ब्राह्मी वटी: उपयोग, नुकसान, खुराक, साइड एफ़ेक्ट्स, फायदे, सावधानी | Brahmi Vati in Hindi

ब्राह्मी वटी
नाम (Name)ब्राह्मी वटी
संरचना (Composition)ब्राह्मणी + शंखपुष्पी + काली मिर्च + स्वर्ण माक्षिक भस्म + रससिंदूर + जटामांसी क्वाथ + गोजिह्वा + वचा
दवा-प्रकार (Type of Drug)आयुर्वेदिक दवा
उपयोग (Uses)स्मृति की हानि, तनाव, ब्रोंकाइटिस, अनिद्रा, विषाक्ता, मधुमेह आदि
दुष्प्रभाव (Side Effects)दस्त, कम हृदय गति, भुख में कमी, बेहोशी, चक्कर आना आदि
ख़ुराक (Dosage)डॉक्टरी सलाह अनुसार
किसी अवस्था पर प्रभावपेट के अल्सर, एलर्जी, अतिसंवेदनशीलता, गर्भावस्था आदि
खाद्य पदार्थ से प्रतिक्रियाअज्ञात
अन्य दवाई से प्रतिक्रियाअज्ञात

ब्राह्मी वटी क्या है? – What is Brahmi Vati in Hindi

ब्राह्मी वटी संपूर्ण मानव स्वास्थ्य की कुशाग्रता के लिए एक ब्रह्मास्त्र है।

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ब्राह्मी वटी में मौजूद प्रमुख घटक ब्राह्मी (Waterhyssop) का वानस्पतिक नाम Bacopa monnieri है, जो भारत की प्राचीनतम जड़ी-बूटियों में से एक है।

ब्राह्मी का पौधा नमी वाली जगह पर ज्यादा उगता है, जो रसीला और दिखने में सुंदर होता है। इस पर सफेद, गुलाबी और नील रंग के फूल आते है।

ब्राह्मी वटी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी व एंटीकॉन्वेलसेंट गुण हाेते हैं, जो विशेषकर मस्तिष्क से जुड़ी समस्याओं का आशाजनक उपचार करती है।

आयुर्वेद से जुड़ी कई अन्य वनस्पतियों की तुलना में ब्राह्मी वटी स्वास्थ्य के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित होती है।

इसमें शरीर का कायाकल्प करने वाले परिवर्तनशील और मूल्यवान कार्बनिक यौगिक शामिल होते है, जो शरीर पर बेहद अच्छा प्रभाव छोड़ते है।

ब्राह्मी वटी मिर्गी, अनिद्रा, तनाव, सांस की समस्या, विषाक्ता, कमजोर स्मरण शक्ति, कैंसर, दर्द, सूजन, खराब प्रतिरोधक क्षमता, त्वचा की परेशानियां, मूत्र विकार, एकाग्रता और समझ की कमी, मधुमेह आदि समस्त दुःखों को दूर करने में काम आती है।

पेट में अल्सर, एलर्जी और अतिसंवेदनशीलता के मामलों में ब्राह्मी वटी का सेवन करने से बचना चाहिए।

ब्राह्मी वटी निम्न कंपनी और ब्रांड के उत्पाद के रूप में प्रचलित है।

  • Dabur Brahmi Vati
  • Baidyanath Brahmi Vati
  • Himalaya Wellness Pure Herbs Brahmi Mind Wellness Tablet
  • Sri Sri Tattva Brahmi Tablet
  • Unjha Brahmi Vati

ब्राह्मी वटी की संरचना – Brahmi Vati Composition in Hindi

निम्न घटक ब्राह्मी वटी में होते है।

ब्राह्मणी + शंखपुष्पी + काली मिर्च + स्वर्ण माक्षिक भस्म + रससिंदूर + जटामांसी क्वाथ + गोजिह्वा + वचा

ब्राह्मी वटी कैसे काम करती है?

