पुनर्नवारिष्ट: लाभ, नुकसान, खुराक, साइड एफ़ेक्ट्स, उपयोग, सावधानी | Punarnavarishta in Hindi

पुनर्नवारिष्ट
नाम (Name)Punarnavarishta (पुनर्नवारिष्ट)
संरचना (Composition)सफेद पुनर्नवा + रक्त पुनर्नवा + गिलोय + वासा + चित्रक + कंटकारी + बला + नागकेशर + इलायची + दालचीनी + तेजपत्र + कालीमिर्च + गुड़ + शहद + पाठा
दवा-प्रकार (Type of Drug)आयुर्वेदिक दवा
उपयोग (Uses)एनीमिया, एडिमा, उच्च रक्तचाप, पीलिया, डेंगू बुखार आदि
दुष्प्रभाव (Side Effects)दस्त, बेचैनी, उल्टी, उनींदापन आदि
ख़ुराक (Dosage)डॉक्टरी सलाह अनुसार
किसी अवस्था पर प्रभावमधुमेह, अतिसंवेदनशीलता
खाद्य पदार्थ से प्रतिक्रियाअज्ञात
अन्य दवाई से प्रतिक्रियाअज्ञात

पुनर्नवारिष्ट क्या है? – What is Punarnavarishta in Hindi

Punarnavarishta (पुनर्नवारिष्ट) एक पॉली हर्बल आयुर्वेदिक सूत्रीकरण है। पुनर्नवारिष्ट मानव स्वास्थ्य को कष्टरहित कर दीर्घायु का वरदान देती है।

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पुनर्नवारिष्ट के तत्वों में शीघ्र अवशोषित होने की शक्ति होती है, जो इस दवा में मौजूद 5 से 7% प्राकृतिक एल्कोहोल पर निर्भर होती है।

पुनर्नवारिष्ट जिगर की समस्याओं, एनीमिया, सूजन, मूत्र रोगों, गुर्दे की बीमारियों, हृदय विकारों, तिल्ली (Spleen) की परेशानियों, पेचिश, कुष्ठ रोग, दमा, बवासीर, त्वचा विकारों, वीर्य दोष और वात-पित्त दोष जैसी अन्य कई स्थितियों के उपचार में सहयोगी है।

पुनर्नवारिष्ट को तरल रूप में मौखिक मार्ग द्वारा ग्रहण किया जाता है और इसमें हल्के दर्दनिवारक गुण भी शामिल होते है, जो हर प्रकार के दर्द में राहतकारी है।

ऐसे तो, पुनर्नवारिष्ट को स्वयं लेना शुरू किया जा सकता है, लेकिन इसमें शर्करा की उपस्थिति होने की वजह से मधुमेह के रोगियों में डॉक्टरी मत की आवश्यकता पड़ सकती है।

अतिसंवेदनशीलता और एलर्जी के मामलों में इस दवा को परहेज किया जाना चाहिए। डाबर बैद्यनाथ पुनर्नवारिष्ट के 2 बड़े निर्माता है।

पुनर्नवारिष्ट की संरचना – Punarnavarishta Composition in Hindi

निम्न घटक पुनर्नवारिष्ट में होते है।

सफेद पुनर्नवा + रक्त पुनर्नवा + गिलोय + वासा + चित्रक + कंटकारी + बला + नागकेशर + इलायची + दालचीनी + तेजपत्र + कालीमिर्च + गुड़ + शहद + पाठा

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पुनर्नवारिष्ट कैसे काम करती है?

  • पुनर्नवारिष्ट में एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण निहित होते है, जिसके कारण यह दवा संक्रमण आधारित लक्षणों से पीछा छुड़ाने का कार्य करती है।
  • पुनर्नवारिष्ट में एंटी-हाइपरटेंसिव गुण भी होते है, जो तनाव को कम कर उच्च रक्तचाप के जोखिमों को कम करने में कारगर साबित होता है। उच्च रक्तचाप हृदय रोगों का जन्मदाता है, इसलिए यह दवा हृदय रोगों में भी कहीं न कहीं प्रभावी साबित होती है।
  • पुनर्नवारिष्ट शरीर की मूलभूत इकाइयों में से एक ‘लाल रक्त कोशिकाओं’ के बनने में मदद करता है। यह एनीमिया का उपचार कर शारीरिक कमजोरी और पाचन क्रिया को ठीक करने का कार्य करता है।
  • पुनर्नवारिष्ट रक्त में यूरिक एसिड के स्तर में सुधार करने और गुर्दे द्वारा यूरिक एसिड की रिहाई को बढ़ाने का सफल कार्य करता है, जिससे गाउट जैसी समस्या का इलाज संभव होता है।
  • पुनर्नवारिष्ट मूत्र वर्धक के रूप में कार्य कर शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर फेंकने का कार्य करता है। इससे किड़नी पर पड़ने वाला दबाव और सूजन स्वतः ही कम होने लगती है। पुनर्नवारिष्ट किड़नी और लीवर की कार्यप्रणाली के बेहतर रखरखाव में सहायक बनता है।

