Rehabilitation Therapy क्या है? प्रकार, खर्च, फायदे, प्रक्रिया

Rehabilitation Therapy in Hindi

Rehabilitation Therapy in Hindi: इस लेख में हम रिहैबिलेशन थेरेपी के बारे में जानेंगे, जिसे हिन्दी में पुनर्वास चिकित्सा भी कहते कहते है। इस लेख के माध्यम से आपको Rehabilitation Therapy क्या है? इसके प्रकार (Types), खर्च (खर्च), फायदे (Benefits) और प्रक्रिया (Process) समझने को मिलेगा।

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Rehabilitation Therapy क्या है?

Rehabilitation Therapy एक शारीरिक देखभाल है, जो पुनर्वास का कार्य करती है। पुनर्वास ऐसे लोगों के लिए है, जो अपनी कुछ शारीरिक क्षमताओं को खो चुके है और जिनकी उन्हें दैनिक जीवन में सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है।

पुनर्वास चिकित्सा, शरीर को ठीक करने के लिए हर भरसक प्रयास करती है। इसके लिए प्रभावित मरीज को एक चिकित्सक या विशेषज्ञ की आवश्यकता होती है, जो उनके आसपास एक नियंत्रित और चिकित्सा वातावरण प्रदान कर सकें और कठिन शारीरिक गतिविधियों को करने के लिए नए तरीकों का सुझाव देते रहें। इससे मरीज को पुनः अपनी क्षमता हासिल करने का हौसला मिलता है।

दुर्घटना, सर्जरी, स्ट्रॉक, किसी बीमारी, मेडिकल उपचार के साइड इफ़ेक्ट जैसे किसी भी कारणों से व्यक्ति अपनी शारीरिक या मानसिक क्षमताएं खो सकता है। इसे वापस लाने, निरंतर बनायें रखने और इसमें सुधार लाने के लिए डॉक्टर पुर्नवास चिकित्सा यानि रिहैबिलेशन थेरेपी का सुझाव कर सकते है।

चिकित्सा उपकरणों पर आश्रित अकुशल लोगों को आत्मनिर्भर बनाना और इनसे स्वतंत्रता दिलाना, पुनर्वास चिकित्सा का मुख्य लक्ष्य है।

पढ़िये:

प्रकार – Rehabilitation Therapy Types

पुनर्वास चिकित्सा को जरूरत और उद्देश्यों को पूरा करने के लिए, इसे कुछ भागों में बांटा गया है। जिससे इनके अंर्तगत आने वाली उपचार योजनाओं का सही से संचालन हो सकें और इसका पूरा लाभ मरीज को मिलें।

पुनर्वास चिकित्सा के भिन्न प्रकार निम्नलिखित है।

Physical Therapy (फिजिकल थेरेपी)

इस प्रकार की पुनर्वास थेरेपी का इस्तेमाल भौतिक स्थितियों में सुधार के लिए होता है। इस चिकित्सा द्वारा दैनिक हलचल में आई शिथिलता को दूर किया जाता है।
किसी व्यक्ति को एक आम व्यक्ति की तुलना में काम करने में ज्यादा समय लगता है या सरल भाषा में बोला जायें, कि शरीर के अंगों की कम गति, तो ऐसे मरीजों को फिजिकल थेरेपी का सुझाव दिया जा सकता है।

इसमें कुछ व्यायाम और कसरत के माध्यम से दर्द को भी कम किया जा सकता है।

Occupational Therapy (ऑक्यूपेशनल थेरेपी)

इस थेरेपी को उन मरीजों को सलाह किया जाता है, जो शरीरिक संतुलन बनाने में असक्षम होते है। इसके द्वारा दैनिक गतिविधियों को करने की क्षमता को लौटने (बहाल) का कार्य किया जाता है। ये चिकित्सा बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर आयु के लोगों में अनुशंसित है।

बच्चों में ऑक्यूपेशनल थेरेपी की जरूरत निम्न कुछ कारणों से पड़ सकती है, जैसे- गर्दन ना संभाल पाना, बैठने के लिए सहारे की आवश्यकता, खेलते समय संतुलन न बना पाना, नए दोस्त बनाने में कठिनाई आदि। ऐसे बच्चों में ऑक्यूपेशनल थेरेपी को विकसित किया जाता है।

