PATANJALI-DIVYA-younamrit-vati-IN-HINDI

दिव्य यौवनामृत वटी के फायदे, नुकसान, खुराक, सावधानी, उपयोग विधि | Patanjali Divya Youvnamrit Vati

दिव्य यौवनामृत वटी क्या है?

दिव्य यौवनामृत, पतंजलि आयुर्वेद का एक उत्पाद है। दिव्य यौवनामृत पुरुषों में यौन संबंधित विकारों को जैसे स्वप्नदोष, शीघ्रपतन, नपुंसकता, धातुरोगो को, ताकत की कमी को दूर करने में मदद करता है।

दिव्य यौवनामृत वटी एक आयुर्वेदिक दवा है, जो पुरुषों की कमजोरी व थकान को दूर कर जोशवर्धक और बलवर्धक के रूप में कार्य करती है।

यह वटी स्ट्रेस लेवल को कम कर मेंटल हेल्थ इम्प्रूव करती है और यौन जीवन शक्ति में सुधार लाती है। इस वटी का उपयोग करने से होने वाला लाभ, केवल उस समय तक सीमित नहीं रहता है, बल्कि लंबे समय तक यह वटी पुरूषों को शक्ति प्रदान करती है और उन्हें हेल्थी व फिट बनाएं रखती है।

दिव्य यौवनामृत वटी के घटक – Divya Youvnamrit Vati Ingredient in Hindi

दिव्य यौवनामृत की 125 ग्राम वाली एक टैबलेट में मौजूद घटकों

आयुर्वेद चिकित्सा में शामिल ढेरो जड़ी-बूटियों में से सबसे महत्वपूर्ण जड़ी-बूटियों में एक नाम अश्वगंधा का भी आता है। इसमें एडॉप्टोजेनिक गुण पाया जाता है, जिस कारण यह मानसिक तनाव और शारीरिक कमजोरी को दूर कर हमें एनर्जेटिक और अलर्ट रखता है।

कौंच बीज को “मैजिक वेलवेट बीन” कहा जाता है। ये काले रंग के बीज, प्रोटीन का एक अच्छा सोर्स है।

बला दैनिक थकान, कमजोरी और ऊर्जा की कमी को दूर कर हमें एक्टिव रखने में मददगार होता है। यह स्तंभन दोष को ठीक कर सकता है।

सफेद मूसली का प्रयोग आयुर्वेद, यूनानी और होमियोपैथिक, तीनो चिकित्सा क्षेत्र में किया जाता है, जिसे सफेद सोने की संज्ञा दी गयी है। सफेद मूसली एक बेहद अच्छा नेचुरल टेस्टोस्टेरॉन बूस्टर है, जो ओवरऑल हेल्थ में सुधार करता है।

जायफल को दूध के साथ लेने से नींद में सुधार आता है। यह जड़ी-बूटी हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर करती है और हमें कई रोगों से लड़ने योग्य बनाती है।

पढ़िये: दिव्य मेधा वटी के फायदे | Neeri KFT Syrup in Hindi

दिव्य यौवनामृत वटी काम कैसे करता है?

दिव्य यौवनामृत में सामग्री के तौर पर वो सभी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटिया (अश्वगंधा, सफेद मूसली, जावित्री, कोंच के बीज, हृतिक इत्यादि ) है। जो यौन विकारों, ताकत बढ़ाने जैसे गुणों के लिए जाने जाते है।

इन जड़ी-बूटियों के कारण ही दिव्य यौवनामृत वटी में निम्नलिखित गुण पाये जाते है, जो इसको प्रभावी बनाते है।

  • Antioxidant: दिव्य यौवनामृत वटी, Oxidation की क्रिया को कम करता है। जिससे शरीर की ऊर्जा कम खर्च होती है। और शरीर जवान भी दिखता है।
  • Anxiolytic: यह मन में उठ रहे अवसाद (Anxiety) को कम करता है।
  • Aphrodisiac: Youvnamrit Vati कामुक इच्छा को उत्तेजित करता है।
  • Nervine: यह तांत्रिका तंत्र को शांत भी करता है।
  • Vasodilator: यह छोटे रक्त-वाहिकाओं को बड़ा करने वाली औषधि है।

