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शंख भस्म: फायदे, नुकसान, खुराक, कीमत, सावधानी, उपयोग विधि | Shankh Bhasma in Hindi

नाम (Name)Shankh Bhasma
दवा-प्रकार (Type of Drug)आयुर्वेदिक दवा
उपयोग (Uses)पेप्टिक अलसर, खांसी, अपच, पतली दस्त, कील मुंहासे, प्लीहा वृद्धि आदि
दुष्प्रभाव (Side Effects)कब्ज, जीभ पर घाव, त्वचा पर दरारें, अनिद्रा
ख़ुराक (Dosage)डॉक्टरी सलाह अनुसार
किसी अवस्था पर प्रभावअतिसंवेदनशीलता, गर्भावस्था
खाद्य पदार्थ से प्रतिक्रियाअज्ञात
अन्य दवाई से प्रतिक्रियाअज्ञात

शंख भस्म क्या है? – What is Shankh Bhasma in Hindi

शंख भस्म आहार और जीवनशैली के बीच असंतुलन से पैदा हुए उदर (पेट) रोगों के लिए बेहद खास औषधी है।

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आयुर्वेद के अनुसार उदर रोगों के लिए वात, पित्त और कफ तीनों दोष जिम्मेदार होते है। शंख भस्म त्रिदोषों को शांत कर अम्लपित्त से जुड़ी गंभीर स्थितियों को समाप्त कर सकता है।

शंख भस्म आयुर्वेद से जुड़ा एक सशक्त उपाय है, जिसे शंख से निर्मित किया जाता है। शंख भस्म की रासायनिक संरचना की बारें में बात करें, तो इसमें 90-95% कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO3) होता है।

शंख भस्म पाचक और दीपन है। यह आम दोष को दूर कर स्रोतों को साफ रखने में सहायक है।

शंख भस्म अम्लीयता, दस्त की जरी लगना, चेहरे पर कील मुंहासे, भूख न लगना, यकृत वृद्धि, प्लीहा वृद्धि (Spleen Inlargement), बदहजमी, उदरशूल, पेट की सूजन, गैस, खट्टी डकारें, अल्सर, पीलिया और GERD (गैस्ट्रोसोफेजिअल रिफ्लक्स डिजीज) जैसे रोगों का एक स्थायी इलाज हो सकता है।

शंख भस्म शीतलक और एंटासिड गुणों से परिपूर्ण होता है।

शंख भस्म निम्न कंपनी व ब्रांड के नाम से प्रचलित है।

  • Dabur Shankh Bhasma
  • Baidyanath Shankh Bhasma
  • Patanjali Divya Shankh Bhasma

शंख भस्म कैसे काम करती है?

  • शंख भस्म एक क्षारीय संरचना है, जो HCL (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल) को निष्क्रिय कर पेट की जलन और एसिडिटी से राहत देता है।
  • पाचन में बाधा उत्पन्न होने के कारण भोजन के कण AMA नामक विषाक्त पदार्थों में बदल जाते है, जिससे अम्लता का PH कम होता है और एसिड की मात्रा बढ़ जाती है। शंख भस्म भोजन को पाचित कर AMA पदार्थों को शरीर से खत्म करने का कार्य करता है, जो अक्सर सीने की जलन और अपच के साथ जुड़े हो सकते है।
  • शंख भस्म पेट की उत्तेजित मांसपेशियों को शिथिल कर पेट की ऐंठन या दर्द का सिरे से इलाज करता है। यह पित्त उत्पत्ति को काबू में कर उदर विस्तार और भोज्य नफरत को दूर करने में कारगर है।
  • शंख भस्म यकृत से स्रावित होने वाले पाचक रसों की आवश्यक मात्रा का ही उत्सर्जन करता है। यकृत और तिल्ली की वृद्धि में यह दवा बेहद गुणकारी साबित होती है।
  • शंख भस्म अपच और दस्त की आमजनी को दूर करने तथा कील मुंहासों से छुटकारा पाने के लिए एक आसान उपचार है। यह दवा आंतरिक गर्मी को सुनिश्चित कर मुँह के छालों के लिए भी प्रयुक्त की जा सकती है।
  • शंख भस्म में कैल्शियम की उपस्थिति एक अच्छी बोन हेल्थ का प्रमाण है।

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शंख भस्म के उपयोग व फायदे – Shankh Bhasma Uses & Benefits in Hindi

