Chandanasava की जानकारी
उत्पाद प्रकार Ayurvedic
संयोजन सफेद चंदन + रक्त चंदन + मुलेठी + गंभारी + सुगंधबला + पटोलपत्र + कचूर + पर्पट + नागरमोथा + पिप्पली + पाठा + मंजिष्ठ + मोचरस + आम्रत्वक + रास्ना + कांचनारत्वक + चिरायता + प्रियंगपुष्प + नीलकमल पुष्प + धातकी पुष्प + द्राक्षा + लोध्रत्वक + न्यूग्रोध + पद्मकाष्ठ + गुड़ + शक्कर
डॉक्टर की पर्ची जरुरी नहीं
Chandanasava

चंदनासव के फायदे, नुकसान, खुराक, सावधानी, उपयोग | Chandanasava in Hindi

नाम (Name)Chandanasava
संरचना (Composition)सफेद चंदन + रक्त चंदन + मुलेठी + गंभारी + सुगंधबला + पटोलपत्र + कचूर + पर्पट + नागरमोथा + पिप्पली + पाठा + मंजिष्ठ + मोचरस + आम्रत्वक + रास्ना + कांचनारत्वक + चिरायता + प्रियंगपुष्प + नीलकमल पुष्प + धातकी पुष्प + द्राक्षा + लोध्रत्वक + न्यूग्रोध + पद्मकाष्ठ + गुड़ + शक्कर
दवा-प्रकार (Type of Drug)आयुर्वेदिक दवा
उपयोग (Uses)पेशाब में जलन और दर्द, कमजोरी, किड़नी की पथरी, सिस्ट, प्रमेह आदि
दुष्प्रभाव (Side Effects)खुजली, आंखों में जलन, अवसाद, घुटन आदि
ख़ुराक (Dosage)डॉक्टरी सलाह अनुसार
किसी अवस्था पर प्रभावअतिसंवेदनशीलता, गर्भावस्था
खाद्य पदार्थ से प्रतिक्रियाअज्ञात
अन्य दवाई से प्रतिक्रियाअज्ञात

परिचय

चंदनासव क्या है? – What is Chandanasava in Hindi

चंदनासव जीवाणुनाशक और मूत्रल (Diuretic) गुणों से संगठित एक आयुर्वेदिक औषधीय द्रव्य है। चंदनासव को अपनी मात्रा के मुताबिक पानी की मात्रा के साथ मिलाकर मौखिक रूप से ग्रहण करने पर वात और पित्त के शमन में काफी मदद मिल सकती है।

चंदनासव मूत्र संस्थान की हर बिगड़ी कड़ी में सुधार हेतु एक विशिष्ट उपचार है, जो बार-बार पेशाब आना, रुक-रुक के कठिनाई से मूत्र निकलना, मूत्र त्याग में जलन, मूत्र के साथ वीर्य हानि, मूत्र में खून आना और मूत्र के साथ मवाद या खस निकलना जैसी सुनने में आई कई परेशानियों को दूर कर सकता है।

चंदनासव पथरी निर्माण के समय अवरोधक के रूप में कार्य कर सकता है। साथ ही, यह एक अच्छे पाचक का उदाहरण देते हुए चंदनासव को पाचन तंत्र के सुनिर्माण हेतु भी चुना जा सकता है।

चंदनासव के बारें में पूरी शोध के बाद पता चला है कि यह हृदय को बल प्रदान कर शरीर को ऊर्जा देने में सक्षम है। यह शीतवीर्य प्रकृति का है, जो शरीर की दाह को कम कर शुक्र धातु की पुष्टि कर सकता है।

यह आयुर्वेदिक उत्पाद निम्न कंपनी व ब्रांड के नाम से प्रचलित है।

  • Dabur Chandanasava
  • Baidyanath Chandanasava
  • Zandu Chandanasava
  • Sandu Chandanasava
  • Dhootapapeshwar Chandanasava

संयोजन

चंदनासव की संरचना – Chandanasava Composition in Hindi

निम्न घटक चंदनासव में मौजूद होते है।

सफेद चंदन + रक्त चंदन + मुलेठी + गंभारी + सुगंधबला + पटोलपत्र + कचूर + पर्पट + नागरमोथा + पिप्पली + पाठा + मंजिष्ठ + मोचरस + आम्रत्वक + रास्ना + कांचनारत्वक + चिरायता + प्रियंगपुष्प + नीलकमल पुष्प + धातकी पुष्प + द्राक्षा + लोध्रत्वक + न्यूग्रोध + पद्मकाष्ठ + गुड़ + शक्कर

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चंदनासव कैसे काम करती है?

