पुनर्नवासव: नुकसान, फायदे, खुराक, उपयोग | Punarnavasavam in Hindi

पुनर्नवासव क्या है? – What is Punarnavasavam in Hindi

पुनर्नवासव एक आसव विधि द्वारा बनाई गई हर्बल और आयुर्वेदिक दवा हैं, जो Diuretic (मूत्रवर्धक) का कार्य करती हैं। यह दवा शरीर को विकार मुक्त बनाकर सामान्य कामकाज को निरंतर बनाये रखती हैं। लीवर और किडनी की दुर्बलता, सूजन, कमजोर हृदय, बुखार, एसिडिटी, जल भराव आदि सभी विकारों में सुधार कर यह दवा शरीर को एक मजबूत स्वास्थ्य प्रदान करती हैं।

मौखिक रूप में इस्तेमाल इस दवा को अनेक आयुर्वेदिक कम्पनियां अलग-अलग पहचान के साथ बाजार में मुहैया करवाती हैं। सूजन के ज्यादा देर तक बनें रहने से किड़नी खराब होने के आसार बढ़ जाते हैं, इस स्थिति में यह दवा एक सुरक्षित विकल्प बनकर उभरती हैं।

साथ ही, इस दवा में 5-10% प्राकृतिक एल्कोहोल पहले से उपस्थित होता हैं, जो स्वास्थ्य सुधारक के रूप में कार्य करता हैं।

पुनर्नवासव के घटक – Punarnavasavam Ingredient in Hindi

निम्न घटक Punarnavasavam में होते है।

सौंठ + कालीमिर्च + नीम की अंतरछाल + धाय के फूल + आंवला + एरंड की जड़ + अड़ूसा के पत्ते + पीपल + हरड़ + बहेड़ा + दारूहल्दी + गोखरू + छोटी कटेली + बड़ी कटेली +  कुटकी + गजपीपल + पुनर्नवा + गिलोय + सूखी मूली + धमासा + पटोलपत्र + मुनक्का + मिश्री + शहद

Punarnavasavam कैसे काम करती है?

यह दवा जल भराव के लिए जिम्मेदार गतिविधियों को नियंत्रित कर मूत्रवर्धक का कार्य करती हैं, और उत्पन्न विकारों का इलाज करती हैं। किड़नी में ज्यादा सूजन को कम करने के लिए, यह दवा अनावश्यक जमा हुए द्रव्य को मूत्र की सहायता से शरीर के बाहर निष्कासित करती हैं और किडनी को खराब होने से बचाती हैं।

दवा में उपस्थित कुछ घटकों में Analgesic गुण पाया हैं, जो बुखार को कम कर बुखार-नाशक का कार्य करते हैं। शहद में शीतलता प्रदान करने का गुण होता हैं जो शारीरिक जलन से राहत प्रदान हेतु मददगार हैं। यह दवा पेट की अम्लता और अन्य प्रकार की समस्याओं के समाधान हेतु पाचन तंत्र को मजबूत बनाकर भी कार्य करती हैं।

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पुनर्नवासव के उपयोग व फायदे – Punarnavasavam Uses & Benefits in Hindi

Punarnavasavam को निम्न अवस्था व विकार में डॉक्टर द्वारा रोगी को सलाह किया जाता है। Punarnavasavam का सेवन डॉक्टर से व्यक्तिगत सलाह बिना लिए ना करें।

  • उदर रोगों से छुटकारा
  • लीवर की कुशलता बढ़ाने में फायदेमंद
  • बुखार-नाशक
  • आंतरिक सूजन का समाधान
  • गुर्दे की पथरी को मिटाने में सहायक
  • हृदय को प्रबल बनाने में उपयोगी
  • जल भराव से होने वाले रोगों का उपचार
  • एसिडिटी में लाभकारी
  • तिल्ली बढ़ोत्तरी के रोकथाम
  • उचित पित्त प्रवाह में मददगार
  • यकृत की कोशिकाओं को सुरक्षा प्रदान करना
  • सिरोसिस और हेपेटाइटिस का निराकरण
  • पेट में टयूमर (Gulma) का इलाज
  • लीवर की दुर्बलता दूर करने में फायदेमंद

पुनर्नवासव के दुष्प्रभाव – Punarnavasavam Side Effects in Hindi

एक बेहतरीन आयुर्वेदिक दवा होने की वजह से इसके फायदों की तुलना में नुकसान ना के बराबर हैं। अतिसंवेदनशीलता की स्थिति में इस दवा के सेवन में थोड़ी सावधानी बरती जानी आवश्यक हैं, क्योंकि इससे अल्पकालिक लक्षण पैदा हो सकते हैं। ऐसा सिर्फ हज़ारों में से एक-दो अपवादों के लिए सम्भव होता हैं।

