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त्रिकटु चूर्ण: फायदे, नुकसान, खुराक, साइड एफ़ेक्ट्स, उपयोग, सावधानी | Trikatu Churna in Hindi

नाम (Name)त्रिकटु चूर्ण
संरचना (Composition)काली मिर्च + पिप्पली + सोंठ
दवा-प्रकार (Type of Drug)आयुर्वेदिक दवा
उपयोग (Uses)अस्थमा, सर्दी-जुखाम, खाँसी, सांस लेने में तकलीफ, अपच, गैस आदि
दुष्प्रभाव (Side Effects)पेट में जलन, अत्यधिक गर्मी लगना, गैस्ट्रिक समस्याएं आदि
ख़ुराक (Dosage)डॉक्टरी सलाह अनुसार
किसी अवस्था पर प्रभावपेप्टिक अल्सर, नकसीर, बवासीर
खाद्य पदार्थ से प्रतिक्रियाअज्ञात
अन्य दवाई से प्रतिक्रियाअज्ञात

त्रिकटु चूर्ण क्या है? – What is Trikatu Churna in Hindi

त्रिकटु चूर्ण समग्र स्वास्थ्य की जीवनशैली में सुधार करने के लिए एक पुराना आयुर्वेदिक उपचार है, लेकिन हाल ही में, कोरोना वायरस महामारी के दौरान इसकी खपत भी कुछ हद तक बढ़ी है।

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त्रिकटु चूर्ण शरीर में अग्नि तत्व को संतुलित कर रोगों से लड़ने हेतु रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का कार्य करता है।

त्रिकटु चूर्ण को पानी के साथ या शहद के साथ मौखिक रूप से लिया जाता है और इस चूर्ण को घरेलू रसोई सामग्रियों द्वारा भी तैयार किया जा सकता है।

त्रिकटु चूर्ण अस्थमा, सांस लेने में तकलीफ, सर्दी, खाँसी, मोटापा, गाउट, अपच, गैस, नाक बहना, भूख न लगना, गला बैठना, उच्च कोलेस्ट्रॉल, दस्त, बदन दर्द, थायरॉइड, कामेच्छा की कमी, यौन अंगों की शिथिलता, चर्म रोग आदि सभी मुसीबतों का लिए रामबाण इलाज है।

अक्सर, कुछ लोग पाचन का सटीक इलाज न मिल पाने के कारण हर वक्त बीमार महसूस करते है, ऐसे लोगों में एक बार डॉक्टरी सलाह अनुसार इस दवा पर विश्वास दिखाने से बेहद अच्छे परिणाम की प्राप्ति हो सकती है।

त्रिकटु चूर्ण की प्रकृति गर्म होती है, इसलिए इस दवा को पेप्टिक अल्सर, नकसीर और बवासीर के मामलों में पूर्णतया नजरअंदाज किया जाना आवश्यक होता है।

निम्न ब्रांड व कंपनी द्वारा बनाए Trikatu Churna उत्पाद काफी प्रचलित है।

  • Dabur Trikatu Churna
  • Baidyanath Trikatu Churna
  • Patanjali Divya Trikatu Churna
  • Vyas Trikatu Churna

त्रिकटु चूर्ण की संरचना – Trikatu Churna Composition in Hindi

निम्न घटक त्रिकटु चूर्ण में होते है।

काली मिर्च + पिप्पली + सोंठ

त्रिकटु चूर्ण कैसे काम करती है?

