अर्जुनारिष्ट के लाभ, नुकसान, खुराक, साइड एफ़ेक्ट्स, उपयोग, सावधानी | Arjunarishta in Hindi

Arjunarishta in Hindi
नाम (Name)अर्जुनारिष्ट
संरचना (Composition)अर्जुन की छाल + धाय के फूल + द्राक्ष (अंगूर) + महुए के फूल + गुड़ + जल
दवा-प्रकार (Type of Drug)हर्बल दवा
उपयोग (Uses)उच्च रक्तचाप, फेफड़ो की कमजोरी, हृदय की तेज धड़कन, खाँसी आदि
दुष्प्रभाव (Side Effects)अज्ञात
ख़ुराक (Dosage)जरूरत अनुसार
किसी अवस्था पर प्रभावअतिसंवेदनशीलता
खाद्य पदार्थ से प्रतिक्रियाअज्ञात
अन्य दवाई से प्रतिक्रियाअज्ञात
कीमत (Price)औसतन 150 रुपये (450ml)

अर्जुनारिष्ट क्या है? – What is Arjunarishta in Hindi

अर्जुनारिष्ट कार्डियोप्रोटेक्टिव गुणों से परिपूर्ण एक आयुर्वेदिक औषधि है।

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आमतौर पर, स्वस्थ हृदय का समर्थन करने वाला मानव शरीर लंबी आयु तक बरकरार रहता है। अर्जुनारिष्ट विशेषकर हृदय स्वास्थ्य के रखरखाव का कार्य कर लम्बी उम्र का वरदान देता है।

अर्जुनारिष्ट सिरप के रूप में उपलब्ध होता है और बैद्यनाथ इसका प्रशिद्ध निर्माता है। अर्जुनारिष्ट का इस्तेमाल हृदय संबंधी मुद्दों को ठीक करने के लिए सदियों से एक उपाय के रूप में किया जा रहा है।

इस दवा पर, हर्बल कार्डियो टॉनिक की मोहर होने के बावजूद यह दवा अन्य रोगों जैसे कमजोरी, थकान, सांस की परेशानी, खाँसी, छाती में जकड़न, अत्यधिक पसीना, बेचैनी, गले की समस्या, अस्थमा, अतिरिक्त बलगम, वीर्य विकार आदि के उपचार में सहायक बन सकती है।

अर्जुनारिष्ट एक उत्कृष्ट एनाल्जेसिक, एंटी इन्फ्लेमेटरी और कफ-पित्त नाशक दवा है। मधुमेह, एलर्जी और अतिसंवेदनशीलता जैसे मामलों में अर्जुनारिष्ट के सेवन को परहेज किया जाना चाहिए।

अर्जुनारिष्ट की संरचना – Arjunarishta Composition in Hindi

निम्न घटक अर्जुनारिष्ट में होते है।

अर्जुन की छाल + धाय के फूल + द्राक्ष (अंगूर) + महुए के फूल + गुड़ + जल

अर्जुनारिष्ट कैसे काम करती है?

  • अर्जुन की छाल हृदय के वाल्व से मुक्त होने वाली प्रति मिनट रक्त की मात्रा, जिसे कार्डियक आउटपुट कहते है, इसमें सुधार करने का कार्य करती है। अर्जुन की छाल हृदय के लिए बेहद फायदेमंद सामग्री है, जो हाई ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रण में लाती है।
  • धाय के फूल दस्त के लक्षणों के इलाज में सहायता करते है। ये त्वचा के छिद्रों को अनावश्यक खुलने से रोकते है और खुले हुए छिद्रों को जल्दी भरते है, क्योंकि इससे त्वचा की आंतरिक परतों का सूर्य की विकिरणों के बुरे प्रभाव से बचाव होता है।
  • द्राक्ष मुक्त कणों की मौजूदगी को कम कर ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने का कार्य करता है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट है, जो चोट या संक्रमणों के कारण होने वाली सूजन को कम करने में सहायक हो सकता है।
  • महुए के फूल ब्रोंकाइटिस जैसी गंभीर स्थिति को ठीक करने में कारगर हो सकते है। ब्रोंकाइटिस में श्वास नलियों में सूजन एक जाती है, जिससे अत्यधिक बलगम बनता है और खांसी वगैरह शुरू हो जाती है। फिर धीरे-धीरे सांस लेने में तकलीफ और घबराहट महसूस होने लगती है। महुए के फूल सूजन को कम कर ब्रोंकाइटिस से शीघ्र आराम दिलाते है। महुए के फूलों का इस्तेमाल बुखार के इलाज हेतु भी किया जाता है।
  • गुड़ रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर को सुनिश्चित करता है। यह रक्त के प्रवाह को बेहतर करने में भी सहायक है।
  • इसके अलावा, यह दवा आंत के कीड़ों के विकास को अवरुद्ध कर कृमिनाशक के रूप में भी कार्यरत है।
  • अर्जुनारिष्ट मांसपेशियों की ऐंठन, दर्द और सूजन को कम कर मसल रिलैक्सेंट के रूप में मांसपेशियों की उत्तेजना को शिथिल करती है।

