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एक्यूप्रेशर क्या है? कैसे काम करता है? इतिहास व प्रकार

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Acupressure in Hindi: इस लेख में हम एक्यूप्रेशर उपचार तकनीक के बारे में बात करेंगे। Acupressure के फायदे बहुत से है। Acupressure में शरीर के कुछ खास बिन्दु (Points) पर काम/मसाज किया जाता है।

Acupressure में बिना किसी दवा लिये और भारी दुष्प्रभाव के बहुत सी बड़ी बीमारियों का इलाज कर सकते है, जैसे कोमा, अस्थमा, डायरिया, त्वचा, हड्डी व मांसपेशियों से जुड़े विकार आदि।

इस लेख में हम एक्यूप्रेशर क्या है? एक्यूप्रेशर का इतिहास, काम कैसे करता है, प्रकार, और इससे जुड़ें कुछ प्रचलित सवालों के जवाब जानेंगे।

एक्यूप्रेशर क्या है? – What is Acupressure in Hindi

Acupressure स्वास्थ अच्छा बनाये रखने और बीमारियों के उपचार की एक तकनीक/विधी है, जिसमें शरीर के किसी विशेष बिंदुओं पर कुछ समय तक मसाज या दबाया जाता है।

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जिस तरह एलोपैथी, आयुर्वेद, होमियोपैथी इत्यादि शाखाओ के बीमारियो के इलाज करने के अपने-अपने तरीके और सिद्धांत होते है, ठीक उसी प्रकार Acupressure के भी है।

एक्यूप्रेशर थेरेपी अन्य शाखाओं की तुलना में बहुत कम खर्चीला, बिना किसी दुष्प्रभाव के, भावी तकलीफ़ या बीमारियो को सूचित करने वाला और उपचार के दौरान बिना किसी तकलीफ वाला उपचार है।

एक्यूप्रेशर का इतिहास – Acupressure History in Hindi

Acupressure का उदय ‘Acupuncture‘ तकनीक से 3000 साल पहले चीन में हुए था। Acupuncture एक उपचार का तरीका है। जिसमे सुई, तीर या किसी नुकीली चीज़ को किसी विशेष स्थान पर चुभोकर घांव, दर्द में उपचार किया जाता है।

Acupunture की शुरुआत चीनी सैनिकों द्वारा सैन्य-शिविर से हुए थी, जब उन्होंने पाया की किसी स्थान पर सुई, तीर या नुकीली चीजो (औजार जो वो युद्ध के दौरान इस्तेमाल करते थे) से कुछ समय तक दबाने या चुभाने से दर्द, घांव और किसी विशेष अंग में सुधार देखने को मिलता है।

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समय बीतने के साथ कुछ बुद्धि-जीवों को यह मालूम चला की उपचार का तरीका केवल सुई या किसी नुकीली चीज़ों तक सीमित नही है। अगर भिन्न बिंदुओं पर मसाज या कुछ समय तक दबाया-छोड़ा जाए, तो शरीर के भिन्न अंगों में,दर्द में सुधार देखने को मिलता है। जिससे ‘Acupuncture’ से ‘Acupressure’ बन गया। 

Acupressure का जिक्र ‘NEI CHING’ नामक प्रचलित पुरानी चीनी पुस्तक में देखने को मिलता है। Acupressure से जुड़े और भी कई गुमनाम पुस्तके है। 20वी सदी में, जब चीनी साहित्य का फ्रेंच में अनुवाद हुआ, तो विश्व को Acupressure तकनीक के बारे में पता चला।

फिर धीरे -धीरे समय के साथ Acupressure जरूरी मौलिक तत्व, प्रभावित बिंदुओं और दबाब देने वाली सामग्री के अनुसार भिन्न शाखाओं जैसे Seed Therapy, Magneto Therapy, Chinese Acupressure, Yogic Acupressure और सबसे नया Sujok Acupressure का निर्माण हुआ।

एक्यूप्रेशर कैसे काम करता है ?