  • काली मिर्च एंटी-फ्लैटुलेंस, ड्यूरेटिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, डाइजेस्टिव, मैमोरी इनहेंसर और पेन रिविलर गुणों के साथ सेहत को विभिन्न रोगों से लड़ने योग्य बनाती है।
  • काली मिर्च में पाइपरिन पाया जाता है, जो पाचन एंजाइमों की सक्रियता को उत्तेजित कर पाचन शक्ति को बढ़ाने का कार्य करता है।
  • काली मिर्च फैट और लिपिड के स्तर को कम कर शारीरिक वजन को घटाने में सहायक हो सकती है। साथ ही, यह त्रिदोष और त्वचा की समस्याओं से निपटने के लिए दिलचस्प खजाना है।
  • पिप्पली संकुचित श्वसन मार्ग की सूजन को दूर कर सांस लेने की तकलीफ और अस्थमा को ठीक करने का दायित्व रखती है। इसमें डायजेस्टिव गुण पाए जाते है, जिससे यह भोजन को सही से पचाने का कार्य करती है।
  • सोंठ अदरक का पाउडर होता है, जो शरीर में गर्माहट पैदा करता है। यह सर्दी-जुखाम, बंद नाक, गला बैठना जैसी परेशानियों में राहतकारी है। इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते है, जिससे यह खासकर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने का कार्य करता है।
  • त्रिकटु चूर्ण में यौन अंगों को गर्म कर कामोद्दीपक की तरह कार्य करने की क्षमता होती है, जिससे यह यौन इच्छा, यौन शक्ति और सहनशीलता में सुधार के लिया काम आ सकता है।

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त्रिकटु चूर्ण के उपयोग व फायदे – Trikatu Churna Uses & Benefits in Hindi

त्रिकटु चूर्ण को निम्न अवस्था व विकार में सलाह किया जाता है।

  • अस्थमा
  • सर्दी-जुखाम
  • खाँसी
  • सांस लेने में तकलीफ
  • अपच
  • गैस
  • कब्ज
  • भूख में कमी
  • उच्च कोलेस्ट्रॉल
  • दस्त
  • बदन दर्द
  • कामेच्छा में कमी
  • चर्म रोग
  • गाउट
  • मोटापा
  • थायरॉइड
  • शुक्राणुओं की कमी
  • कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता
  • साइनस संक्रमण
  • गले में खराश

त्रिकटु चूर्ण के दुष्प्रभाव – Trikatu Churna Side Effects in Hindi

निम्न साइड एफ़ेक्ट्स त्रिकटु चूर्ण के कारण हो सकते है। आमतौर पर साइड एफ़ेक्ट्स त्रिकटु चूर्ण से शरीर की अलग प्रतिक्रिया व गलत खुराक से होते है और सबको एक जैसे साइड एफ़ेक्ट्स नहीं होते है।

  • पेट में जलन
  • बवासीर के दौरान लेने से रक्तस्राव
  • अत्यधिक गर्मी लगना
  • गैस्ट्रिक समस्याएं

त्रिकटु चूर्ण की खुराक – Trikatu Churna Dosage in Hindi

  • त्रिकटु चूर्ण की खुराक विशेषज्ञ द्वारा रोगी की अवस्था अनुसार दी जाती है।
  • त्रिकटु चूर्ण को तुलसी के पत्तों के साथ काढ़ा बनाकर उपयोग करना बेहद फायदेमंद साबित होता है। हालांकि इस चूर्ण को पानी के साथ या चाय में डालकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • गर्मी के दिनों में, एक सामान्य वयस्क द्वारा त्रिकटु चूर्ण की खुराक 1-2gm रोजाना इस्तेमाल की जा सकती है। चूर्ण की यह मात्रा हर किसी के लिए सुरक्षित होती है।
  • सर्दियों में, इस चूर्ण की मात्रा को बढ़ाकर रोजाना इसे 2-4gm खुराक के रूप में लिया जा सकता है।
  • छोटे बच्चों और बुजुर्गों में त्रिकटु चूर्ण की अति से बचें। सटीक और सुरक्षित खुराक के लिए चिकित्सक द्वारा सुझाए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें।
  • त्रिकटु चूर्ण को घरेलू तरीके से निर्मित करते समय इसमें लगने वाली सामग्रियों की मात्रा के अनुपात में फेरबदल न करें।

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सावधानियां – Trikatu Churna Precautions in Hindi

निम्न सावधानियों के बारे में त्रिकटु चूर्ण के सेवन से पहले जानना जरूरी है।

किसी अवस्था से प्रतिक्रिया

निम्न अवस्था व विकार में त्रिकटु चूर्ण से दुष्प्रभाव की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए जरूरत पर, डॉक्टर को अवस्था बताकर ही त्रिकटु चूर्ण की खुराक लें।

  • पेप्टिक अल्सर
  • नकसीर
  • बवासीर

भोजन के साथ प्रतिक्रिया

त्रिकटु चूर्ण की भोजन के साथ प्रतिक्रिया की जानकारी अज्ञात है।

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Trikatu Churna FAQ in Hindi

1) क्या त्रिकटु चूर्ण को भूखे पेट इस्तेमाल किया जा सकता है?