निम्न साइड एफ़ेक्ट्स Punarnavasavam के कारण हो सकते है। आमतौर पर साइड एफ़ेक्ट्स Punarnavasavam से शरीर की अलग प्रतिक्रिया व गलत खुराक से होते है और सबको एक जैसे साइड एफ़ेक्ट्स नहीं होते है। अत्यंत Punarnavasavam से दुष्प्रभाव में डॉक्टर की सहायता लें। इनके अलावा भी अन्य साइड एफ़ेक्ट्स Punarnavasavam से हो सकते है।

  • सूजन का स्थिर रहना
  • हल्का सिरदर्द
  • उल्टी
  • चक्कर
  • भूख न लगना
  • नींदापन

पुनर्नवासव की खुराक – Punarnavasavam Dosage in Hindi

  • पुनर्नवासव पूर्णतया हर्बल हैं, जिसकी खुराक शुरू करने के लिए आयुर्वेदिक डॉक्टर का पूरा सहयोग लेना उचित होता हैं।
  • हर स्थिति से निपटने के लिए दवा की खुराक अहम होती हैं।
  • इसकी खुराक का निर्धारण डॉक्टर द्वारा किया जाना अच्छा होता हैं।
  • एक सामान्य आयु के व्यक्ति में प्रतिदिन इसकी खुराक 12-24ml करना बेहतरीन परिणामदायक साबित होता हैं।
  • बच्चों में भी इसकी खुराक सुरक्षित होती हैं, लेकिन हर जटिलताओं से बचने हेतु बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह लाभकारी होती हैं।
  • दिन में इसकी खुराक पानी के साथ बराबर मात्रा में मिलाकर दो बार किया जाना चाहिए।
  • खुराक भूलने की स्थिति में एक अलार्म या घर के किसी सदस्य को इसकी खुराक याद दिलाने का जिम्मा सौंपा जाना चाहिए।
  • छूटी खुराक को लेने में ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।
  • ओवरडोज़ का पता लगते ही खुराक बंद कर चिकित्सा सुविधा ली जानी चाहिए।

Punarnavasavam FAQ in Hindi

1) क्या पुनर्नवासव गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं?

उत्तर: यह दवा सिर्फ अपने काम पर ध्यान देती हैं और हर्बल उत्पादों से बनी होने के कारण यह दवा स्वास्थ्य सहयोगी भी होती हैं। गर्भावस्था में भी इसका इस्तेमाल बिना संकोच किया जा सकता हैं, लेकिन हर परेशानियों से बचने हेतु इस बारें में अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लेवें।

2) क्या पुनर्नवासव मासिक धर्म चक्र को प्रभावित करती हैं?

उत्तर: मासिक धर्म जैसी प्राकृतिक गतिविधियों को यह दवा प्रभावित नहीं करती हैं। इस विषय में मासिक धर्म चक्र से जुड़ी हर जानकारी के लिए डॉक्टरी निर्भरता उचित हैं।

3) क्या पुनर्नवासव एल्कोहोल के साथ सुरक्षित हैं?

उत्तर: इस हर्बल और आयुर्वेदिक दवा को एल्कोहोल के साथ सेवन करने से परहेज किया जाना चाहिए। इन दोनों का साथ में सेवन करने से कुछ विपरीत परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।

4) पुनर्नवासव का असर कितने समय में दिखना शुरू हो जाता हैं?

उत्तर: इसकी खुराक को पूरी समझ के साथ शुरू करने के बाद एक या दो प्रारंभिक सप्ताहों में इसका असर महसूस होना शुरू हो जाता हैं। हालांकि बीमारी को ठीक होने में थोड़ा समय लग सकता हैं लेकिन इसका कॉर्स पूरा लिया जाना चाहिए।

5) क्या पुनर्नवासव की खुराक के बाद गाड़ी चलाना सुरक्षित हैं?

उत्तर: यह दवा शरीर के सूचीबद्ध लक्षणों से राहत दिला कर शारीरिक कमजोरी और थकावट को भी करती हैं। इसी वजह से इसकी खुराक के बाद गाड़ी चलाना एकदम सुरक्षित हैं।

6) क्या पुनर्नवासव भारत में लीगल हैं?

उत्तर: हां, यह एक बेहतरीन आयुर्वेदिक दवा होने के कारण भारत में पूर्णतया लीगल हैं।

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