रजत भस्म: उपयोग, नुकसान, लाभ, खुराक, साइड एफ़ेक्ट्स | चाँदी भस्म | Rajat Bhasma in Hindi

rajat bhasma
नाम (Name)रजत (चाँदी) भस्म
उपयोग (Uses)कामेच्छा में सुधार, मस्तिष्क की नसों को आराम, एनीमिया का इलाज, सांस से जुड़ी तकलीफ आदि
दुष्प्रभाव (Side Effects)ध्यान विचलन, खाज-खुजली, आंतों को नुकसान, बुखार आदि
ख़ुराक (Dosage)जरूरत अनुसार
किसी अवस्था पर प्रभावगर्भावस्था, अतिसंवेदनशीलता आदि
खाद्य पदार्थ से प्रतिक्रियाअज्ञात
अन्य दवाई से प्रतिक्रियाअज्ञात
कीमत (Price)200 से 500 रुपये प्रति 2 ग्राम

रजत भस्म क्या है? – What is Rajat Bhasma in Hindi

रजत भस्म आयुर्वेदिक दवाओं में इस्तेमाल होने वाला एक बेहद ही गुणकारी यौगिक है, जो मुख्यतः वात प्रकोप को शांत करने में कारगर होता है।

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रजत भस्म को चांदी के भस्मीकरण प्रक्रिया द्वारा तैयार किया जाता है, इसलिए यह चांदी भस्म और रोप्य भस्म नाम से भी पहचानी जाती है।

यह भस्म मस्तिष्क, गुर्दो और तंत्रिकाओं की कार्यशैली में सुधार कर स्वास्थ्य की गुणवत्ता को बेहतर बनायें रखने में उपयोगी साबित होती है।

रजत भस्म एनीमिया, पीलिया, नेत्र रोग, किडनी दुर्बलता, अत्यधिक बलगम, पीला बलगम, शुक्राणुओं की अल्पता, मिर्गी, शारीरिक कमजोरी, क्षय रोग, मानसिक रोग, मूत्र की समस्या, कामेच्छा की कमी, दमा, माइग्रेन, कान की समस्या और चिंता जैसी कई अन्य बीमारियों के इलाज हेतु एक प्रबल आयुर्वेदिक यौगिक है।

रजत भस्म से बने अच्छी क्वालिटी के उत्पादों का ही सेवन करना चाहिए। मिलावटी रजत भस्म से कई बार दुष्प्रभाव उजागर हो सकते है, इसलिए डॉक्टर या विशेज्ञय की सलाह लेना आवश्यक हो जाता है।

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Rajat Bhasma कैसे काम करती है?

  • रजत भस्म को दवा के रूप में इस्तेमाल करने से बहुत सी शारीरिक बीमारियों का प्रभाव ऐसे ही कम हो जाता है। इसमें समाहित गुणों के आधार पर इस दवा से होने वाले दीर्घकालिक फायदो का अंदाजा लगाया जा सकता हैं।
  • रजत भस्म फेफड़ों की ताकत को बढ़ाती है, जिससे श्वसन से जुड़े रोगों जैसे खांसी, अत्यधिक बलगम का उपचार आसान हो जाता है। इस औषधि से टीबी रोग में भी बेहद लाभ प्राप्त होता है।
  • रजत भस्म मानसिक हालात के असंतुलन और इससे पैदा हुए लक्षणों के लिए दवा का एक सफल विकल्प है। यह चिंता, मानसिक असंतुलन, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन, डर, तनाव, उदासी आदि सभी का इलाज करने का कार्य करता है।
  • रजत भस्म कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने से लेकर हृदय में रक्त संचरण करने वाली धमनियों को साफ रखने तक का कार्य करती है। यह हृदय को स्वस्थ रखते हुए हृदय से जुड़े भविष्य जोखिमों की संभावनाओं को शून्य करने में सहायक है।
  • रजत भस्म कफ और वात नाशक के रूप में भी कार्य करती है और इससे जुड़े लक्षणों के खिलाफ सख्त प्रभाव छोड़ती है।
  • रजत भस्म पुरुषों की मर्दाना कमजोरी को दूर करने के लिए एक लोकप्रिय घटक है। यह दवा वीर्य को गाढ़ा बनाकर शीघ्रपतन को रोकने का कार्य करती है। रजत भस्म कामोत्तेजना में सुधार कर मैथुन कर्म को लंबे समय के लिए तैयार करती है।

रजत भस्म के फायदे – Rajat Bhasma Benefits in Hindi

रजत भस्म के नियमित उपयोग के निम्न फायदे है। लेकिन किसी भी गंभीर अवस्था में रजत भस्म के उपयोग से पहले डॉक्टर की निजी सलाह बेहद जरूरी है।