  • सफेद चंदन नसों की सूजन को कम कर मूत्र उत्सर्जन को आसान बना सकता है। सफेद चंदन के लेप से त्वचा की खुजली और अन्य चर्म दिक्कतों में राहत मिल सकती है। यह पेट की एसिडिटी को कम कर पेट दर्द और पित्त की समस्या से छुटकारा दिला सकता है। शरीर के विभिन्न अंग जैसे नाक, कान, गुदा या योनि से खून आता है, ऐसे में सफेद चंदन से रक्तपित्त में लाभ की दर प्रबल हो सकती है।
  • मुलेठी त्वचा संबंधी विकारों में फायदा पाने के लिए एक पथ्य (सेवन योग्य) धातु है। मुलेठी वात और पित्त दोष को शान्त कर हानिकारक तत्वों (टॉक्सिन) को शरीर से बाहर निकालने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में सहायक हो सकती है। मुलेठी यूरिन इंफेक्शन से बचाव के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
  • नागरमोथा गैस्ट्रोप्रोटेक्टिव, हेपेटोप्रोटेक्टिव और कार्डियोप्रोटेक्टिव का एक अच्छा उदाहरण है। यह ब्लड शुगर को कम कर प्रमेह को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है। नागरमोथा एक एंटीहिस्टामाइन (Antihistamine) होने का जिक्र करता है, जो एलर्जी से जुड़े समस्त लक्षणों के लिए प्रभावी हो सकता है।
  • पिप्पली एक डायजेस्टिव एजेंट है, जो पाचक रसों की सक्रियता बढ़ाकर भोजन से मिलने वाले आवश्यक पोषक तत्वों के अवशोषण में सहायता कर सकती है। पिप्पली पतली दस्त का उपचार कर पानी की अनावश्यक कमी को रोकने का कार्य करती है।
  • द्राक्षा को भूख न लगने और कमजोरी को दूर करने के लिए विशेषकर उपयोग में लिया जाता है। इसमें मौजूद विटामिन प्रतिरक्षा प्रणाली को सशक्त बनाने का कार्य करते है, जिससे संक्रमणों से लड़ने में मदद मिलती है।

फायदे

चंदनासव के उपयोग व फायदे – Chandanasava Uses & Benefits in Hindi

चंदनासव को निम्न अवस्था व विकार में सलाह किया जाता है।

  • पेशाब में जलन और दर्द
  • यूरिन इंफेक्शन
  • शरीर में अधिक गर्मी
  • कमजोरी
  • किड़नी की पथरी
  • सिस्ट
  • प्रमेह
  • स्वप्नदोष
  • श्वेत प्रदर
  • रक्तपित्त
  • शुक्रमेह
  • त्वचा संबंधी विकार
  • एसिडिटी
  • एलर्जी
  • बार-बार प्यास लगना
  • यूरेथ्राइटिस
  • सुजाक
  • सिफलिस

दुष्प्रभाव

चंदनासव के दुष्प्रभाव – Chandanasava Side Effects in Hindi

निम्न साइड इफेक्ट्स चंदनासव के कारण हो सकते है। आमतौर पर साइड इफेक्ट्स चंदनासव से शरीर की अलग प्रतिक्रिया व गलत खुराक से होते है और सबको एक जैसे साइड इफेक्ट्स नहीं होते है। अत्यंत चंदनासव से दुष्प्रभाव में डॉक्टर की सहायता लें।

