Kaunch Beej in Hindi
नाम (Name)कौंच बीज (Velvet Beans)
पोषक तत्व (Nutrition)कैल्शियम + सोडियम + पोटेशियम + आयरन + मैग्नीशियम + फास्फोरस + मैंगनीज + कॉपर + जिंक
फायदे (Benefits)अनिद्रा व डिप्रेशन से राहत, एकाग्रता में सुधार, स्वस्थ हृदय, बेहतर यौन स्वास्थ्य आदि
दुष्प्रभाव (Side Effects)उल्टी,सुस्ती, कमजोरी, दस्त, भूख की कमी आदि
ख़ुराक (Dosage)डॉक्टरी सलाह अनुसार
किसी अवस्था पर प्रभावडायबिटीज, गर्भावस्था आदि
खाद्य पदार्थ से प्रतिक्रियाअत्यधिक मसालेदार भोजन, शराब
अन्य दवाई से प्रतिक्रियाआज्ञात
कीमत (Price)600 से 700 रुपये (प्रतिकिलो)

कौंच बीज क्या है? – What is Kaunch Beej in Hindi

कौंच बीज शास्त्रीय आयुर्वेदिक दवाओं में इस्तेमाल होने वाला एक प्रचलित यौगिक है। कौंच बीज के असीमित फायदों के कारण ही इसे बहुत-सी आयुर्वेदिक दवाओं में जगह दी जाती है। इसे केवाँच, केवाछ, खुजनी, किवांच, कपिकच्छु, वेलवेट बीन या कौंछ नाम से भी जाना जाता है।

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यह बेल से प्राप्त होने वाली फलियों में मौजूद होते है, जो अक्सर अंडाकार और काले या सफेद रंग के बीज होते है। कौंच बीज की तासीर गर्म होती है।

कौंच बीज दो प्रकार की फलियों से प्राप्त होते है। पहली एक फली की प्रजाति है, जो जंगलों में पैदा होती है और इन पर पतले रोम बहुत ज्यादा होते है। इन रोमों के मात्र छूने से ही अनियंत्रित खुजली और जलन पैदा हो सकती है।

फली की दूसरी प्रजाति की खेती की जाती है और ये कम रोम वाली होती है। कौंच बीज भारत में मैदानी इलाकों पर ज्यादा पाएं जाते है। कौंच बीज मानसिक और शारीरिक संतुलन में सुधार करने के उद्देश्य से संपूर्ण स्वास्थ्य को रोगमुक्त करता है।

शुक्राणु विकार से लेकर पार्किंसंस रोग तक को ठीक करने हेतु कौंच का उपयोग आयुर्वेद चिकित्सा प्रणाली में सहजता से किया जाता है। पुरुषों की यौन शक्ति को बढ़ाने में बहुत फायदेमंद होती है।

इसमें कामोत्तेजक प्रवृत्ति होती है, जो नपुसंकता जैसी जटिल स्थितियों को दूर कर पुरुषों की यौन शक्ति बढ़ाने में लाभदायक है।

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कौंच बीज के पोषक तत्व – Kaunch Beej Nutrition in Hindi

कौंच बीज में निम्नलिखित पोषक तत्व मौजूद होते है, जो व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य की देखभाल करने में मददगार है।

कैल्शियम + सोडियम + पोटेशियम + आयरन + मैग्नीशियम + फास्फोरस + मैंगनीज + कॉपर + जिंक

कौंच बीज कैसे काम करता है?

  • कौंच बीज उच्च कोलेस्ट्रॉल और इससे होने वाली अन्य बीमारियों जैसे हृदय रोग, धमनियों की परेशानी आदि के इलाज में फायदेमंद साबित होता है। कौंच बीज में एंटीकोलेस्ट्रोल गुणों का समावेश होता है। यह हानिकारक कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और गुणकारी कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने का कार्य करता है।
  • कौंच बीज में एंटीऑक्सीडेंट गुण छुपे होते है, जो स्वास्थ्य की तंदुरुस्ती के लिए जरूरी होते है। कौंच बीज शरीर को क्षति पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स को नष्ट करने का कार्य करते है। कौंच बीज एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते है, जो मामूली संक्रमणों के निवारण का कार्य करते है।
  • कौंच बीज मस्तिष्क की गतिविधियों को विचलित होने से बचाते है। मस्तिष्क से जुड़ा एक बड़ा रोग, पर्किंसंस रोग जो अक्सर अधिक उम्र वाले लोगों में होता है। यह रोग तंत्रिका तंत्र से जुड़ा होता है, जो डोपामाइन नामक ब्रेन रसायन के अपर्याप्त निर्माण से पैदा होता है। कौंच बीज में एंटी-पार्किंसंस गुण शामिल होते है, जो L-Dopa नामक एमिनो एसिड को उत्तेजित करते है। ये एमिनो एसिड पार्किसंस रोग से बचाव का कार्य करते है।
  • कौंच बीज पुरुषों के बांझपन का इलाज बखूबी कर सकते है। ये स्पर्म काउंट में सुधार कर शुक्राणुओं को नुकसान होने से बचाते है। मानसिक तनाव की वजह से पैदा हुए वीर्य रोगों के इलाज हेतु ये बीज मानसिक तनाव को कम करके कार्य करते है।
  • कौंच बीज दैनिक कार्यों के कारण होने वाले शारीरिक दर्द में एक बेहद अच्छा उपाय है। कौंच बीज में पेन किलर के(दर्दनिवारक) गुण होते है, जो दर्द के प्रभाव को कम करने का कार्य करते है। ये पोषक तत्वों की आपूर्ति कर शरीर को फिट रखने में भी मददगार है।