जितने भी एक्यूप्रेशर की शाखाएं है, वो सभी शरीर में प्राण-शक्ति के Meridians (शिरोबिंदु) द्वारा पूरे शरीर में बहाव पर काम करते हैं। उन सभी में भिन्न बिन्दुओ पर सिर्फ हाथो से या किसी सामग्री से दबाब दिया जाता है। जिसमें दबाब देने वाले के गुण मायने रखते है। 

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हमारे शरीर में 20 Meridians होते है। Meridians के द्वारा ही प्राण-शक्ति पूरे शरीर के भिन्न हिस्सों में प्रवाहित होती है। Meridians में रुकावट के कारण ही इंसान बीमार पड़ता है, दर्द होता है या किसी अंग में गड़बड़ी आती है। क्योकि प्राण-शक्ति  और तत्व पूरे शरीर में सुचारू रूप से नही पहुँच पाते है। Meridians शरीर के अनेक हिस्सों से जुड़ा होता है और उनपर दबाब देने से Meridians की रुकावट दूर होती है। 

अलग-अलग Acupressure के शाखाओं में शरीर के अलग-अलग बिंदुओ के बारे में बताये जाते है, जिनको ढूंढना और दबाना पड़ता है। लेकिन Sujok Acupressure ने ये निष्कर्ष निकाला, कि शरीर की सारी Meridians अन्तः हमारे पैर के तलवे और हाथ की हथेली से जुड़े होते है। अतः सिर्फ हथेली और तलवे पर दबाब देकर इंसान हर बीमारी से बच सकता है।

एक्यूप्रेशर के प्रकार – Acupressure Types in Hindi

Acupressure को विशेष बिंदुओं, दबाने के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री और मौलिक तत्वों के अनुसार निम्नलिखित भागों में बंटा गया है।

1) Acupunture 

इसमें विशेष बिंदुओं पर दबाब देने के लिए सुई या किसी नुकीली चीज़ का इस्तेमाल किया जाता है।

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2) Magneto Therapy

Magneto Therapy जिसे Magnetic therapy इसमें विशेष बिन्दुओ पर दवाब देने के लिए चुम्बक का प्रयोग किया जाता है।

3) Seed Thearpy

इसमें विशेष बिंदुओं पर दबाब देने के लिए बीज का उपयोग किया जाता है। उपचार में बीज के औसधीय गुण बहुत मायने रखते है। 

4) Chinese Acupressure

इसमें ज़रूरी बिंदुओं का पता पूरे शरीर में फैले 14 मुख्य Meridians के रास्ते को जांचकर लगाया जाता है। इस अनुसार पूरे शरीर में 300 ज़रूरी बिंदू है और ये 5 तत्वों पर आधारित है। 

5) Auyrvedic Acupressure

आयुर्वेदिक एक्यूप्रेशर दशोपत्ति सिद्धान्त पर आधारित है। दशोपत्ति सिद्धांत के अनुसार शरीर को स्वस्थ रखने के लिए 10 तत्व (जिनमे 5 सजीव और 5 निर्जीव होते है) का संतुलन आवश्यक है। इसमे भिन्न बिंदुओं की दबाकर 10 तत्वों को संतुलित किया जाता है।

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6) Yogic Acupressure 

योगिक एक्यूप्रेशर सात चक्रों और उनका सम्पूर्ण शरीर पर प्रभाव पर आधारित है। योगिक एक्यूप्रेशर में इन सातों चक्रों पर दबाब के माध्यम से लाईलाज रोगों, जन्मजात बीमारियो से निजात पाया जाता है।

7) Color Acupressure

Color Acupressure में विशेष बिन्दुओ पर रंगों से दबाब दिया जाता है। इसमे 10 रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। रंगों का चयन उनकी ऊर्जा और हमारी शरीर की ऊर्जा का उनसे तालमेल के अनुसार किया जाता है। ये छोटे बच्चों और मानसिक परेशानियों से झूझ रहे लोगो से लिए बहुत कारगर सिद्ध हुआ है।

8) Sujok Acupressure

Sujok Acupressure सबसे नई एक्यूप्रेशर विधी है। Sujok Acupressure के अनुसार सारे 14 Meridians हाथो की हथेली और पैरों के तलवे से जुड़े होते है। मतलब हाथो और पैरो के भिन्न बिंदुओं को दबाकर या उनपर मसाज करके स्वस्थ रहा जा सकता है।