  • खुजली
  • आंखों में जलन
  • अवसाद
  • घुटन
  • उबकाई

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खुराक

चंदनासव की खुराक – Chandanasava Dosage in Hindi

  • खुराक डॉक्टर द्वारा चंदनासव की रोगी की अवस्था अनुसार दी जाती है। इसलिए चंदनासव का सेवन डॉक्टर से सलाह लेने के बाद शुरू करें।
  • चंदनासव की खुराक एक सामान्य वयस्क के लिए, दिन में 20-30 मिलीलीटर बेहद फायदेमंद साबित होती है।
  • चंदनासव को बच्चों में, प्रतिदिन 10 से 15 मिलीलीटर तक दिया जाना चाहिए। खुराक की यह मात्रा हर वर्ग और आयु के बच्चों हेतु सुरक्षित है। खुराक से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह ली जा सकती है।
  • चंदनासव की खुराक को गुनगुने पानी के साथ लें। इस दवा की खुराक को कोरा न लें।
  • चंदनासव की खुराक में हर सुरक्षित बदलाव के लिए चिकित्सक का सहारा अवश्य लें।
  • चंदनासव की शरीर में मौजूदगी के लिए इसकी हर खुराक का नियमित पालन करते रहें। इस दवा की खुराक को बंद करने के लिए निजी निर्णय की अपेक्षा डॉक्टरी निर्णय पर ज्यादा निर्भर रहने की ज्यादा आवश्यकता है।
  • एक खुराक छूट जाये, तो निर्धारित चंदनासव का सेवन जल्द करें। अगली खुराक चंदनासव की निकट हो, तो छूटी खुराक ना लें।

सावधानी

निम्न सावधानियों के बारे में चंदनासव के सेवन से पहले जानना जरूरी है।

किसी अवस्था से प्रतिक्रिया

निम्न अवस्था व विकार में चंदनासव से दुष्प्रभाव की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए जरूरत पर, डॉक्टर को अवस्था बताकर ही चंदनासव की खुराक लें।

  • अतिसंवेदनशीलता
  • गर्भावस्था

भोजन के साथ प्रतिक्रिया

चंदनासव की भोजन के साथ प्रतिक्रिया की जानकारी अज्ञात है।

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सवाल-जवाब

क्या चंदनासव शारीरिक कमजोरी को दूर करने में सहायक है?

शुक्रमेह और श्वेत प्रदर में क्रमशः वीर्य और सफेद पानी निकलने का सिलसिला जारी रहता है, जिससे शारीरिक ऊर्जा का हास् होता है और कमजोरी बनी रहती है। ऐसे में चंदनासव के उपयोग से संभवतः बेहद अच्छा परिणाम मिलता है। यह पोषक तत्वों की आपूर्ति करके भी शारीरिक कमजोरी को दूर भगाने में सहायक हो सकता है।

क्या चंदनासव गर्भवती महिलाओं में सुरक्षित है?

चंदनासव के निर्मित कुछ ब्रांड उत्पाद जैसे डाबर वगैरहा गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित हो सकते है। लेकिन चंदनासव के मिलावटी या खराब उत्पादों के इस्तेमाल से गर्भवती महिलाओं को कई कठिनाइयां हो सकती है। इस विषय में बेहतर जानकारी और सुरक्षित उपचार के लिए गर्भवती महिलाएं सदैव अपने चिकित्सक का व्यक्तिगत परामर्श लें।

क्या चंदनासव को भूखे पेट लेना उचित है?

चंदनासव को भोजन के बाद लेने की सलाह दी जाती है। लेकिन भूखे पेट इस दवा को लेने की चाह रखने वाले लोगों को एक बार इसके दुष्प्रभावों का स्मरण कर लेना चाहिए। दुष्प्रभावों से बचने के लिए चंदनासव के विषय में सुझाई गयी बातों का पालन अवश्य करें।

चंदनासव को कब तक तक लेने की आवश्यकता है?