कौंच बीज के उपयोग व फायदे – Kaunch Beej Uses & Benefits in Hindi

Kaunch Beej को निम्न अवस्था व विकार में सलाह किया जाता है।

  • यौन विकारों को दूर करने में
  • सिरदर्द से मुक्ति
  • सांसों की समस्याओं से निजात
  • दस्त और पेचिश पर रोक
  • मधुमेह पर नियंत्रण में सहायक
  • मूत्र परेशानियों का उपचार
  • ल्यूकोरिया (सफेद पानी) से छुटकारा
  • योनि के ढीलेपन को दूर करने में उपयोगी
  • घाव भरने में सहायक
  • कामेच्छा और सहनशक्ति में बढ़ोतरी
  • संतुष्टि का आनन्द प्राप्त करना
  • किडनी रोगों में लाभदायक
  • मासिक धर्म की परेशानियों का निवारण
  • लकवाग्रस्त अंगों में हलचल पैदा करने में सहायक
  • पार्किसंस या अन्य मानसिक बीमारियों के इलाज में फायदेमंद
  • अनिद्रा से राहत
  • डिप्रेशन से छुटकारा
  • एकाग्रता में सुधार
  • मोटापे और मिर्गी के इलाज में फायदेमंद
  • स्वस्थ हृदय की निर्माण
  • त्वचा संबंधी समस्याओं का निपटारा
  • कोलेस्ट्रॉल स्तर को सुनिश्चित करने में सहायक
  • कमर दर्द का सहज उपचार

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कौंच बीज के दुष्प्रभाव – Kaunch Beej Side Effects in Hindi

कौंच बीज एक प्राकार्तिक घटक है, जिससे दुष्प्रभाव की संभावना बेहद कम है। लेकिन असंतुलित उपयोग व अतिसंवेदनशीलता के कारण निम्न साइड एफ़ेक्ट्स हो सकते है, जो कि दुर्लभ है।

  • हल्की कमजोरी
  • मन खराब
  • उल्टी
  • सुस्ती
  • दस्त
  • भूख की कमी

कौंच बीज की खुराक – Kaunch Beej Dosage in Hindi

  • कौंच बीज की खुराक की सही मात्रा व्यक्ति के उम्र और शारीरिक स्थिति के आधार पर तय की जानी चाहिए। इस बारें में ज्यादा जानने के विशेषज्ञ से निजी खुराक लेना उचित है।
  • कौंच बीज पाउडर की उचित खुराक, एक सामान्य वयस्क के लिए प्रतिदिन 6 से 10 ग्राम है।
  • कौंच बीज से बने काढ़े का सेवन दिन में दो बार 5 से 15ml के विभाजित भागों में करें।
  • कौंच बीज अर्क की खुराक दिन में 250-500mg भोजन के बाद लेना बेहद फायदेमंद है। खुराक की यह सीमा एक वयस्क के लिए सदैव सुरक्षित होती है।
  • छोटे बच्चों में, कौंच बीज से जुड़े उत्पादों का सेवन सीधे न करें। इस विषय में हर स्थिति को बेहतर बनाने के लिए बाल रोग विशेषज्ञ का सहारा अवश्य लें।
  • कौंच बीज उत्पादों की एक साथ दो खुराक न लें। लापरवाही न करें और ओवरडोज़ से हमेशा बचने की कोशिश करें।

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कौंच बीज से सावधानियां

निम्न सावधानियों के बारे में कौंच बीज के सेवन से पहले जानना जरूरी है।

किसी अवस्था से प्रतिक्रिया

निम्न अवस्था व विकार में कौंच बीज से दुष्प्रभाव की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए जरूरत पर, डॉक्टर को अवस्था बताकर ही कौंच बीज की खुराक लें।

