नागकेसर के फायदे, नुकसान, खुराक, सावधानी | Nagkesar in Hindi

परिचय

नागकेसर क्या है? – What is Nagkesar in Hindi

नागकेसर को आयुर्वेदिक दवाओं में जड़ी-बूटी के रूप में प्रयोग किया जाता है।

नागकेसर पौधे की पत्तियां लाल रंग की होती है। इसके फूल सफेद और पीले रंग के होते है और इन फूलों के अंदर केसरी रंग के पुंकेसर का गुच्छा होता है।

यह दिखने में बेहद खूबसूरत होता है और इसकी पहचान आसानी से की जा सकती है।

नागकेसर का वानस्पतिक नाम Mesua Ferrea Linn होता है, जो Clusiaceae (क्लूसिऐसी) कुल का होता है।

nagkesar
नागकेसर

इसे कई अन्य नामों जैसे नागपुष्प, कोब्रास सैफरॉन, गजकेसर, अहिकेशर ,नागचंपा, नागेसर, पीला नागकेशर, सिलोन आयरन वुड आदि से जाना जाता है।

नागकेसर में एनाल्जेसिक (दर्द निवारक), हेमोस्टैटिक (रक्तस्त्राव रोकना), एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-फंगल, एंटीबैक्टीरियल, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीआर्थराइटिस, एंटी मलेरियल और एंटीवेनम गुण पायें जाते है।

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फायदे

नागकेसर के फायदे व उपयोग – Nagkesar Uses & Benefits in Hindi

नागकेसर से निम्नलिखित फायदे होते है-

  • नागकेसर पाचन अग्नि में सुधार कर अपच का इलाज करता है और भूख बढ़ाता है।
  • यह वात को कम कर कब्ज और बवासीर का उपचार करता है।
  • नागकेसर बीज से प्राप्त तेल के उपयोग से त्वचा संक्रमण, खुजली, सूजन और जलन में आराम मिलता है।
  • यह जड़ी-बूटी ब्रोंकाइटिस और गेस्ट्रिटिस क प्रबंधन में सहायक है।
  • नागकेसर ओवुलेशन और गर्भाधान को प्रेरित कर बांझपन से छुटकारा दिलाता है।
  • हार्मोनल असंतुलन को ठीक कर, नागकेसर मासिक धर्म चक्र की समस्याओं का इलाज करने में फायदेमंद है।
  • यह यौन स्वास्थ्य को बेहतर कर यौन प्रदर्शन में सुधार करता है, जिससे वैवाहिक संबंध अच्छे होते है।
  • नागकेसर के इस्तेमाल से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र से जुड़े लक्षणों को ठीक किया जा सकता है।
  • नागकेसर विषनाशक होता है, जो कीड़-मकोड़ो के काटने से फैलने वाले विष के प्रभाव को कम कर सकता है।
  • यह बुखार और उनके लक्षणों को कम करने में मददगार है।
  • नागकेसर और सौंफ के बीजों का चूर्ण या काढ़ा बनाकर प्रसव के बाद या गर्भपात में गर्भाशय को साफ करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

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दुष्प्रभाव

नागकेसर के नुकसान – Nagkesar Side Effects in Hindi

नागकेसर का इस्तेमाल करना पूरी तरह सुरक्षित है, क्योंकि इससे कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है।

इससे एलर्जी होने पर, नागकेसर युक्त उत्पाद का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

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खुराक

नागकेसर की खुराक – Nagkesar Dosage in Hindi

आमतौर पर, नागकेसर की ज्यादातर मामलों में सुझाव की जाने वाली खुराक कुछ इस प्रकार है-

नागकेसर का कई रूप में सेवन किया जाता है, जैसे- पाउडर, तेल आदि।

इसकी सही खुराक मरीज की वर्तमान हालात, लक्षण गंभीरता, आयु और लक्षण के प्रकार पर निर्भर करती है।

यहां नागकेसर पाउडर की खुराक सुझाव की गई है, जिसे ज्यादातर मामलों में दिया जाता है-

एक से आधा छोटा चम्मच पाउडर, शहद या गुनगुने पानी के साथ दिन में एक या दो बार सेवन करें।

नागकेसर पाउडर का इस्तेमाल भोजन के बाद करने की सलाह दी जाती है।

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