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अर्जुनारिष्ट के उपयोग व फायदे – Arjunarishta Uses & Benefits in Hindi

अर्जुनारिष्ट को निम्न अवस्था व विकार में सलाह किया जाता है।

  • हृदय की तेज धड़कन
  • उच्च रक्तचाप
  • ब्लॉकेज
  • कोलेस्ट्रॉल की समस्या
  • कफ और पित्त की परेशानी
  • मांसपेशियों की ऐंठन
  • छाती में जकड़न
  • अस्थमा
  • अत्यधिक बलगम
  • फेफड़ो की कमजोरी
  • खाँसी
  • थकान और कमजोरी
  • हार्ट अटैक
  • प्रजजन क्षमता में कमी
  • अनिद्रा

अर्जुनारिष्ट के दुष्प्रभाव – Arjunarishta Side Effects in Hindi

अर्जुनारिष्ट में शामिल आयुर्वेदिक घटक हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मित्रता का हाथ बढ़ाते है। अगर अर्जुनारिष्ट दवा को हर स्थिति में उचित ढंग से इस्तेमाल किया जाएं, तो यह दवा दुष्प्रभावों से रहित होती है। अर्जुनारिष्ट से जुड़ी सारी सुखद जानकारी के लिए आप डॉक्टर से व्यक्तिगत सलाह अवश्य लें।

अर्जुनारिष्ट की खुराक – Arjunarishta Dosage in Hindi

  • खुराक डॉक्टर द्वारा अर्जुनारिष्ट की रोगी की अवस्था अनुसार दी जाती है। इसलिए अर्जुनारिष्ट का सेवन डॉक्टर से सलाह लेने के बाद शुरू करें।
  • एक वयस्क के लिए, अर्जुनारिष्ट की दैनिक खुराक 10-25ml अनुशंसित है। इस खुराक को सुबह और रात्रि भोजन के बाद दो भागों में विभाजित करके इस्तेमाल करें।
  • 5 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों के लिए, अर्जुनारिष्ट की खुराक दिन में 5-10ml उचित है। बच्चों में अर्जुनारिष्ट का उपयोग करने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ की अनुमति अवश्य लें।
  • अर्जुनारिष्ट की खुराक को बीच में रोकने या बंद करने के लिए अपने चिकित्सक से संपर्क की आवश्यकता है। सुविधानुसार इस दवा की खुराक में बदलाव करने से भी बचें।
  • अर्जुनारिष्ट की दो खुराकों के बीच एक सख्त समय अंतराल का पालन करें, जिससे दवा की मौजूदगी शरीर में बनी रहें। एक साथ दो खुराक लेने के विचार को नजरअंदाज करें।
  • एक खुराक छूट जाये, तो निर्धारित अर्जुनारिष्ट का सेवन जल्द करें। अगली खुराक अर्जुनारिष्ट की निकट हो, तो छूटी खुराक ना लें।

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सावधानियां – Arjunarishta Precautions in Hindi

निम्न सावधानियों के बारे में अर्जुनारिष्ट के सेवन से पहले जानना जरूरी है।

किसी अवस्था से प्रतिक्रिया

निम्न अवस्था व विकार में अर्जुनारिष्ट से दुष्प्रभाव की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए जरूरत पर, डॉक्टर को अवस्था बताकर ही अर्जुनारिष्ट की खुराक लें।

  • गर्भावस्था
  • अतिसंवेदनशीलता

भोजन के साथ प्रतिक्रिया

अर्जुनारिष्ट की भोजन के साथ प्रतिक्रिया की जानकारी अज्ञात है।

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Arjunarishta FAQ in Hindi

1) क्या अर्जुनारिष्ट को खाली पेट लिया जा सकता है?

