Sanjivani Vati

संजीवनी वटी के फायदे, नुकसान, खुराक, सावधानी, उपयोग विधि | Sanjivani Vati in Hindi

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संजीवनी वटी क्या है?

संजीवनी वटी के नामकरण से ही ज्ञात होता है कि यह दवा एक-दो बीमारियों से नहीं बल्कि हमारे स्वास्थ्य को अनेक बीमारियों से मुक्ति दिला सकती है।

इस दवा में विषरोधी गुण होते है, जो हर प्रकार की विषाक्ता से लड़ने में सक्षम होती है चाहे वो सांप या अन्य जहरीले जानवरों के काटने से फैलने वाला विष हो या भोजन से होने वाली विषाक्त स्थिति (Food Poisoning) हो।

इस दवा को हर प्रकार के बुखार व मूत्र से जुड़ी शिकायतों में इस्तेमाल किया जाना बेहद फायदेमंद सिद्ध हो सकता है।

वात और कफ के बढ़ने तथा पित्त के कम होने से पैदा होने वाले समस्त लक्षणों को ठीक करने में इस दवा को महारत हासिल है।
आम दोषों जैसे बुखार, सर्दी, खाँसी, जुखाम, सूजन आदि में संजीवनी वटी का उपयोग बेहद फायदेमंद होता है।

पतंजलि, डाबर व बैद्यनाथ संजीवनी वटी के बड़े निर्माता व विक्रेता है।

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नामSanjivani Vati
संरचना (Composition)हरीतकी + सोंठ + विभितकी + गिलोय + बच + वत्सनाभ + विडंग + पिप्पली + आँवला + भल्लाटक + गौमूत्र
कीमत (Price)37 रुपये ( 80 Tablets)

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संजीवनी वटी के उपयोग व फायदे – Sanjivani Vati Benefits & Uses in Hindi

इस दवा से निम्नलिखित फायदें हो सकते है।

पाचन तंत्र को सुधारने में सहायक

पाचक रसों के असंतुलन की वजह से भोजन के पचने की प्रक्रिया बाधित होती है, इससे कब्ज, एसिडिटी, अतिसार, दस्त आदि समस्याएं हो सकती है। इस कारण पाचन तंत्र कमजोर होने लगता है। यह दवा यकृत के कार्य को ठीक कर पित्तरस के उत्पादन को बढ़ाती है, जिससे आंत का कार्य आसान होता है और पाचन क्रिया में सुधार होता है। इसके फलस्वरूप पाचन तंत्र मजबूत होता है।

बुखार से छुटकारा

यह दवा शरीर की गर्मी को नियंत्रित कर पसीने को बढ़ाती है, जिससे पसीने के साथ शरीर की अशुद्धियां भी बाहर निकल जाती है और शरीर से विषाक्ता कम होती है। इसके अलावा यह सर्दी, खाँसी व जुखाम जैसे सहयोगी लक्षणों से भी छुटकारा दिला सकती है।

मूत्र रोग के संदर्भ में बेहद लाभकारी उपाय

मूत्र की कमी से गुर्दे पर दबाव पड़ सकता है। इस दवा के सेवन से शरीर में पानी की मांग बढ़ने लगती है, जिससे मूत्र में वृद्धि होती है और मूत्र साफ आने लगता है। यह दवा मूत्र मार्ग की सूजन को दूर करके भी कार्य कर सकती है।

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रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में गुणकारी

सूक्ष्म जीवों को बढ़ने से रोकने वाले या खत्म करने वाले घटक इस दवा में मौजूद है, जिस कारण यह प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार कर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकती है।

मानसिक विकारों से निजात

छोटे-मोटे मानसिक विकारों जैसे अनिद्रा, तनाव, अवसाद, चिंता आदि दूर कर यह दवा मस्तिष्क को शांति प्रदान करने में मददगार है। इस दवा द्वारा मिर्गी या बेहोशी के मामलों पर भी काबू पाया जा सकता है।

