Mahamanjisthadi

महामंजिष्ठादि के फायदे, नुकसान, खुराक, सावधानी | Mahamanjisthadi

Mahamanjisthadi क्या है?

महामंजिष्ठादि बिना डॉक्टर की पर्ची के मिलने वाली एक आयुर्वेदिक दवा है।

इस दवा को खासकर त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं में सलाह किया जाता है। स्किन से संबंधित ये लक्षण सामान्य से लेकर गंभीर हो सकते है।

सामान्य लक्षणों में इसे ओवर द काउंटर प्रॉडक्ट की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन गंभीर मामलों में इसे आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह पर इस्तेमाल करें।

महामंजिष्ठादि त्वचा क्षति को प्राकृतिक तरीकें से ठीक करती है और घावों को जल्दी भरने में मदद करती है।

इस दवा द्वारा इतनी प्रसिद्धि पाने के पीछे इसमें शामिल घटकों का उचित अनुपात में भंडार तथा नगण्य दुष्प्रभाव, ये दोनों मुख्य बड़े कारण हो सकते है। इसे लेना बंद करने के बावजूद, इस दवा का असर लंबे समय तक बना रहता है। इस प्रकार की अन्य एलोपैथिक के बदले इस दवा का इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

नामMahamanjisthadi
निर्माता (Manufacturer)Dabar India Ltd.
संरचना (Composition)मंजिष्ठा + गुडूची + मुस्ता + कुटज + कुश्ता + वच + हरिद्रा + दारुहरिद्रा + विभितकी + त्रिफला + विडंग + चित्रक + शतावरी + त्रिवर्त + चंदन + भृंगराज
दवा-प्रकार (Type of Drug)आयुर्वेदिक
कीमत (Price)210 रूपये (450ml)

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महामंजिष्ठादि कैसे कार्य करती है?

  • मंजिष्ठा खून की अशुद्धि मिटाकर स्किन प्रॉबलम्स को ठीक कर सकता है। यह आर्थराइटिस यानी गठिया और मासिक धर्म चक्र की समस्याओं में लाभदायक हो सकता है।
  • गुडूची मतलब गिलोय, जो हमारे सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक जड़ी-बूटी है। गिलोय वात दोष को संतुलित कर हड्डियों के दर्द व सूजन को दूर कर सकता है। इसका इस्तेमाल गठिया रोग के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। गिलोय त्वचा के दाग-धब्बों, मुहांसों और झुर्रियों को कम कर सकता है।
  • शरीर में विषाक्त पदार्थों के जमाव से होने वाली सभी समस्याओं में वच का इस्तेमाल लाभकारी होता है। यह नर्वस सिस्टम को ठीक करने में मदद कर सकता है और पीरियडस में होने वाली दिक्कतों को कम कर सकता है।
  • हरिद्रा चोट या संक्रमण के कारण होने वाली सूजन को कम करने में उपयोगी होती है। इसमें एंटीहिस्टामाइन एंटीबैक्टीरियल व एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं।
  • विभितकी यानी बहेड़ा में एंटीफंगल और जीवाणुरोधी गुण पायें जाते है, जिस कारण यह बाह्य त्वचा पर संक्रमण से फैली बीमारी और आंतरिक इंफेक्शन की रोकथाम कर सकता है।
  • त्रिफला रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने वाला चमत्कारी चूर्ण है। यह हमारे स्वास्थ्य का बाहरी हमलों से बचाव करता है। यह आंवला, हरीतकी और विभितकी से मिलकर बना होता है। यह एक्जिमा और सोरायसिस के मामलों में काफी फायदेमंद हो सकता है।
  • विडंग ब्लडप्यूरीफायर के रूप में कार्य करता है, जो हमारी बॉडी से टॉक्सिन्स को बाहर फेंकता है।
  • शतावरी विटामिन K का एक अच्छा स्त्रोत है, जो हड्डियों की कमजोरी को दूर कर सकती है। यह शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाकर गठिया का उपचार कर सकती है।

महामंजिष्ठादि के उपयोग व फायदे – Benefits & Uses in Hindi

निम्न अवस्था या विकार मेंमहामंजिष्ठादि को विशेषज्ञ द्वारा रोगी को सलाह किया जाता है। महामंजिष्ठादि का उपयोग विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह बिना लिए ना करें।

  • त्वचा विकार जैसे खुजली, जलन, लालिमा, सूजन इत्यादि।
  • न भरने वाला घाव
  • एक्जिमा
  • सोरायसिस
  • सिफलिस
  • गाउट/गठिया/आर्थराइटिस
  • अशुद्ध खून
  • मूत्र संस्थान में संक्रमण

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महामंजिष्ठादि के दुष्प्रभाव – Side Effects in Hindi

महामंजिष्ठादि का सही से उपयोग करने पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। यदि शरीर में किसी प्रकार का बड़ा रोग है, तो इस दवा को आजमाने से पहले किसी अच्छे आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

महामंजिष्ठादि की खुराक -Dosage in Hindi

खुराक विशेषज्ञ द्वारा Mahamanjisthadi की रोगी की अवस्था अनुसार दी जाती है। इसलिए Mahamanjisthadi का उपयोग विशेषज्ञ से सलाह लेने के बाद शुरू करें।

महामंजिष्ठादि, क्वाथ यानी काढ़े के रूप में आता है। इसे सुबह व शाम भूखे पेट लेने की सलाह दी जाती है।

एक आम व्यक्ति इस दवा की एक समय में 12 से 24ml खुराक लें सकता है। इसे दिन में दो बार लिया जा सकता है।

इस दवा को पानी की समान मात्रा में मिलाकर पीना चाहिए, क्योंकि पानी, इस दवा को लेने का सबसे उपयुक्त माध्यम है।

इस दवा को लंबे समय तक लेने की जरूरत होती है, लेकिन इसे लेना कब बंद करना चाहिए, इसकी जानकारी डॉक्टर से प्राप्त करें।

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सावधानियां – Mahamanjisthadi Precautions in Hindi

निम्न सावधानियों के बारे में महामंजिष्ठादि के उपयोग से पहले जानना जरूरी है।

किसी अवस्था से प्रतिक्रिया

निम्न अवस्था व विकार में महामंजिष्ठादि से दुष्प्रभाव की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए जरूरत पर, विशेषज्ञ को अवस्था बताकर ही महामंजिष्ठादि की खुराक लें।

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