  • ब्राह्मी वटी मस्तिष्क की कार्यक्षमता और स्वास्थ्य के उपयुक्त कामकाज को बढ़ावा देने का कार्य करती है। यह मानसिक मुसीबत जैसे मिर्गी, अनिद्रा, चिंता और कमजोर याददाश्त को दूर करने में सहायक होती है। साथ ही, यह एकाग्रता, समझ और सतर्कता को बरकरार रखती है।
  • ब्राह्मी वटी में एंटी-डायबिटिक गुण निहित होते हैं, जो रक्त में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करने में कारगर है। इसमें एंटी-हाइपरग्लाइसेमिक शक्ति होती है, जिसके कारण ब्राह्मी वटी टाइप-2 डायबिटीज के लिए भी प्रभावी साबित होती है।
  • ब्राह्मी वटी एक एंटीऑक्सीडेंट गुणों युक्त दवा है, जो ऑक्सिडेटिव तनाव को कम कर हानिकारक प्रभावों से छुटकारा दिलाने में सक्षम है।
  • ब्राह्मी वटी में मौजूद रसायन त्वचा के छिद्रों को साफ कर अनावश्यक तेल को साफ करती है, जिससे त्वचा बेदाग और निखरती है। ब्राह्मी वटी कोलेजोन को बढ़ाकर त्वचा के रूखेपन, ढीलेपन और झुर्रियाें से छुटकारा दिलाने में कारगर साबित होती है।
  • ब्राह्मी वटी को पोषक पूरक के रूप में भी इस्तेमाल लिया जा सकता है। यह बालों की जड़ों पर कार्य कर मजबूती और विकास की प्रक्रिया को तेज करती है।
  • ब्राह्मी वटी श्वसन दर में सुधार कर ब्रोंकाइटिस और अस्थमा पर सफलता हासिल करती है। यह श्वाशनली की सूजन और दर्द को कम करके कार्य करती है।
  • ब्राह्मी वटी आंतों की साफ-सफाई कर हानिकारक पदार्थों के साथ मल त्याग को बढ़ाती है। यह पाचन प्रणाली को धीमा कर पाचन को सफल बनाने का कार्य करती है।
  • ब्राह्मी वटी प्रोस्टाग्लैंडीन के उत्पादन में बाधा पैदा कर दर्द और सूजन से राहत देने का काम करती है। यह शारीरिक दर्द के संकेतों से छुटकारा पाने हेतु एक चमत्कारी औषधि है।

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ब्राह्मी वटी के उपयोग व फायदे – Brahmi Vati Uses & Benefits in Hindi

ब्राह्मी वटी को निम्न अवस्था व विकार में सलाह किया जाता है।

  • स्मृति की हानि
  • तनाव
  • खाँसी
  • ब्रोंकाइटिस
  • कफ
  • अत्यधिक बलगम
  • खराब पाचन शक्ति
  • बदहजमी
  • संक्रमण
  • मिर्गी
  • मधुमेह
  • त्वचा की समस्याएं
  • सूजन
  • उच्च रक्तचाप
  • स्तन कैंसर और कोलन कैंसर
  • अस्थमा
  • रक्त रोग
  • गठिया
  • हेपेटाइटिस
  • मूत्र संबंधी विकार
  • गुर्दे की पथरी
  • बाल झड़ना
  • अनिद्रा
  • विषाक्ता

ब्राह्मी वटी के दुष्प्रभाव – Brahmi Vati Side Effects in Hindi

निम्न साइड एफ़ेक्ट्स ब्राह्मी वटी के कारण हो सकते है। आमतौर पर साइड एफ़ेक्ट्स शरीर की अलग प्रतिक्रिया व गलत खुराक से होते है और सबको एक जैसे साइड एफ़ेक्ट्स नहीं होते है।

  • दमा
  • दस्त
  • पेट दर्द
  • मतली
  • कम हृदय गति
  • भुख में कमी
  • बेहोशी
  • चक्कर आना

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ब्राह्मी वटी की खुराक – Brahmi Vati Dosage in Hindi

  • ब्राह्मी वटी की खुराक विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही शुरू करनी चाहिए।
  • ब्राह्मी वटी की खुराक एक आम वयस्क के लिए, दिन में 250mg निर्देशित है। दवा की इस मात्रा को 3 दैनिक भागों में विभाजित कर इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • ब्राह्मी वटी को भोजन के बाद लेना ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। ब्राह्मी वटी को इस्तेमाल करने के विभिन्न तरीकों का ज्ञान आयुर्वेदिक विशेषज्ञ द्वारा लें।
  • ब्राह्मी वटी बच्चों के लिए उपयोगी हो सकती है या नहीं, इस बारें में बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
  • ब्राह्मी वटी की खुराक में सफल परिवर्तन डॉक्टर आधारित होना चाहिए।
  • एक खुराक छूट जाये, तो निर्धारित ब्राह्मी वटी का सेवन जल्द करें। अगली खुराक ब्राह्मी वटी की निकट हो, तो छूटी खुराक ना लें।