शंख भस्म को निम्न अवस्था व विकार में सलाह किया जाता है। शंख भस्म का उपयोग विशेषज्ञ की निगरानी में करना उचित है।

  • पेप्टिक अलसर
  • खांसी
  • अपच
  • पतली दस्त
  • कील मुंहासे
  • अति अम्लता
  • उदर विस्तार
  • वायु ऊपर चढ़ना
  • पेट फुलाव
  • सूजन
  • भूख में गिरावट
  • यकृत वृद्धि
  • प्लीहा वृद्धि
  • खट्टी डकार
  • पेट दर्द (उदरशूल)
  • पेट में जलन
  • कैल्शियम की कमी
  • कमजोर पाचन प्रणाली

शंख भस्म के दुष्प्रभाव – Shankh Bhasma Side Effects in Hindi

निम्न साइड एफ़ेक्ट्स शंख भस्म के कारण हो सकते है। आमतौर पर साइड एफ़ेक्ट्स शंख भस्म से शरीर की अलग प्रतिक्रिया व गलत खुराक से होते है और सबको एक जैसे साइड एफ़ेक्ट्स नहीं होते है। अत्यंत शंख भस्म से दुष्प्रभाव में डॉक्टर की सहायता लें।

  • कब्ज
  • जीभ पर घाव
  • त्वचा पर दरारें
  • अनिद्रा

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शंख भस्म की खुराक – Shankh Bhasma Dosage in Hindi

  • खुराक डॉक्टर द्वारा शंख भस्म की रोगी की अवस्था अनुसार दी जाती है। इसलिए शंख भस्म का सेवन डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लेने के बाद शुरू करें।
  • आयुर्वेद चिकित्सा के अनुसार एक सामान्य वयस्क के लिए, शंख भस्म की खुराक दिन में 125-500mg तक सुरक्षित है। खुराक की इतनी मात्रा को सुबह-शाम दो टुकड़ों में विभाजित कर के लिया जा सकता है।
  • 5 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों में, शंख भस्म की रोजाना खुराक 60gm तक देना उपयुक्त है।
  • छोटे शिशुओं में शंख भस्म की खुराक को कम करते हुए 10-30mg का इसका उपयोग योग्य होता है, पर बाल-चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।
  • शंख भस्म को अधिकतम दैनिक खुराक 1000mg सुनिश्चित की गयी है। हर व्यक्ति के मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर इस दवा की खुराक में कम या ज्यादा का फासला आ सकता है।
  • शंख भस्म को शहद के साथ भी लिया जा सकता है। शंख भस्म की खुराक में बदलाव के लिए निजी निर्णय न लें।
  • एक खुराक छूट जाये, तो निर्धारित शंख भस्म का सेवन जल्द करें। अगली खुराक शंख भस्म की निकट हो, तो छूटी खुराक ना लें।

सावधानियां – Shankh Bhasma Precautions in Hindi

निम्न सावधानियों के बारे में शंख भस्म के सेवन से पहले जानना जरूरी है।

किसी अवस्था से प्रतिक्रिया

निम्न अवस्था व विकार में शंख भस्म से दुष्प्रभाव की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए जरूरत पर, डॉक्टर को अवस्था बताकर ही शंख भस्म की खुराक लें।

  • अतिसंवेदनशीलता
  • गर्भावस्था

भोजन के साथ प्रतिक्रिया

शंख भस्म की भोजन के साथ प्रतिक्रिया की जानकारी अज्ञात है।

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Shankh Bhasma FAQ in Hindi

1) क्या शंख भस्म रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक हो सकता है?

उत्तर: रोगों से एक बार निपटारा पाना ही मुसीबत का अंत नहीं होता है। कुछ बड़े या पुराने विकारों को ठीक करने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता का विस्तार भी आवश्यक होता है। शंख भस्म रोगों से छुटकारा तो दिलाता ही है और साथ ही, प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार कर शरीर को रोगों से लड़ने के काबिल भी बनाता है।

2) क्या शंख भस्म शारीरिक तापमान को सामान्य करने में सहायक है?

उत्तर: आंतरिक अंगों में एसिडिटी के कारण उत्तेजना या बर्बरता से बीमार होने का आभास होता है। इस बीच शरीर के तापमान में बदलाव महसूस होने लगता है। शंख भस्म के मात्र कुछ दिन सेवन से पेट की तबीयत में अनोखा सुधार होता है और शरीर अपने सामान्य तापमान स्तर को पकड़ लेता है।

3) क्या शंख भस्म भूखे पेट सुरक्षित है?