कई बार चोट और ट्रॉमा के बाद इससे उभरने में भी ऑक्यूपेशनल थेरेपी की जरूरत पड़ सकती है। उदाहरण, चोट या दुर्घटना के कारण यदि किसी व्यक्ति का एक हाथ फ्रैक्चर हो जाता है, तो उसे दैनिक दिनचर्या के कुछ कामों को करने में दिक्कत आ सकती है, जैसे कमीज के बटन लगाना।

उम्र के साथ घटती हुए शारीरिक संतुलन को बनायें रखने में भी ऑक्यूपेशनल थेरेपी फायदेमंद है।

Speech Therapy (स्पीच थेरेपी)

इस प्रकार की पुनर्वास चिकित्सा का उपयोग बोलने में कठिनाई, आवाज में अस्पष्टता, निगलने में तकलीफ आदि सभी खामियों को दूर करने के लिए किया जाता है।

Respiratory Therapy (श्वसन थेरेपी)

पुनर्वास चिकित्सा का ये रूप श्वसन संकट को कम करने में मददगार है। इसे सांस लेने में तकलीफ होने वाले रोगियों की सहायता करने के लिए उपयोग किया जाता है।
इस थेरेपी के द्वारा वायुमार्ग को चौड़ा कर श्वसन दर को बढ़ाया जाता है।

Cognitive Rehabilitation (कॉग्निटिव पुनर्वास)

इस थेरेपी का उपयोग मानसिक रूप से परेशान लोगों के लिए किया जाता है। इसे Cognitive Behavior Rehabilitation के नाम से भी जाना जाता है। ये पुनर्वास चिकित्सा मरीजों की सोच, याददाश्त, और तर्क कौशल को बेहतर बनाने का काम करती है।

Vocational Rehabilitation (व्यावसायिक पुनर्वास)

ये पुनर्वास चिकित्सा बीमारी या चिकित्सा घटना के बाद मरीजों को ठीक कर उन्हें वापस काम पर लौटने के लिए तैयार करती है।

अन्य हर प्रकार की पुनर्वास थेरेपी की सुविधाओं को विभिन्न स्वास्थ्य क्लीनिक और घर तक सीमित किया जा सकता है।

प्रक्रिया – Rehabilitation Therapy Process

पुनर्वास प्रक्रिया में रोगी की समस्याओं और जरूरतों की पहचान, जिम्मेदार कारकों को खत्म करना, पुनर्वास लक्ष्यों का पालन करना, उपायों की योजना का निर्माण और उन्हें लागू करना आदि सब शामिल है।

ये प्रक्रिया निम्न कुछ चरणों में पूर्ण होती है, जिससे मरीज का शरीर धीरे-धीरे बदलावों के योग्य बनने लगता है।

1. शारीरिक आराम देना

इलाज का पहला चरण चोट से उभरने और शारीरिक आराम प्रदान करने में सहायक है। इसमें क्षति को कम करने के लिए उपचार प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाता है।

चोट के साथ शरीर की पहली प्रतिक्रिया सूजन और दर्द होती है। इस चरण में सूजन को नियंत्रित करने का कार्य किया जाता है, जिससे दर्द भी आसानी से नियंत्रित हो जाता है।

रिकवरी प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही घायल अंग को अन्य नुकसान से बचाने की कोशिश की जाती है। इस चरण में संभवतः मरीज के लिए उचित आराम की व्यवस्था भी शामिल की जाती है।

2. अंगों की गति को रिकवर करना

सर्जरी के उपरांत कुछ समय के आराम के बाद मरीज को सामान्य गतिविधियां करने में दिक्कत आती है, जैसे कपड़े पहनना, नहाना और शरीर का लड़खड़ाना आदि।

शरीर के अंग को स्थानांतरित करने पर फिजियोथेरेपिस्ट (Physiotherapist) द्वारा निर्धारित सावधानीपूर्वक बातों का पालन करते हुए वापस प्रारंभिक स्थिति प्राप्त करने के लिए पुनर्वास लाभदायक साबित होता है।

इस चरण में चोट के अनुकूल विशिष्ट लचीलेपन प्रशिक्षण का उपयोग करके अपनी गति की सीमा वापस पाने में मदद मिल सकती है और शारीरिक कार्यों को करने में पुनः तेजी लाई जा सकती है।