एक्यूप्रेशर से जुड़े कुछ विशेष लोग

निम्नलिखित एक्यूप्रेशर से जुड़े कुछ विशेष लोगों के नाम और उनके योगदान दिए गए है।

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JP अग्रवाल

इन्होंने आयुर्वेदिक एक्यूप्रेशर की खोज की, जो दशोपत्ति सिद्धांत पर आधारित है। 

देवेंद्र वोरा

ये पूरी दुनिया में एक्यूप्रेशर के क्षेत्र में बहुत बड़ा नाम काम चुके है। इन्होंने कैंसर, जॉन्डिस जैसे लाईलाज बीमारियो से पीड़ित हजारो लोगो को एक्यूप्रेशर के माध्यम से 15-20 दिनों के भीतर ठीक किया है। 

पर्क जेहु

ये कोरियन Acupressurist है, जिन्होंने Sujok Acupressure की खोज की है।

Acupressure FAQ – एक्यूप्रेशर से जुड़े सवाल

निम्नलिखित एक्यूप्रेशर से जुड़े कुछ प्रचलित प्रश्न और उनके उत्तर दिए गए है।

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प्रश्न 1. क्या एक्यूप्रेशर के क्षेत्र में भविष्य बनाया जा सकता है ?

उत्तर- हाँ, एक्यूप्रेशर की अगर अच्छे जानकारी हो, तो आपको कही भी काम मिल सकता है या आप अपना खुद का उपचार केंद्र खोल सकते है।

प्रश्न 2. Color Acupressure किस सिद्धांत पर आधारित है ?

उत्तर- Color Acupressure रंग के ऊर्जा पर आधारित है। 10 रंगों को Color Acupressure में इस्तेमाल किया जाता है, जिनकी ऊर्जा का स्तर अलग-अलग होता है। हमारी ऊर्जा के अनुसार उनका इस्तेमाल Acupressure में भिन्न अंगों पर किया जाता है।

प्रश्न 3. क्या सिर्फ बीमार आदमी ही Acupressure का इस्तेमाल कर सकता है ?

उत्तर- कोई भी Acupressure के बिंदुओं को दबाकर अपनी भावी स्वास्थ स्तिथी जान सकता है एवं अनेकों छोटी से छोटी परेशानिया दूर कर सकते है।

प्रश्न 4. क्या गंभीर बीमारियों में Acupressure का इस्तेमाल किया जा सकता है ?

उत्तर- हाँ, लेकिन किसी जानकार और अनुभवी Acupressurist के निरिक्षण में अपना इलाज कराएं। देवेंद्र वोरा और उनके जैसे कई विशेषज्ञ है, जिन्होने हजारों कैंसर मरीजों को Acupressure से ठीक करने वाले सजीव उद्धरण हैं।

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प्रश्न 5. आयुर्वेदिक एक्यूप्रेशर किस सिद्धांत पर आधारित है ?

उत्तर- दशोपत्ति सिद्धांत, जो 5 सजीव और 5 निर्जीव तत्वों और शरीर की संरचना पर निर्भर है।

प्रश्न 6. क्या एक्यूप्रेशर का कोई दुष्प्रभाव हो सकता है ?

उत्तर- नहीं, एक्यूप्रेशर का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। लेकिन ज्यादा दबाने से हाथों में थोड़ा दर्द हो सकता है।

प्रश्न 7. Sujok Acupressure से हम कैसे जान सकते है, कि हमारा कोई अंग खराब है या भविष्य में हो सकता है ?

उत्तर- पूरे हथेली दबाने पर अगर कोई बिंदू पर दर्द करता है, मतलब आपको शरीर में कही परेशानी है या होनेवाली है। आप उस हिस्से पर 2-3 मिनट नियमित दबाकर अपना उपचार कर सकते है।

निष्कर्ष

हमें उम्मीद है, कि यह लेख एक्यूप्रेशर (Acupressure in Hindi) आपके लिए उपयोगी होगा और आपको

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इसके बारे में कुछ नया जानने को मिला होगा। अगले लेख में हम Acupresure के प्रकार और अलग-अलग Acupressure Points (बिन्दुओं) के बारे में विस्तार से जानेंगे।

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