  • कामेच्छा में सुधार
  • मस्तिष्क की नसों को आराम
  • एनीमिया का इलाज
  • पीलिया की छुट्टी
  • बलगम की परेशानी का हल
  • माइग्रेन में असरदार
  • कान की समस्याओं का निपटारा
  • मिर्गी के उपचार में सहायक
  • शुक्राणु मात्रा में सुधार
  • शीघ्रपतन में फायदेमंद
  • प्रतिरक्षा प्रणाली में मजबूती
  • हृदय की परेशानियों से छुटकारा
  • मूत्र रोग और मूत्र संक्रमण के इलाज में उपयोगी
  • श्वशन दर में इजाफा
  • उदर रोगों में लाभकारी
  • खराब त्वचा की रूपरेखा में बदलाव
  • गर्भाशय से जुड़े विकारों के इलाज में फायदेमंद

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रजत भस्म के दुष्प्रभाव – Rajat Bhasma Side Effects in Hindi

निम्न साइड एफ़ेक्ट्स रजत भस्म के कारण हो सकते है। आमतौर पर साइड एफ़ेक्ट्स रजत भस्म से शरीर की अलग प्रतिक्रिया व गलत खुराक से होते है और सबको एक जैसे साइड एफ़ेक्ट्स नहीं होते है। अत्यंत दुष्प्रभाव में खुराक को बंद कर डॉक्टर की सहायता लें।

  • ध्यान विचलन
  • खाज-खुजली
  • आंतों को नुकसान
  • बुखार
  • गाढ़े रंग का मल
  • कमजोरी
  • सिरदर्द

रजत भस्म की खुराक – Rajat Bhasma Dosage in Hindi

  • रजत भस्म की खुराक डॉक्टर या विशेषज्ञ द्वारा रोगी की अवस्था अनुसार दी जाती है। इसलिए रजत भस्म का सेवन डॉक्टर से सलाह लेने के बाद शुरू करें।
  • एक सामान्य वयस्क के लिए, रजत भस्म की प्रतिदिन खुराक दिन में दो बार 65 से 125mg निर्धारित है।
  • 5 से 18 वर्ष के बच्चों में, रजत भस्म की खुराक 30-65mg प्रतिदिन सुरक्षित है।
  • 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में, रजत भस्म की खुराक 1mg प्रति किलोग्राम वजन के आधार पर दी जानी चाहिए। इस विषय में बाल रोग विशेषज्ञ का परामर्श जरूर लें।
  • रजत भस्म की खुराक में बदलाव की उम्मीद होने पर अपने चिकित्सक का सहारा अवश्य लें। इस विषय में खुराक में सुविधानुसार बदलाव करने से बचें।
  • रजत भस्म से बनी दवाओं की खुराक का पूरा निर्वहन करें।

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रजत भस्म उपयोग विधि – Rajat Bhasma Uses Method in Hindi

  • वीर्य वृद्धि के लिए रजत भस्म को शहद के साथ लेते रहने से कुछ समय के भीतर शरीर में सकारात्मक बदलाव महसूस होता है।
  • मस्तिष्क की कमजोरी को दूर करने के लिए, रजत भस्म को अश्वगंधा के साथ लेने का प्रयास करें।
  • वात और पित्त रोगों के लिए रजत भस्म को त्रिफला चूर्ण के साथ मिलाकर इसका सेवन करें। ऐसा करने से यकीनन कुछ समय बाद आपको इसका असर दिखना शुरू हो जाएगा।
  • नेत्र की समस्याओं से छुटकारा पाने हेतु रजत भस्म को त्रिफला घी के साथ उपयोग करें।
  • पीलिया रोग के इलाज हेतु इसे त्रिकूट चूर्ण के साथ सेवन करें।

सावधानियां – Rajat Bhasma Precautions in Hindi

निम्न सावधानियों के बारे में Rajat Bhasma के सेवन से पहले जानना जरूरी है।

किसी अवस्था से प्रतिक्रिया

निम्न अवस्था व विकार में रजत भस्म से दुष्प्रभाव की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए जरूरत पर, डॉक्टर को अवस्था बताकर ही रजत भस्म की खुराक लें।

  • गर्भावस्था
  • अतिसंवेदनशीलता
  • कोई गंभीर बीमारी

भोजन के साथ प्रतिक्रिया

रजत भस्म की भोजन के साथ प्रतिक्रिया की जानकारी अज्ञात है।

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Rajat Bhasma FAQ in Hindi

1) क्या रजत भस्म मांस में पड़े कीड़ो के इलाज में सहायक हो सकती है?