3. हौसला और ताकत पुनर्प्राप्त करना

इस चरण में पुनर्वास थेरेपी द्वारा मांसपेशियों की हानि को कम करने और कमजोरी को दूर करने पर ध्यान दिया जाता है, जिससे मरीज को हौसला और ताकत की पुनर्प्राप्ति करने में मदद मिलती है।

मांसपेशियों में कमजोरी, सर्जरी के 4-6 सप्ताहों के भीतर देखी जा सकती है।

पुनर्वास थेरेपी के विभिन्न चरणों से गुजरते हुए मरीज की हालत में लगातार सुधार देखा जा सकता है। कुछ विषयों में ज्यादा तीव्र रिकवरी के लिए कोमल व्यायाम, स्थिर साइक्लिंग, पूल व्यायाम आदि पुर्नवास गतिविधियों का सहारा लिया जा सकता है।

4. पूर्णतया ठीक होने की दिशा में अग्रसर

पुनर्वास के इस अंतिम चरण में खेल क्षमता को पुनर्प्राप्त करना है, क्योंकि बाहरी खेलों से पूरे शरीर की कसरत होती है और मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से भी अतिरिक्त क्षमता मिलती है।

चोट पुनर्वास के इस चरण में संतुलन बनाना, गति में सुधार, चुस्ती और जटिल कार्यों को आसान बनाना आदि स्वास्थ्य सुधारक क्रिया शामिल है।

फायदे – Rehabilitation Therapy Benefits

पुनर्वास चिकित्सा के उपयोग व फायदों की सूची कुछ इस प्रकार है।

  • चोट से जल्दी उभरने में सहायक
  • स्ट्रोक के खतरों को कम करना
  • फ्रैक्चर और टूटी हुई हड्डियों की वजह से बिगड़े संतुलन में सुधार
  • मस्तिष्क की समस्याओं को ठीक करने में कारगर
  • विकास असमर्थता में मददगार
  • गंभीर संक्रमणों को फैलने से रोकने में सहायक
  • कैंसर के उपचार में
  • कुछ जन्म दोषों के निदान में
  • अनुवांशिक विकारों के उपचार में
  • जटिल दर्द, पीठ और गर्दन के दर्द सहित अन्य दर्द का निदान
  • सर्जरी से बचने में सहायक
  • शारीरिक गतिशीलता को बेहतर बनाने में उपयोगी
  • बेहतर संतुलन की नींव
  • मांसपेशियों और अन्य अंगों को मजबूत करना
  • धैर्य को बढ़ाने में सहायक
  • अनावश्यक सूजन को मिटाने में उपयोगी

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खर्च – Rehabilitation Therapy Cost

Outpatient Rehab की तुलना में Inpatient Rehab की कीमत ज्यादा होती है।

पुनर्वास चिकित्सा से इलाज लेते समय इसकी लागत समस्या, इलाज की अवधि, पेशेवर विशेषज्ञ और स्थान पर निर्भर करती है। हालांकि कुछ ऐसे क्लीनिक भी जो पुनर्वास के लिए मुफ्त इलाज करते है।

आमतौर, ये चिकित्सा प्रणाली काफी महंगी होती है, जिसकी लागत भारतीय रुपये में लाखों में जा सकती है। अक्सर पुनर्वास चिकित्सा के विशेषज्ञ हर अपोइंटमेंट पर अपनी निश्चित फीस लेते है, जो विशेषज्ञ पर ही निर्भर करती है।

निष्कर्ष

हमें उम्मीद है, कि यह लेख “Rehabilitation Therapy क्या है? प्रकार, खर्च, फायदे, प्रक्रिया” आपके लिए मददगार होगा और आपको पुनर्वास चिकित्सा के बारे में उचित जानकारी मिल गयी होगी। अगर आपका कोई सवाल या सुझाव है, तो हमें कमेंट में जरूर बताए।

References

Rehabilitation https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/rehabilitation Accessed On 20/12/2020

Rehabilitation https://medlineplus.gov/rehabilitation.html Accessed On 20/12/2020

Rehabilitation: Essential along the Continuum of Care https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK525298/ Accessed On 20/12/2020

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