दिव्य यौवनामृत वटी के फायदे – Benefits in Hindi

दिव्य यौवनामृत वटी के निरंतर उपयोग के निम्नलिखित फायदे है।

  • दिव्य यौवनामृत वटी शरीर में वीर्य को बढ़ाता है।
  • दिव्य यौवनामृत वटी यौन दुर्बलतायें जैसे शीघ्र पतन, स्वप्नदोष, नपुंसकता इत्यादि विकारो से प्राकृतिक तरीके से छुटकारा दिलाता है।
  • दिव्य यौवनामृत का रेगुलर उपयोग करने से पुरुषों के संपूर्ण स्वास्थ्य में बदलाव दिखता है और फिटनेस लेवल increase होता है।
  • यह वटी पुरुष शक्ति, जीवंत शक्ति और जोश बढ़ाती है, जिससे मर्दाना कमजोरी दूर होती है तथा पुरुष प्रदर्शन में इजाफा होता है।
  • इस वटी के इस्तेमाल से पुरुष प्रजनन अंग को पोषण मिलता है और वहां की मांसपेशियां मजबूत बनती है, जिससे पुरुषों का व्यक्तिगत जीवन आनंदित बनने लगता है।
  • यह वटी यौवन को बनायें रखने में मदद करती है और वृद्धावस्था में देरी करती है।
  • यौवनामृत वटी एक अत्यधिक प्रभावी प्राकृतिक स्पर्मटोजनेटीक वटी है। जिससे बांझपन का इलाज हो सकता है।
  • यह वटी मानसिक तनाव और अवसाद को कम कर, प्रजनन कार्यो को करने के लिए आवश्यक उतेजना पैदा करती है जिससे वैवाहिक संबंध अच्छे होते है।

पढ़िये: चंद्रप्रभा वटी के फायदे | Rasayan Vati in Hindi 

दिव्य यौवनामृत वटी के दुष्प्रभाव – Side Effects in Hindi

एक चिकित्सक की देखरेख में लेने पर, यह वटी काफी सुरक्षित होती है। लेकिन इसमें पाये जाने वाले कुछ घटकों की अधिक मात्रा बॉडी में जाने से एसिडिटी ओर मुंह में छाले हो सकते है।

हालांकि ये दुष्प्रभाव कुछ समय के लिए ही रहते है, लेकिन आपकी वर्तमान मेडिकल हालात के आधार पर, इस वटी से कोई बड़ा दुस्प्रभाव होता है, तो इसका उपयोग बंदकर अपने डॉक्टर से व्यक्तिगत परामर्श अवश्य लें।

दिव्य यौवनामृत वटी की खुराक – Dosage in Hindi

एक सामान्य उम्र का व्यस्क, यौवनामृत वटी की 1 से 2 टैबलेट दिन में 2 बार लें सकता है।

ज्यादा उम्र के लोगों के लिए, दिव्य यौवनामृत वटी फायदेमंद हो सकती है क्योंकि यह वटी उन पुरुषों के स्वास्थ्य को भी बढ़ावा देती है जो कमजोर व थका हुआ महसुस करते है। एक बुजुर्ग इसकी दो टेबलेट दिन में दो बार लें सकता है।

18 वर्ष से छोटे बच्चों को यह वटी न दें।

यौवनामृत वटी को दूध या पानी किसी के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसकी 1 से 2 टेबलेट को सुबह नाश्ते के पहले या बाद में और 1 से 2 टैबलेट रात में सोने से एक घन्टे पहले लेनी चाहिए।

इसका एक पैक पूरा करने के बाद यदि आपको फायदा नहीं होता है, तो दूसरा पैक शुरू करने से पहले किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर की राय अवश्य लें।

इस वटी को लगातार 4 हफ़्तों से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि इसमें मौजूद अकरकरा को लंबे तक लेना असुरक्षित होता है।

सावधानियाँ – Precaution in Hindi

कुछ मामलों में यौवनामृत वटी को सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करना चाहिए-

  • अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत है, तो इस वटी का प्रयोग अपने चिकित्सक की मंजूरी से ही करें।
  • हाइपर एसिडिटी और पेप्टिक अल्सर के मामलों में, दिव्य यौवनामृत का इस्तेमाल सावधानीपूर्वक करें।
  • गर्भवती महिलाएं इस वटी को कभी इस्तेमाल न करें क्योंकि यह महिलाओं के लिए अनुशंसित नहीं है।
  • दोस्तो, अगर यौवनामृत वटी को लेकर आपका कोई सवाल रह गया है, तो हमें कमेंट में जरूर पूछ सकते है।

दिव्य यौवनामृत वटी की कीमत – Price

पतंजलि दिव्य यौवनामृत वटी की कीमत 250 रुपये है, जिसमे कुल 40 टैबलेट (125mg) आती है। इसे आप ऑनलाइन या लोकल मेडिकल से खरीद सकते है।

पढ़िये: नुट्रीगेन की फायदे | Musli Pak in Hindi

FAQ

1) क्या दिव्य यौवनामृत वटी सुरक्षित है?