  • डायबिटीज
  • गर्भावस्था
  • स्तनपान कराने वाली महिलाए

भोजन के साथ प्रतिक्रिया

  • अत्यधिक मसालेदार भोजन
  • शराब

कौंच बीज की उपयोग विधि

कौंच बीज को औषधि के रूप में विषम लक्षणों से छुटकारा पाने हेतु विभिन्न तरीकों से इस्तेमाल किया जाता है।

  • कमर दर्द के इलाज हेतु, कौंच के बीजों को अच्छे से पीसकर एक लेप तैयार करें, फिर इसे दर्द वाली जगह पर लागू करें। यदि संभव हो सकें, तो ऊपर पट्टी भी बांध लें। ऐसा करने से यकीनन कुछ समय में कमर दर्द से छुटकारा मिल जाता है।
  • कौंच बीज को पाउडर रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। कौंच बीज के पाउडर में शहद और घी मिलाकर चाटने से सांस से जुड़ी बीमारियों में बेहद लाभ मिलता है।
  • कब्ज, मूत्र, किडनी और पेट की समस्याओं से निजात पाने हेतु कौंच बीजों का काढ़ा रूप इस्तेमाल करें। प्रतिदिन 10-20ml ये काढ़ा पीने से कुछ दिनों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलता है।
  • कौंच बीज के चूर्ण को घावों पर लगाने से घाव जल्दी भर जाते है। 2 ग्राम कौंच बीज के चूर्ण में 1 ग्राम गोखरू चूर्ण और 5 ग्राम मिश्री मिलाकर दूध के साथ सेवन करने से कामशक्ति में सुधार आता है।
  • मासिक धर्म की मुसीबतों से छुटकारा पाने हेतु, कौंच बीज की खीर बनाकर सेवन करें। बाजार में, कौंच बीज के उत्पाद कैप्सूल और टैबलेट रूप में भी उपलब्ध है। इन कैप्सूल या टैबलेट को पानी के साथ निगलने से बहुत सारे रोगों का कुशलता से इलाज संभव होता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1) क्या कौंच बीज मोटापा कम करने में सहायक है?

उत्तर: हाँ, ये बीज मोटापा कम करने में जरूर सहायक है। लेकिन ध्यान रहें, मोटापा एकदम से कम करने हेतु कौंच बीजों का एक साथ ज्यादा उपयोग न करें। इससे शारीरिक थकावट और अत्यधिक कमजोरी महसूस हो सकती है। मोटापा कम करने के उद्देश्य से कौंच बीज की पूरी खुराक अपने डॉक्टर द्वारा सुनिश्चित कर लें।

2) क्या कौंच बीज पाचन के सुधार में सहायक है?

उत्तर: पाचन तंत्र की गड़बड़ी से पेट की समस्याएं धीरे-धीरे पैर पसारने लगती है। ऐसे में, कौंच बीज का उचित सेवन करने से एक बेहद अच्छा परिणाम प्राप्त होने के आसार बढ़ जाते है। ये बीज पाचन तंत्र में सुधार कर पेट को नुकसान होने से बचाते है।

3) क्या कौंच बीज गर्भवती और नर्सिंग महिलाओं में सुरक्षित है?

उत्तर: कौंच बीज की तासीर गर्म होने की वजह से गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं में यह दवा सुरक्षित नहीं है। ऐसे समय में, कौंच बीज की दवा शिशु के लिए कष्टदायक हो सकती है। इस विषय में अपने चिकित्सक से व्यक्तिगत परामर्श अवश्य लें।

4) क्या कौंच बीज से आदत लगती है?

उत्तर: नहीं, ये बीज नशेदार नहीं होते है और इनसे कोई आदत नहीं लगती है।

5) क्या कौंच बीज मासिक धर्म चक्र को प्रभावित करते है?

उत्तर: इस विषय में अभी तक कोई रिसर्च न होने के कारण अपने मासिक धर्म चक्र से जुड़े चिकित्सक का परामर्श लेना ज्यादा बेहतर होता है।

6) क्या कौंच बीज की खुराक के बाद भारी कार्य करना सुरक्षित है?

उत्तर: कौंच बीज की खुराक के बाद बड़ी मशीनों का संचालन या भारी कार्य करना सुरक्षित है। लेकिन यदि लक्षणों की गंभीरता ज्यादा हो, तो इसकी खुराक के बाद शारीरिक आराम लें।

7) क्या कौंच बीज संभोग के समय को बढ़ाने में सहायक है?

उत्तर: हाँ, ये बीज संभोग समय को बढ़ाने में सहायक हो सकते है। ये एक ताकतवर औषधि के रूप में कार्य करते है, जो शारीरिक जोश बढ़ाकर कामेच्छा में सुधार करने में सहायक है।

8) क्या कौंच बीज से बनी दवाएं भारत में लीगल है?

उत्तर: हाँ, कौंच बीज से बने उत्पाद भारत में पूरी तरह से लीगल है।

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