 10 से 15 ml
  • कब लें: सुबह और शाम
  • खाने से पहले या बाद: कभी भी
  • लेने का माध्यम: गुनगुने पानी के साथ
  • उपचार अवधि: 3 महीने

5 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों के लिए, अर्जुनारिष्ट की खुराक दिन में 5-10 ml उचित है।

बच्चों में अर्जुनारिष्ट का उपयोग करने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ की अनुमति अवश्य लें।

अर्जुनारिष्ट की दो खुराकों के बीच एक सख्त समय अंतराल का पालन करें, जिससे दवा की मौजूदगी शरीर में बनी रहें।

एक खुराक छूट जाये, तो निर्धारित अर्जुनारिष्ट का सेवन जल्द करें। अगली खुराक अर्जुनारिष्ट की निकट हो, तो छूटी खुराक ना लें।

सावधानी

निम्न सावधानियों के बारे में अर्जुनारिष्ट के सेवन से पहले जानना जरूरी है।

भोजन

हर प्रकार के खाद्य सामग्री के साथ अर्जुनारिष्ट सुरक्षित है।

जारी दवाई

अन्य जारी दवाई और घटक के साथ अर्जुनारिष्ट की प्रतिक्रिया की उपयुक्त जानकारी नहीं है।

लत लगना

नहीं, अर्जुनारिष्ट की लत नहीं लगती है।

ऐल्कोहॉल

शराब और अर्जुनारिष्ट की साथ में प्रतिक्रिया की जानकारी अज्ञात है।

गर्भावस्था

गर्भावस्था एक संवेदनशील अवस्था है, इसलिए अर्जुनारिष्ट का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

स्तनपान

स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर, अर्जुनारिष्ट के प्रभाव की जानकारी अज्ञात है।

ड्राइविंग

अर्जुनारिष्ट के सेवन से ड्राइविंग क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ता है।

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कीमत

अर्जुनारिष्ट को आप अमेजन से कुछ प्रतिशत छूट पर ऑनलाइन खरीद सकते है-

सवाल-जवाब

अर्जुनारिष्ट की दो लगातार खुराकों के बीच कितना समय अंतराल होना आवश्यक है?

इस दवा की दो लगातार खुराकों के बीच कम से कम 8-10 घंटों का समय अंतराल होना आवश्यक है। इस आयुर्वेदिक दवा का असर हर व्यक्ति पर अलग-अलग हो सकता है।

अर्जुनारिष्ट को कैसे संग्रहित किया जाना चाहिए?

अर्जुनारिष्ट को प्रकाश और नमी से बचाकर ठंडी जगह पर स्टोर किया जाना चाहिए। इसे छोटे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुँच से भी दूर रखा जाना चाहिए।

क्या अर्जुनारिष्ट मासिक धर्म चक्र को प्रभावित करता है?

इस विषय में ठोस जानकारी अज्ञात है। इसलिए अर्जुनारिष्ट की इस विषय में पूरी जानकारी के लिए अपने निजी मासिक धर्म चक्र से जुड़े चिकित्सक की सलाह जरूरी है।

क्या अर्जुनारिष्ट भारत में लीगल है?

हाँ, यह आयुर्वेदिक दवा भारत में पूर्णतया लीगल है। यह हर आयुर्वेदिक स्टोर और बहुत सारी ऑनलाइन साइट पर उपलब्ध है।

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