उत्तर: हाँ, यह भस्म त्वचा से जुड़े रोगों और संक्रमणों के इलाज में सहायक हो सकती है। यह दवा गैंग्रीन नामक रोग (जिसमें मांस सड़ने लगता है और उसमें कीड़े पड़ने शुरू हो जाते है) के इलाज में मददगार हो सकती है, जो रोग आमतौर पर अन्य दवाओं से जल्दी ठीक नहीं होता है।

2) क्या रजत भस्म सोचने की क्षमता बढ़ाने में सहायक है?

उत्तर: यह आयुर्वेदिक दवा स्मृति हानि या कमजोर याददाश्त को सुधारने में सहायक हो सकती है। इस दवा का उपयोग विशेषकर मस्तिष्क को तैयार करने हेतु किये जाने से पहले अपने चिकित्सक की अनुमति जरूर लें।

3) क्या रजत भस्म गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित है?

उत्तर: गर्भावस्था में इस भस्म का शरीर के साथ व्यवहार अज्ञात है। लेकिन किसी भी चीज की अति या दुरुपयोग हमेशा खतरनाक होता है, यदि बात इस दवा पर लागू होती है। इसलिए इस दवा की सही खुराक और संतुष्टि के लिए गर्भवती महिलाएं डॉक्टर से निजी परामर्श जरूर लें।

4) क्या रजत भस्म शराब के साथ सुरक्षित है?

उत्तर: रजत भस्म की खुराक लेने से पहले या बाद में शराब का सेवन न करें। शराब हर गंभीर स्थिति में मुसीबत का कारण बन सकती है। यदि खराब लक्षणों की अधिकता ज्यादा है, तो शराब के सेवन से बचना चाहिए। हालांकि इस विषय में अभी तक कोई ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं है।

5) क्या रजत भस्म स्तनपान कराने वाली महिलाओं में सुरक्षित है?

उत्तर: स्तनपान के समय में इस दवा का असर ज्यादातर सकारात्मक ही होता है। लेकिन हर संभव दुष्प्रभावों से बचने हेतु इस विषय में डॉक्टरी हस्तक्षेप आवश्यक है।

6) क्या रजत भस्म की खुराक भूखे पेट लेना उचित है?

उत्तर: हाँ, ज्यादातर यह औषधि भूखे पेट ही ली जाती है, क्योंकि भूखे पेट इस दवा का शरीर में अच्छे से अवशोषण होता है। पर विशेषज्ञ द्वारा बताई विधि और समय पर ही इसका सेवन करें।

7) क्या रजत भस्म दूध के साथ सुरक्षित है?

उत्तर: हाँ, रजत भस्म दूध के साथ पूर्णतया सुरक्षित है। इसे शहद और अदरक रस के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

8) क्या रजत भस्म विषाक्ता को मिटाने में सहायक हो सकती है?

उत्तर: हाँ, मधुमक्खी या बिच्छु के डंक से शरीर में विष फैलना शुरू हो जाता है। ऐसी स्थिति में रजत भस्म की खुराक प्राथमिक उपचार हो सकता है। यह भस्म शरीर को विषाक्ता से मुक्त करने में पूरी तरह सहायक है।

9) क्या रजत भस्म की खुराक के बाद गाड़ी या भारी उपकरणों का संचालन सुरक्षित है?

उत्तर: हाँ, इस दवा की खुराक के बाद गाड़ी या भारी उपकरणों का संचालन करना सुरक्षित है। यह भस्म शरीर की वर्तमान ताकत में ओर गिरावट नहीं करती है।

10) क्या रजत भस्म मासिक धर्म चक्र को प्रभावित करती है?

उत्तर: इस विषय में कोई खास सूचना का पता नहीं चल पाया है। बिगड़े मासिक धर्म चक्र के दौरान इस दवा को अपने निजी मासिक धर्म चक्र से जुड़े चिकित्सक की अनुमति के बाद ही शुरू करें।

11) क्या रजत भस्म से नशा हो सकता है?

उत्तर: नहीं, रजत भस्म के सेवन से नशा नहीं होता है। बल्कि यह दवा स्मृति को बढ़ाने के लिए नशे से रुख मोड़ने में सहायक हो सकती है।

12) क्या रजत भस्म भारत में लीगल है?

उत्तर: हाँ, यह भस्म दवा के रूप में भारत में पूर्णतया लीगल है। यह आसानी से ऑनलाइन और आयुर्वेदिक मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध है।

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