उतर: शंख भस्म क्षारीय प्रकृति का होता है। अम्लता की अधिकता में इसे भूखे पेट लेने से भोजन-नली में क्षति हो सकती है। शंख भस्म को हमेशा भोजन के तुरंत बाद लेने की नसीहत दी जाती है। भूखे पेट इस भस्म की खुराक लेने से बचें।

4) क्या शंख भस्म जॉइंट दर्द के निवारण में सहायक है?

उत्तर: शंख भस्म का मुख्य लक्ष्य पेट की बीमारियों को भगाना है। इस भस्म में कैल्शियम की मौजूदगी से संकेत मिलता है, कि यह हड्डियों को मजबूत करने के लिए काफी अच्छा उपाय हो सकता है। लेकिन इसमें एनाल्जेसिक गुणों की कमी होने के कारण यह भस्म जॉइंट दर्द (गठिया) में इतनी लाभदायक नहीं है। इस विषय में ज्यादा जानकारी हेतु आप अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य ले सकते है।

5) क्या शंख भस्म गर्भवती महिलाओं में सुरक्षित है?

उत्तर: गर्भवती महिलाओं को इस भस्म से मामूली दुष्प्रभाव हो सकते है, जो समय के साथ स्वतः ही समाप्त हो जाते है। लेकिन गंभीर दुष्प्रभावों से बचने के लिए इस दवा की खुराक से पहले गर्भवती महिलाओं को डॉक्टरी मत की आवश्यकता है।

6) क्या शंख भस्म मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर सकता है?

उत्तर: शंख भस्म की विशेषता है, कि यह प्राकृतिक क्रियाओं में बाधा पैदा नहीं करता है। मासिक धर्म चक्र भी हर माह होने वाले प्राकृतिक चक्र है। इस विषय में सफल परिणाम हेतु मासिक धर्म चक्र से जुड़े चिकित्सक की सलाह अवश्य ली जा सकती है।

7) क्या शंख भस्म स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित है?

उत्तर: स्तनपान कराने वाली महिलाएं इस भस्म को लेने के लिए स्वतंत्र है, क्योंकि अमूनन देखा गया है कि ऐसी महिलाओं में इस दवा का कोई दुष्प्रभाव नहीं है।

8) क्या शंख भस्म की खुराक से इसकी आदत लग सकती है?

उत्तर: नशा और आदत दोनों एक दूसरे के ऊपर निर्भर है। नशेदार पदार्थ की हमेशा जल्दी आदत लगती है। यह भस्म नशीली प्रकृति की नहीं है, इसलिए इसकी आदत नहीं लगती है। लंबे समय तक इस भस्म को लेने की आवश्यकता होने पर आयुर्वेदिक चिकित्सक का परामर्श अवश्य लें।

9) क्या शंख भस्म एल्कोहोल के साथ सुरक्षित है?

उत्तर: एल्कोहोल के साथ यह भस्म अज्ञात व्यवहार दर्शाती है। हर किसी की अलग मेडिकल स्थिति के कारण इस भस्म की भूमिका भी अलग हो सकती है। इस बारें में कोई पुख्ता जानकारी हासिल न होने के कारण, इस विषय में आप अपने चिकित्सक की राय ले सकते है।

10) क्या शंख भस्म की खुराक के बाद गाड़ी चलाना सुरक्षित है?

उत्तर: ड्राइविंग के साथ यदि आपको नींद, उनींदापन, चक्कर या उल्टी की परेशानी है, तो इस दवा की खुराक के बाद ड्राइविंग न करें। यह दवा सीधे पेट पर अपना असर दिखाती है।

11) क्या शंख भस्म नपुंसकता के इलाज में सहायक है?

उत्तर: नहीं, शंख भस्म नपुंसकता के इलाज में मददगार नहीं है। यह यौन दुर्बलताओं को दूर करने में असमर्थ है।

12) क्या शंख भस्म भारत में लीगल है?

उत्तर: हाँ, यह भस्म भारत में पूर्णतया लीगल है।

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Editorial Team

रवि कुमावत हेल्थ पर लेख लिखते है। शिक्षा अनुसार रवि फर्मासिस्ट है और इन्हें किताबे पढ़ने और क्रिकेट में रुचि है। पिछले कुछ सालों से रवि ने स्वास्थ्य और इससे जुड़े उत्पादों पर लिखकर अपनी अहम भूमिका दी है।