Saraswatarishta की जानकारी
उत्पाद प्रकार Ayurvedic
संयोजन ब्राह्मी + सोंठ + सौंफ + शतावर + विदारीकंद + गिलोय + खस + पिप्पली + इलायची + धाय के फूल + रेणुका + निशोथ + वच + लौंग + वायविडंग + दालचीनी + कुष्ठ + अश्वगंधा
डॉक्टर की पर्ची जरुरी नहीं
सरस्वातरिष्ठा

सरस्वातरिष्ठा के फायदे, नुकसान, खुराक, सावधानी, उपयोग | Saraswatarishta in Hindi

नाम (Name)Saraswatarishta (सरस्वातरिष्ठा)
संरचना (Composition)ब्राह्मी + सोंठ + सौंफ + शतावर + विदारीकंद + गिलोय + खस + पिप्पली + इलायची + धाय के फूल + रेणुका + निशोथ + वच + लौंग + वायविडंग + दालचीनी + कुष्ठ + अश्वगंधा
दवा-प्रकार (Type of Drug)आयुर्वेदिक दवा
उपयोग (Uses)मिर्गी, कमजोर याद्दाश्त, मानसिक थकावट, स्वरभंग, उतावलापन आदि
दुष्प्रभाव (Side Effects)गैस, आंखों में जलन, एलर्जी, कपकपी
ख़ुराक (Dosage)डॉक्टरी सलाह अनुसार
किसी अवस्था पर प्रभावअतिसंवेदनशीलता, गर्भावस्था
खाद्य पदार्थ से प्रतिक्रियाअज्ञात
अन्य दवाई से प्रतिक्रियाअज्ञात

परिचय

सरस्वातरिष्ठा क्या है? – What is Saraswatarishta in Hindi

सरस्वातरिष्ठा बल, बुद्धि और दीर्घायु के लिए समस्त जन हेतु एक हितकारी औषधि है। यह हर वर्ग और आयु के लिए एक सकुशल सुविधा है।

सरस्वातरिष्ठा द्वारा श्रवण शक्ति की न्यूनता, स्मरण हानि, बोली पर काबू न होना, उतावलापन, भ्रष्ट बुद्धि, भावना रहित, यौन तनाव और अस्पष्ट वाणी जैसी अन्य कई आकस्मिक शिकायतों को ठीक किया जा सकता है।

सरस्वातरिष्ठा अकार्बनिक रसायनों से रिक्त एक आयुर्वेदिक उत्पाद है, जो कुछ प्रसिद्ध हर्बल औद्योगिक इकाइयों द्वारा निर्मित किया जाता है। सरस्वातरिष्ठा दिव्य गुणों के साथ मानसिक दुर्बलताओं के लिए एक बेहतरीन टॉनिक है।

सरस्वातरिष्ठा अधिक उम्र की वजह से कम हुई याद्दाश्त और कम उम्र में मासिक धर्म चक्र की खराब गतिविधियों के सुधार हेतु इस्तेमाल करने योग्य दवा है। इसे एक कार्डियो टॉनिक की भांति भी उपयोग में लिया जा सकता है, जो स्वस्थ हृदय का समर्थन कर लंबी उम्र को प्रोत्साहित कर सकता है।

यह आयुर्वेदिक उत्पाद निम्न कंपनी व ब्रांड नाम से प्रचलित है।

  • Baidyanath Saraswatarishta
  • Dabur Saraswatarishta
  • Dhootapapeshwar Saraswatarishta
  • Unjha Saraswatarishta
  • Patanjali Divya Saraswatarishta

संयोजन

सरस्वातरिष्ठा की संरचना – Saraswatarishta Composition in Hindi

निम्न घटक सरस्वातरिष्ठा में होते है।

ब्राह्मी + सोंठ + सौंफ + शतावर + विदारीकंद + गिलोय + खस + पिप्पली + इलायची + धाय के फूल + रेणुका + निशोथ + वच + लौंग + वायविडंग + दालचीनी + कुष्ठ + अश्वगंधा

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सरस्वातरिष्ठा कैसे काम करती है?