पुनर्नवारिष्ट के उपयोग व फायदे – Punarnavarishta Uses & Benefits in Hindi

पुनर्नवारिष्ट को निम्न अवस्था व विकार में सलाह किया जाता है। पुनर्नवारिष्ट का सेवन डॉक्टर से व्यक्तिगत सलाह बिना लिए ना करें।

  • एनीमिया
  • एडिमा
  • उच्च रक्तचाप
  • संक्रमण
  • बवासीर
  • दमा
  • कुष्ठ रोग
  • पीलिया
  • डेंगू बुखार
  • भूख न लगना
  • पेचिश
  • कब्ज
  • लगातार हिचकी
  • पेट फुलाव
  • वीर्य दोष
  • मूत्र विकार
  • गुर्दे की समस्याएं
  • लीवर संबंधी विकार
  • तिल्ली (Spleen) से जुड़ी परेशानियां
  • वात और पित्त दोष

पुनर्नवारिष्ट के दुष्प्रभाव – Punarnavarishta Side Effects in Hindi

निम्न साइड एफ़ेक्ट्स पुनर्नवारिष्ट के कारण हो सकते है। आमतौर पर साइड एफ़ेक्ट्स पुनर्नवारिष्ट से शरीर की अलग प्रतिक्रिया व गलत खुराक से होते है और सबको एक जैसे साइड एफ़ेक्ट्स नहीं होते है।

  • पेट में हल्की जलन
  • दस्त
  • बेचैनी
  • उल्टी
  • उनींदापन

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पुनर्नवारिष्ट की खुराक – Punarnavarishta Dosage in Hindi

  • पुनर्नवारिष्ट की खुराक व्यक्ति की अवस्था अनुसार दी जाती है। इसलिए पुनर्नवारिष्ट का सेवन डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लेने के बाद शुरू करें।
  • एक सामान्य वयस्क के लिए, पुनर्नवारिष्ट की दैनिक खुराक 15 से 30ml निर्धारित है। इस दवा की दिन में दो बार खुराक लेना बेहद अच्छा कदम साबित हो सकता है।
  • बच्चों के लिए, पुनर्नवारिष्ट की खुराक दिन में 10ml तक सुरक्षित है। इस विषय में बाल रोग विशेषज्ञ की राय जरूर लें।
  • पुनर्नवारिष्ट की खुराक को विभाजित भागों में पानी की बराबर मात्रा मिलाकर लेना चाहिए।
  • पुनर्नवारिष्ट से एक अच्छा परिणाम पाने की चाह में इस दवा को 2-4 महीनों तक जारी रखने की जरूरत है।
  • पुनर्नवारिष्ट की अति या दुरुपयोग से बचें। इस दवा की खुराक में सुविधानुसार बदलाव न करें।
  • एक खुराक छूट जाये, तो निर्धारित पुनर्नवारिष्ट का सेवन जल्द करें। अगली खुराक पुनर्नवारिष्ट की निकट हो, तो छूटी खुराक ना लें।

सावधानियां – Punarnavarishta Precautions in Hindi

निम्न सावधानियों के बारे में पुनर्नवारिष्ट के सेवन से पहले जानना जरूरी है।

किसी अवस्था से प्रतिक्रिया

निम्न अवस्था व विकार में पुनर्नवारिष्ट से दुष्प्रभाव की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए जरूरत पर, डॉक्टर को अवस्था बताकर ही पुनर्नवारिष्ट की खुराक लें।

  • मधुमेह (Diabetes)
  • अतिसंवेदनशीलता (Hypersensitivity)

भोजन के साथ प्रतिक्रिया

पुनर्नवारिष्ट की भोजन के साथ प्रतिक्रिया की जानकारी अज्ञात है।

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Punarnavarishta FAQ in Hindi

1) क्या पुनर्नवारिष्ट पाचन शक्ति को बढ़ाने में सहायक है?