उत्तर: हाँ, दिव्य यौवनामृत वटी पूर्णतः आयुर्वेदिक सामग्रियों और तरीको से निर्मित है। तो भी किसी वटी को उपयोग में लेने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह ले।

2) क्या गर्भावस्था में दिव्य यौवनामृत वटी का उपयोग करना सुरक्षित रहेगा ?

उत्तर: इस प्रश्न का निश्चित तौर पर कुछ नही कहा जा सकता। क्योकि गर्भावस्था में किसी भी दवाई का प्रयोग बहुत सारे पहलुओं पर निर्भर करता है। अतः इस अवस्था में डॉक्टर से सुझाव लेने के बाद ही दिव्य यौवनामृत वटी का उपयोग करे।

3) क्या दिव्य यौवनामृत वटी यौनदुर्बलता दूर करने में उपयोग होता है?

उत्तर: हाँ, दिव्य यौवनामृत वटी यौनदुर्बलता पर काम करने के लिए खाशकर निर्मित है।

4) कितने समय तक दिव्य यौवनामृत वटी को लगातार लेना पडेगा?

उत्तर: वैसे तो इस प्रश्न का उत्तर, हर व्यक्ति की अवस्था व समस्या की गंभीरता पर निर्भर करता है। तो भी औसतः समय दिव्य यौवनामृत वटी को औसतन एक महीने तक लेना पड़ता है, तब जाकर बदलाव दिखता है।

5) क्या दिव्य यौवनामृत वटी की लत या आदत लग जाती है?

उत्तर: नहीं, ये आदत बनाने वाली दवाई नहीं है।

6) क्या दिव्य यौवनामृत वटी को एक दम से छोड़ा जा सकता है?

उत्तर: हाँ, इसे कभी भी बंद कर सकते है।

7) क्या दिव्य यौवनामृत वटी को खाली पेट लिया जा सकता है?

उत्तर: हाँ, दिव्य यौवनामृत वटी को खाली या पेट भरे होने पर भी लिया जा सकता है। तो भी एक बार अपनी हालत स्पष्ट रूप से डॉक्टर को बता कर सलाह ले।

8) क्या दिव्य यौवनामृत वटी को शराब (Alcohol) के साथ लिया जा सकता है?

उत्तर: नहीं, दिव्य यौवनामृत वटी के प्रयोग काल के समय शराब से दूर रहे।

9) क्या दिव्य यौवनामृत वटी का सेवन के बाद मशीन चलाना चहिये या ज्यादा शारीरिक श्रम करना चहिये?

उत्तर: वैसे तो इतनी ज्यादा समस्या होने की संभावना नही है। तो भी डॉक्टर से सलाह ले, यदि आपका सर घूमता हो या कोई अन्य मानसिक समस्या लगे तो।

10) अगर खुराक नियमित समय पर लेना भूल गए तो क्या करना चहिये?

उत्तर: अगर दो खुराक के बीच अच्छा अंतराल है (लगभग 5 या ज्यादा घंटे का) तो दूसरा खुराक ले सकते है। इसके अतिरिक्त न ले और एक समय पर दो खुराक बिल्कुल न ले।

11) दिव्य यौवनामृत वटी को कैसे संग्रहित करना चहिये?

उत्तर: दिव्य यौवनामृत वटी को सामान्य तापमान में रखना चहिये। ठंडी, अत्यधिक गर्मी, नमी वाली जगहों पर न रखे। सामान्य तापमान में भी इसे खुला न छोडे सीधी धूप से बचाए।

12) क्या दिव्य यौवनामृत वटी को उन सभी को दिया जा सकता है, जिनको यौनदुर्बलता है?

उत्तर: यद्यपि, दो लोगो को एक जैसी समस्या हो, तो भी दवाई लेने से पहले डॉक्टर से अवश्य संपर्क करना चहिए। क्योकि हर किसी की अवस्था व जरूरत अलग होती है।

पढ़िये: दिव्य मेदोहर वटी के फायदे | Dabur Pudin Hara in Hindi 

2 thoughts on “दिव्य यौवनामृत वटी के फायदे, नुकसान, खुराक, सावधानी, उपयोग विधि | Patanjali Divya Youvnamrit Vati”

  1. यौवनामृत वटी लेने के समय पर क्या क्या नहीं खाना चाहिए

Leave a Comment

Your email address will not be published.