  • ब्राह्मी पित्त की अधिकता को कम करने और तांत्रिका तंत्र को आराम प्रदान करने हेतु एक मूल्यवान औषधि है। यह सोचने की शक्ति को अनन्त कर बुद्धिमत्ता का परिचय देता है। ब्राह्मी रक्त को पतला कर रक्त को मस्तिष्क के सभी भागों तक पहुँचने में मदद करता है। ब्राह्मी के सेवन से शरीर को ऐसे विभिन्न लक्षणों से लड़ने में मदद मिलती है, जो कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली की वजह से जगह ले चुके हो। ब्राह्मी एकाग्रता, ज्ञान, समझ और सतर्कता को बढ़ाने में संभवतः उपयोगी है।
  • सोंठ मस्तिष्क की थकान को दूर कर तरोताजा रखने में मदद करता है। सोंठ उल्टी, मतली, चक्कर और सिरदर्द जैसे मानसिक मुद्दों को ठीक करने में कारगर हो सकता है।
  • शतावर के अमूल्य फायदे लगभग हर अंगों के लिए देखे जा सकते है। नींद में कठिनाई जिसे ‘अनिद्रा’ भी कहते है, ऐसे मोहताज लक्षणों के लिए शतावर काफी लाभदायक हो सकता है। शतावर यौन स्वास्थ्य में सुधार के लिए मस्तिष्क को सबल बनाने का कार्य करता है।
  • पिप्पली संक्रमणों के छुटकारा पाने के लिए बेहद अच्छा विकल्प हो सकता है। पिप्पली दर्द की नसों को शांत करने और प्रसव को आसान बनाने हेतु काम में लिया जा सकता है।
  • लौंग में एंटी स्ट्रेस प्रॉपर्टी होती है, जो मानसिक तनाव को दूर कर पैथोलॉजिकल परिवर्तनों की रोकथाम में मदद कर सकता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शारीरिक और मानसिक कमजोरी के उपचार में प्रभावी हो सकते है।
  • दालचीनी संपूर्ण कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर हृदय संबंधी शिकायतों के उपचार को बढ़ावा दे सकता है। दालचीनी में फाइटोकेमिकल्स होते है, जो जल्दी सीखने और दिमाग की क्षमता को बढ़ाने में सहायक होते है। दालचीनी दिमागी परिवर्तन को रोककर अल्जाइमर और पार्किसंस रोगों में फायदा दे सकता है।

फायदे

सरस्वातरिष्ठा के उपयोग व फायदे – Saraswatarishta Uses & Benefits in Hindi

सरस्वातरिष्ठा को निम्न अवस्था व विकार में सलाह किया जाता है।

  • मिर्गी
  • कमजोर याद्दाश्त
  • मानसिक थकावट
  • स्वरभंग
  • उतावलापन
  • अत्यधिक क्रोध
  • यौन तनाव
  • हृदय संबंधी विकार
  • हकलाना
  • दौरे पड़ना
  • बेहोशी
  • अनिद्रा
  • अवसाद
  • तनाव
  • मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएं

दुष्प्रभाव

सरस्वातरिष्ठा के दुष्प्रभाव – Saraswatarishta Side Effects in Hindi

निम्न साइड एफ़ेक्ट्स सरस्वातरिष्ठा के कारण हो सकते है। आमतौर पर साइड एफ़ेक्ट्स सरस्वातरिष्ठा से शरीर की अलग प्रतिक्रिया व गलत खुराक से होते है और सबको एक जैसे साइड एफ़ेक्ट्स नहीं होते है। अत्यंत सरस्वातरिष्ठा से दुष्प्रभाव में डॉक्टर की सहायता लें।

  • गैस
  • आंखों में जलन
  • एलर्जी
  • कपकपी

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खुराक

सरस्वातरिष्ठा की खुराक – Saraswatarishta Dosage in Hindi

  • सरस्वातरिष्ठा की निजी खुराक डॉक्टर या विशेषज्ञ को अपनी अवस्था बताकर लेना उचित माना जाता है।
  • सरस्वातरिष्ठा की खुराक एक आम वयस्क के लिए, दिन में 10 से 20 मिलीलीटर दो विभाजित भागों में लेना सदैव उचित है।
  • सरस्वातरिष्ठा को बच्चों में देने के लिए बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। 5 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों के लिए, सरस्वातरिष्ठा की दैनिक खुराक 5 से 10 मिलीलीटर सुरक्षित है।
  • सरस्वातरिष्ठा आयुर्वेदिक औषधि का एक पेय रूप है, जिसे गुनगुने पानी की बराबर मात्रा के साथ लिया जाना चाहिए।
  • सरस्वातरिष्ठा की लगातार खुराकों के बीच धैर्य बनायें रखें। इस दवा से असर मिलने या न मिलने की पूरी जानकारी अपने चिकित्सक से साझा करते रहें।
  • सरस्वातरिष्ठा की खुराक में बदलाव के लिए निजी निर्णय की अपेक्षा डॉक्टरी राय ज्यादा सुरक्षित मानी जाती है।
  • एक खुराक छूट जाये, तो निर्धारित सरस्वातरिष्ठा का सेवन जल्द करें। अगली खुराक सरस्वातरिष्ठा की निकट हो, तो छूटी खुराक ना लें।

सावधानी

निम्न सावधानियों के बारे में सरस्वातरिष्ठा के सेवन से पहले जानना जरूरी है।

किसी अवस्था से प्रतिक्रिया

निम्न अवस्था व विकार में सरस्वातरिष्ठा से दुष्प्रभाव की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए जरूरत पर, डॉक्टर को अवस्था बताकर ही सरस्वातरिष्ठा की खुराक लें।

  • अतिसंवेदनशीलता
  • गर्भावस्था

भोजन के साथ प्रतिक्रिया

सरस्वातरिष्ठा के साथ भोजन की प्रतिक्रिया की जानकारी अज्ञात है।

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सवाल-जवाब

क्या सरस्वातरिष्ठा मन की अशांति को ठीक कर सकता है?