उत्तर: अर्जुनारिष्ट का पूरा लाभ पाने के लिए इसे भोजन के बाद गुनगुने पानी के साथ लेने की सलाह दी जाती है। कार्डियो टॉनिक को लेने में लापरवाही करने से दिल पर इसका उल्टा असर पड़ सकता है। इसलिए भूखे पेट की बजाए इस दवा को भोजन के बाद ही लें।

2) क्या अर्जुनारिष्ट की खुराक गर्भावस्था में लेना सुरक्षित है?

उत्तर: गर्भवती महिलाओं के साथ एक अन्य जिंदगी भी जुड़ी हुई होती है। गर्भवती महिला और शिशु के तंदुरुस्त स्वास्थ्य के लिए अर्जुनारिष्ट की खुराक से पहले चिकित्सक की सलाह लेना आवश्यक है।

3) क्या अर्जुनारिष्ट एल्कोहोल के साथ सुरक्षित है?

उत्तर: अर्जुनारिष्ट में एल्कोहोल की 6 से 12% मात्रा पहले ही उपलब्ध होती है। इस दवा को एल्कोहोल के साथ लेने से एल्कोहोल का प्रभाव मस्तिष्क पर बढ़ सकता है और भारी नशे का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अर्जुनारिष्ट के साथ एल्कोहोल की खुराक लेने से हमेशा बचना चाहिए।

4) अर्जुनारिष्ट का सेवन कब तक किया जाना उचित है?

उत्तर: अर्जुनारिष्ट की खुराक शुरू करने के बाद लगभग तीन महीनों तक इस दवा को लेने की सलाह दी जाती है। अर्जुनारिष्ट को इस अवधि से ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए अपने स्वास्थ्य विशेषज्ञ का परामर्श अवश्य लें।

5) अर्जुनारिष्ट की दो लगातार खुराकों के बीच कितना समय अंतराल होना आवश्यक है?

उत्तर: अर्जुनारिष्ट की खुराक को दिन में दो बार लेने की सलाह दी जाती है। इस हिसाब से, इस दवा की दो लगातार खुराकों के बीच कम से कम 8-10 घंटों का समय अंतराल होना आवश्यक है। इस आयुर्वेदिक दवा का असर हर व्यक्ति पर अलग-अलग हो सकता है।

6) अर्जुनारिष्ट को कैसे संग्रहित किया जाना चाहिए?

उत्तर: अर्जुनारिष्ट को प्रकाश और नमी से बचाकर ठंडी जगह पर स्टोर किया जाना चाहिए। इसे छोटे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुँच से भी दूर रखा जाना चाहिए।

7) क्या अर्जुनारिष्ट स्तनपान कराने वाली महिलाओं में सुरक्षित है?

उत्तर: स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इस दवा के विषय में सुरक्षा बरती जानी चाहिए। ऐसी महिलाओं में इस दवा की खुराक के लिए चिकित्सक की सलाह बेहद महत्व रखती है।

8) क्या अर्जुनारिष्ट एक नशेदार दवा है?

उत्तर: नहीं, अर्जुनारिष्ट के सेवन से इसकी आदत नहीं लगती है। यह दवा सेहत के विकास हेतु बेहद अच्छा किरदार निभाती है।

9) क्या अर्जुनारिष्ट की खुराक के बाद ड्राइविंग करना सुरक्षित है?

उत्तर: यदि अर्जुनारिष्ट से जुड़ा कोई भी घटक आपकी सेहत पर हावी होता हो, तो इस दवा की खुराक के बाद ड्राइविंग न करें। हालांकि यह दवा ड्राइविंग क्षमता को प्रभावित नहीं करती है और ज्यादातर समय इस दवा की खुराक के बाद ड्राइविंग की जा सकती है।

10) क्या अर्जुनारिष्ट मासिक धर्म चक्र को प्रभावित करता है?

उत्तर: इस विषय में ठोस जानकारी अज्ञात है। इसलिए अर्जुनारिष्ट की इस विषय में पूरी जानकारी के लिए अपने निजी मासिक धर्म चक्र से जुड़े चिकित्सक की सलाह जरूरी है।

11) क्या अर्जुनारिष्ट भारत में लीगल है?

उत्तर: हाँ, यह आयुर्वेदिक दवा भारत में पूर्णतया लीगल है। यह हर आयुर्वेदिक स्टोर और बहुत सारी ऑनलाइन साइट पर उपलब्ध है।

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