चंदनासव से मिलने वाला प्रभावी असर कुछ मरीजों में शीघ्र तथा कुछ में थोड़ा विलंब से प्राप्त होता है। लेकिन चंदनासव को लेने की एक निश्चित अवधि की कोई जानकारी नहीं है। इसे अपने चिकित्सक की देखरेख में प्रारंभ करें।

चंदनासव की दो लगातार खुराकों के बीच कितना समय अंतराल होना चाहिए?

चंदनासव की एक खुराक लेने के बाद कम से कम 6 से 8 घंटों बाद दूसरी खुराक का निर्वहन करना चाहिए। इस विषय में इस दवा की पहली खुराक सुबह और दूसरी खुराक शाम को ली जानी अतिउत्तम साबित होती है।

चंदनासव का असर शरीर में कितने समय के लिए बना रहता है?

चंदनासव एक आयुर्वेदिक औषधि है, जिसके हर्बल घटक शरीर में लंबे समय के लिए बने रहते है। चंदनासव की शुरुआती खुराक लेने के बाद इसका असर कुछ समय के लिए प्रभावी रहता है, हालांकि असर की समयावधि की ठोस जानकारी अज्ञात है। इस दवा का लगातार असर बनाएं रखने के लिए इसकी खुराक को लगातार अंतराल में लेते रहने की आवश्यकता है।

क्या चंदनासव एल्कोहोल के साथ सुरक्षित है?

चंदनासव को एल्कोहोल के साथ डॉक्टर की सलाह पर ही लें। इस मुद्दे में चंदनासव के एल्कोहोल के साथ व्यवहार की जानकारी का अभाव है। लेकिन एक सफल प्रयत्न करें कि इस दवा के साथ एल्कोहोल से दूरी बनाएं रखें ताकि स्वास्थ्य की हानि होने से बच सकें।

क्या चंदनासव को लेने से इसकी आदत पड़ सकती है इसकी आदत पड़ सकती है?

नहीं, चंदनासव को लेने से इसकी आदत नहीं पड़ती है। यह दवा पूरी तरह नशामुक्त है। हालांकि इस दवा को लंबे समय तक इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य लें।

क्या चंदनासव की खुराक के बाद ड्राइविंग करना सुरक्षित है?

हाँ, इस दवा की खुराक के बाद बाद ड्राइविंग करना सुरक्षित है, क्योंकि यह ड्राइविंग क्षमता और मस्तिष्क की एकाग्रता को प्रभावित नहीं करती है।

क्या चंदनासव स्तनपान कराने वाली महिलाओं में सुरक्षित है?

इस विषय में सुरक्षा परिणाम के लिए अपने चिकित्सक का व्यक्तिगत परामर्श लेने की आवश्यकता है।

क्या चंदनासव मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर सकता है?

नहीं, इस दवा को सुरक्षित तौर-तरीकों से इस्तेमाल करने पर यह महिलाओं के मासिक धर्म चक्र को प्रभावित नहीं करती है। इस विषय में ज्यादा जानकारी के लिए मासिक धर्म चक्र से जुड़े डॉक्टर की मदद लें सकते है।

क्या चंदनासव भारत में लीगल है?

हाँ, चंदनासव भारत में पूर्णतया लीगल है। इसके हर ब्रांड के उत्पाद आसानी से उपलब्ध हो सकते है।

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References

STANDARDIZATION OF POLYHERBAL AYURVEDIC FORMULATION: CHANDANASAVA https://www.researchgate.net/publication/268812777_STANDARDIZATION_OF_POLYHERBAL_AYURVEDIC_FORMULATION_CHANDANASAVA Accessed On 22/05/2021

EFFECT OF CHANDANASAV, AN AYURVEDIC FORMULATION, ON MICE WHOLE SPLENOCYTES FOR THE PRODUCTION OF POLYCLONAL IgM AND PROLIFERATION OF CELLS: A PRELIMINARY STUDY https://ijpsr.com/bft-article/effect-of-chandanasav-an-ayurvedic-formulation-on-mice-whole-splenocytes-for-the-production-of-polyclonal-igm-and-proliferation-of-cells-a-preliminary-study/?view=fulltext Accessed On 22/05/2021

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