पारिवारिक तनाव और अन्य कारणों से पैदा अशांति, अनिद्रा के लिए जिम्मेदार हो सकती है। एक अच्छी नींद न लेने से कुछ समय में अन्य मानसिक बीमारियों का उजागर होना तय है। सरस्वातरिष्ठा नींद की गुणवत्ता में सुधार कर मन की अशांति को ठीक करने में सहायक हो सकता है।

क्या सरस्वातरिष्ठा आवाज की अस्पष्टता में मददगार हो सकता है?

जिन मामलों में, बिगड़े मानसिक हालातों के कारण बोलने में समस्या आ रही है, तो सरस्वातरिष्ठा ऐसी परिस्थितियों के लिए एक सटीक उपाय हो सकता है। सरस्वातरिष्ठा को मात्र 6 महीने तक रेगुलर इस्तेमाल करने से आवाज में स्पष्टता की दर बढ़ सकती है, जिससे घबराहट, हकलाहट और तुतलाहट का उपचार संभव है।

क्या सरस्वातरिष्ठा यौन स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है?

सरस्वातरिष्ठा में मौजूद अश्वगंधा व दालचीनी जैसे घटक यौन स्वास्थ्य सुधार में मदद कर सकते है, लेकिन किसी विशेष समस्या के लिए पूरी तरह से इसपर निर्भर नहीं रह सकते है।

क्या सरस्वातरिष्ठा गर्भावस्था के लिए सुरक्षित है?

सरस्वातरिष्ठा से जुड़ी सावधानियों के बारे में जानने से यह ज्ञात होता है, कि यह दवा कुछ संवेदनशील स्थितियों के लिए उत्पीड़क हो सकती है। गर्भावस्था भी एक संवेदनशील स्थिति संवेदनशील स्थिति है और इस दौरान, सरस्वातरिष्ठा का सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करें। अन्यथा यह दवा गर्भावस्था के लिए मुसीबत पैदा कर सकती है।

क्या सरस्वातरिष्ठा मानसिक स्फूर्ति को बढ़ा सकती है?

शरीर में नकारात्मक ऊर्जा के आगमन से मानसिक खुशहाली को ठेस पहुँच सकती है। जो भ्रम, स्मृति हानि तथा चिंता का विषय बन सकता है। ऐसे में, सरस्वातरिष्ठा एक अच्छा उपाय हो सकता है क्योंकि यह आयुर्वेदिक टॉनिक इन कारणों का उपचार कर मानसिक स्फूर्ति को तेज करने में सहायक हो सकता है।

क्या सरस्वातरिष्ठा स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित है?

यदि स्तनपान कराने वाली महिलाएं कुछ मामूली मानसिक विकारों से ग्रसित है, तो सरस्वातरिष्ठा का उपयोग किया जा सकता है। लेकिन गंभीर मानसिक परेशानियों के चलते सरस्वातरिष्ठा को हमेशा अपने डॉक्टर की मदद से ही लें।

क्या सरस्वातरिष्ठा मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर सकता है?

सरस्वातरिष्ठा को मासिक धर्म चक्र की अनियमित या असामान्य गतिविधियों को ठीक करने हेतु इस्तेमाल किया जा सकता है। यह उपचार मासिक धर्म चक्र से जुड़े चिकित्सक की निगरानी में संपूर्ण किया जाना ज्यादा उचित साबित होता है।

क्या सरस्वातरिष्ठा को भूखे पेट लिया जा सकता है?

उत्तर: सरस्वातरिष्ठा को भोजन के बाद गुनगुने पानी के साथ सुबह-शाम लेना सर्वोत्तम है। हालांकि सरस्वातरिष्ठा को भूखे पेट लेने से गलत प्रतिक्रिया हो, इस बात का कोई ठोस प्रमाण नहीं है। लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इस दवा को भोजन के बाद लेना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है, इसलिए इसे भोजन के बाद ही खुराक में लें।

क्या सरस्वातरिष्ठा एल्कोहोल के साथ सुरक्षित है?

सरस्वातरिष्ठा को लेने के साथ ही एल्कोहोल का अलग से सेवन करने से भी मानसिकता पर आघात हो सकता है। सरस्वातरिष्ठा को एल्कोहोल के साथ नजरअंदाज किया जाना सदैव उचित है।

क्या सरस्वातरिष्ठा की खुराक के बाद ड्राइविंग करना सुरक्षित है?

बड़ी मानसिक जटिलताओं के दौरान, सरस्वातरिष्ठा से इलाज लेने पर शरीर को पूरी तरह आराम दिया जाना चाहिए। ड्राइविंग एक निजी निर्णय है, लेकिन ऐसे में यह दुर्घटना पूर्ण हो सकता है। इसलिए सरस्वातरिष्ठा की खुराक के कुछ समय बाद तक ड्राइविंग न करें।

क्या सरस्वातरिष्ठा भारत में लीगल दवा है?

हाँ, सरस्वातरिष्ठा भारत में पूर्णतया लीगल है। सरस्वातरिष्ठा को बनाने वाली सारी बड़ी हर्बल कंपनियां भारत के अलग-अलग क्षेत्र में संवैधानिक रूप से प्रगति पर है।

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