सावधानियां – Brahmi Vati Precautions in Hindi

निम्न सावधानियों के बारे में ब्राह्मी वटी के सेवन से पहले जानना जरूरी है।

किसी अवस्था से प्रतिक्रिया

निम्न अवस्था व विकार में ब्राह्मी वटी से दुष्प्रभाव की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए जरूरत पर, डॉक्टर को अवस्था बताकर ही ब्राह्मी वटी की खुराक लें।

  • पेट में अल्सर
  • एलर्जी
  • अतिसंवेदनशीलता
  • गर्भावस्था

भोजन के साथ प्रतिक्रिया

ब्राह्मी वटी की भोजन के साथ प्रतिक्रिया की जानकारी अज्ञात है।

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Brahmi Vati FAQ in Hindi

1) क्या ब्राह्मी वटी स्तनों में दूध की मात्रा को बढ़ाने में सहायक है?

उत्तर: हाँ, यह मूल्यवान वटी स्तनों में दूध की मात्रा को बढ़ाने में मददगार हो सकती है। साथ ही, यह खारे पदार्थों का अंत कर दूध की विषाक्ता को दूर करने में भी सहायक बनती है। लेकिन विशेषज्ञ की निगरानी में ही इसका सेवन करें।

2) क्या ब्राह्मी वटी तुतलाहट को ठीक करने में सहायक है?

उत्तर: जन्मजात तुतलाहट मतलब बोलने में अटकने वाले लोगों के लिए यह दवा लाभदायक हो सकती है। इस विषय में सकारात्मक असर पाने के लिए आप अपने चिकित्सक की राय ले सकते है।

3) क्या ब्राह्मी वटी यौन रोगों के इलाज में सहायक हो सकती है?

उत्तर: इस बारें में कोई ठोस जानकारी अज्ञात है, इसलिए यौन स्वास्थ्य से जुड़े डॉक्टर की सलाह लेना ज्यादा बेहतर है।

4) ब्राह्मी वटी का सेवन कब तक किया जा सकता है?

उत्तर: ब्राह्मी वटी को लगातार तीन महीनों तक उपयोग करने से किसी भी रोग से मुक्ति पाई जा सकती है। तीन महीनों के बाद कुछ समय के लिए इस दवा को लेना बंद कर दें। यदि बाद में इस दवा की जरूरत महसूस होने पर डॉक्टर की सहायता से पुनः इसकी खुराक शुरू कर सकते है।

5) क्या ब्राह्मी वटी गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित है?

उत्तर: गर्भवती महिलाओं द्वारा इस दवा को लेने से पूर्व चिकित्सक के दिशा-निर्देशों को जानना आवश्यक है, क्योंकि गर्भावस्था में किसी भी तरह का खेद स्वास्थ्य जटिलता का कारण बन सकता है।

6) क्या ब्राह्मी वटी एक नशेदार पदार्थ है?

उत्तर: नहीं, ब्राह्मी वटी नशेदार दवा नहीं है, बल्कि यह आयुर्वेदिक वटी तन, मन और मस्तिष्क को शांत करने में सहायता करती है।

7) क्या ब्राह्मी वटी शारीरिक ऊर्जा को बढ़ाने में सहायक है?

उत्तर: हाँ, यह दवा शारीरिक ऊर्जा को बढ़ाने में सहायक हो सकती है। यह पोषक तत्वों की भरपाई कर पाचन शक्ति में सुधार करती है, जिसके फलस्वरूप शारीरिक ऊर्जा में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगती है।

8) क्या ब्राह्मी वटी रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार कर सकती है?

उत्तर: हाँ, यह दवा प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत कर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होने पर, स्वास्थ्य किसी भी परिस्थिति से जल्दी उभरने में सक्षम होता है।

9) क्या ब्राह्मी वटी मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर सकती है?

उत्तर: नहीं, ब्राह्मी वटी मासिक धर्म चक्र को प्रभावित नहीं करती है। ब्राह्मी वटी की सही खुराक और सुरक्षित परिणाम के लिए अपने निजी मासिक धर्म चक्र से जुड़े चिकित्सक की सहायता अवश्य लें।

10) क्या ब्राह्मी वटी भारत में लीगल है?

उत्तर: हाँ, यह आयुर्वेदिक दवा भारत में पूर्णतया लीगल है।

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