उत्तर: पुनर्नवारिष्ट पेट की अनचाही क्रियाओं को ठीक कर पाचन शक्ति को बढ़ाने में सहायक हो सकता है। अक्सर पेट की खराबी से पूरा शरीर अशांत हो जाता है, तो ऐसे समय के लिए पुनर्नवारिष्ट एक बेहद अच्छा विकल्प हो सकता है।

2) क्या पुनर्नवारिष्ट भूखे पेट लिया जाना सुरक्षित है?

उत्तर: पुनर्नवारिष्ट को हमेशा भोजन के बाद पानी के साथ लेने की सलाह दी जाती है। भूखे पेट इस दवा के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पेट की समस्या खड़ी हो सकती है। पुनर्नवारिष्ट के बारें में अधिक जानने के लिए आप अपने डॉक्टर की सलाह ले सकते है।

3) क्या पुनर्नवारिष्ट गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित है?

उत्तर: पुनर्नवारिष्ट में मौजूद घटकों की संख्या ज्यादा होती है और किसी न किसी घटक का दुष्प्रभाव गर्भवती महिला पर हो सकता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए, गर्भवती महिलाएं पुनर्नवारिष्ट के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की राय जरूर लें।

4) क्या पुनर्नवारिष्ट मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर सकता है?

उत्तर: नहीं, यह दवा मासिक धर्म चक्र को बिना प्रभावित किये अपना सक्रिय कार्य करती है। पुनर्नवारिष्ट शरीर की अच्छी सेहत के लिए आवश्यक जरूरतों को पूरा करता है। मासिक धर्म चक्र के दौरान, इस दवा की सुरक्षित जानकारी के लिए अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

5) क्या पुनर्नवारिष्ट स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित है?

उत्तर: स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इस दवा के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञ का परामर्श लेना चाहिए।

6) क्या पुनर्नवारिष्ट एल्कोहोल के साथ सुरक्षित है?

उत्तर: एल्कोहोल के साथ यह दवा उनींदापन की समस्या को बढ़ा सकती है। इस दवा में मौजूद प्राकृतिक एल्कोहोल के साथ रासायनिक एल्कोहोल का मिलन मस्तिष्क के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। इसलिए पुनर्नवारिष्ट के साथ एल्कोहोल को नजरअदांज किया जाना ही सुरक्षित है।

7) क्या पुनर्नवारिष्ट एक नशेदार दवा है?

उत्तर: नशे के गुणों से युक्त पदार्थ शरीर के लिए अनिवार्य बन जाते है। लेकिन पुनर्नवारिष्ट शरीर के लिए अनिवार्य दवा नहीं है, बल्कि इसे जरूरत के हिसाब शुरू या बंद किया जा सकता है। यह बस आयुर्वेद से जुड़ी एक वैकल्पिक दवा है।

8) क्या पुनर्नवारिष्ट की खुराक के बाद ड्राइविंग करना सुरक्षित है?

उत्तर: पुनर्नवारिष्ट ड्राइविंग क्षमता को प्रभावित नहीं करता है, लेकिन यह मदहोशी का कारण बन सकता है। इसलिए इस दवा की खुराक के बाद कुछ समय तक ड्राइविंग न करना ही ज्यादा बेहतर माना जाता है।

9) पुनर्नवारिष्ट का असर कितने समय में दिखता है?

उत्तर: इस आयुर्वेदिक दवा का असर कुछ मरीजों में जल्दी तथा कुछ मरीजों में विलंब से दिखता है। लेकिन एक औसत की बात करें, तो पुनर्नवारिष्ट से 2-3 सप्ताहों में लाभ मिलना प्राप्त हो जाता है।

10) क्या पुनर्नवारिष्ट यौन रोगों के इलाज में सहायक है?

उत्तर: यह दवा वीर्य से जुड़ी समस्याओं के इलाज में सहायक हो सकती है, लेकिन यौन दुर्बलताओं को भगाने के लिए इस दवा का इस्तेमाल डॉक्टर की मंजूरी अनुसार ही करें।

11) क्या पुनर्नवारिष्ट भारत में लीगल है?

उत्तर: हाँ, यह आयुर्वेदिक दवा भारत में पूर्णतया लीगल है और आसानी से हर आयुर्वेदिक स्टोर पर उपलब्ध होती है।

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