संजीवनी वटी के दुष्प्रभाव – Sanjivani Vati Side Effects in Hindi

इस दवा से किसी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं होता है, हालांकि इसकी अधिक खुराक लेने पर पेट में जलन महसूस हो सकती है जो इसकी पित्त की प्रधानता का एक उदाहरण है।

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संजीवनी वटी की खुराक – Sanjivani Vati Dosage in Hindi

खुराक विशेषज्ञ द्वारा Sanjivani Vati की रोगी की अवस्था अनुसार दी जाती है। इसलिए Sanjivani Vati का उपयोग विशेषज्ञ से सलाह लेने के बाद शुरू करें।

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संजीवनी वटी की खुराक दिन में सुबह-शाम एक से दो टैबलेट ली जानी फायदेमंद साबित होती है। इस दवा को कितने समय तक लेना है, इसकी जानकारी एक अच्छे आयुर्वेदिक चिकित्सक से लें।

छोटे बच्चों में इसकी खुराक चिकित्सक की सलाह पर दी जानी चाहिए।

सावधानियां – Sanjivani Vati Precautions in Hindi

निम्न सावधानियों के बारे में Sanjivani Vati के उपयोग से पहले जानना जरूरी है।

किसी अवस्था से प्रतिक्रिया

निम्न अवस्था व विकार में Sanjivani Vati से दुष्प्रभाव की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए जरूरत पर, विशेषज्ञ को अवस्था बताकर ही Sanjivani Vati की खुराक लें।

  • गर्भावस्था
  • पित्त वृद्धि
  • हाथ व पैरों में जलन
  • पेट में सूजन
  • एलर्जी

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Sanjivani Vati FAQ in Hindi

1) Sanjivani Vati को लेने का सबसे अच्छा समय कौनसा है?

उत्तर: इसे सुबह-शाम भोजन के बाद लेना सबसे उपयुक्त साबित होता है।

2) क्या Sanjivani Vati गर्भावस्था के लिए सुरक्षित है?

उत्तर: गर्भावस्था के लिए इस दवा का व्यवहार अज्ञात है, इसलिए गर्भवती महिलाएं इसे डॉक्टर की मंजूरी के बिना बिल्कुल इस्तेमाल न करें।

3) क्या Sanjivani Vati दिमागी सजगता को प्रभावित कर सकती है?

उत्तर: नहीं, यह दवा दिमागी सजगता को प्रभावित नहीं करती है। इसकी खुराक लेने के बाद एकाग्रता वाला कार्य किया जा सकता है।

4) क्या Sanjivani Vati मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर सकती है?

उत्तर: यह दवा का मासिक धर्म चक्र पर असर दिखने पर इसे लेना बंद करें तथा इसे पुनः शुरू करने के लिए अपने निजी मासिक धर्म चक्र से जुड़े चिकित्सक का परामर्श लें।

5) क्या Sanjivani Vati आदत बन सकती है?

उत्तर: नहीं, इस दवा को लेने से यह आदत नहीं बनती है। यह नशेदार घटकों से रिक्त है तथा इसे लगातार 3 महीनों से ज्यादा इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

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6) क्या Sanjivani Vati त्रिदोष को संतुलित कर सकती है?

उत्तर: हाँ, इस दवा द्वारा त्रिदोषों में संतुलन बिठाया जा सकता है। यह दवा वात और कफ को कम करती है तथा पित्त में वृद्धि करती है।

7) क्या Sanjivani Vati मधुमेह के मामलों में सुरक्षित है?

उत्तर: हर प्रकार के मधुमेह की स्थिति में इस दवा का असर कैसा हो सकता है, इसकी जानकारी किसी अच्छे चिकित्सक से प्राप्त करें।

8) क्या Sanjivani Vati भारत में लीगल दवा है?

उत्तर: हाँ, यह दवा भारत में पूर्णतया लीगल है। इसे आयुर्वेदिक स्टोर से बिना डॉक्टर की पर्ची के खरीदा जा सकता है।

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