उत्तर: हाँ, त्रिकटु चूर्ण को काढ़े के रूप में या पानी के साथ भूखे पेट इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन ज्यादा समय के लिए इस चूर्ण की ज्यादा खुराक को कोरा खाने से पेट में जलन पैदा हो सकती है।

2) क्या त्रिकटु चूर्ण वजन कम करने में सहायक है?

उत्तर: हाँ, त्रिकटु चूर्ण वजन को कम करने में सहायक है। यह चयापचय (Metabolism) गतिविधियों को बेहतर कर मोटापे को कम करता है। जो लोग वजन कम करना चाहते है, उन्हें भोजन से आधे घंटे पहले त्रिकटु चूर्ण की खुराक लेने से बेहद अच्छा परिणाम मिल सकता है।

3) क्या त्रिकटु चूर्ण गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित है?

उत्तर: त्रिकटु चूर्ण की तासीर गर्म होती है और इसे लेने से शरीर की गर्मी बढ़ती है। गर्भवती महिलाओं में शारीरिक गर्मी बढ़ने से तकलीफ हो सकती है, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह गर्भवती महिलाएं त्रिकटु चूर्ण का इस्तेमाल न करें।

4) क्या त्रिकटु चूर्ण एक ऊर्जावर्धक औषधि है?

उत्तर: त्रिकटु चूर्ण से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलती है। यह शरीर के अंगों में गर्माहट पैदा कर शारीरिक क्रियाओं को उत्तेजित कर सकती है और ऊर्जा को बढ़ाने में भी सहायता कर सकती है।

5) क्या त्रिकटु चूर्ण स्तनपान कराने वाली महिलाओं में सुरक्षित है?

उत्तर: इस विषय में कोई जरूरी जानकारी न होने के कारण आप अपने चिकित्सक की राय ले सकते है।

6) क्या त्रिकटु चूर्ण के साथ एल्कोहोल सुरक्षित है?

उत्तर: एल्कोहोल और त्रिकटु चूर्ण को साथ में लेने से मुसीबतों का बढ़ना लाजमी है। त्रिकटु चूर्ण के गर्म घटकों के साथ एल्कोहोल के रासायनिक घटक सेहत को बिगाड़ने के लिए काफी है। इसलिए इस दवा के साथ एल्कोहोल को पूरी तरह नजरअंदाज किया जाना उचित है।

7) क्या त्रिकटु चूर्ण से नशे की आदत लग सकती है?

उत्तर: इस दवा में प्रयोग वाली सामग्रियों को हम दैनिक जीवन में इस्तेमाल करते है। इन घटकों की प्रकृति में नशे के गुण नहीं होते है। इसलिए इस दवा से नशे की आदत नहीं लगती है। इसे प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए बेझिझक इस्तेमाल किया जा सकता है।

8) क्या त्रिकटु चूर्ण यौन समस्याओं के इलाज में सहायक है?

उत्तर: त्रिकटु चूर्ण शरीर में अग्नि तत्वों को अधिक सक्रिय कर कामेच्छा को तीव्र करता है। यह शुक्राणुओं की गुणवत्ता और संख्या को सुनिश्चित कर यौन दुर्बलता का उपचार करने में सहायक हो सकता है।

9) क्या त्रिकटु चूर्ण पीरियड्स को प्रभावित कर सकता है?

उत्तर: इस विषय में मासिक धर्म चक्र से जुड़े चिकित्सक की सलाह महत्वपूर्ण है।

10) क्या त्रिकटु चूर्ण भारत में लीगल है?

उत्तर: हाँ, यह आयुर्वेदिक दवा भारत में पूर्णतया लीगल और प्रचलित है।

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Editorial Team

रवि कुमावत हेल्थ पर लेख लिखते है। शिक्षा अनुसार रवि फर्मासिस्ट है और इन्हें किताबे पढ़ने और क्रिकेट में रुचि है। पिछले कुछ सालों से रवि ने स्वास्थ्य और इससे जुड़े उत्पादों पर लिखकर अपनी अहम भूमिका दी है।